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दंपती हत्याकांड : छह दिन, तीन टीमें और नतीजा सिफर
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दंपती हत्याकांड : छह दिन, तीन टीमें और नतीजा सिफर
पुलिस रोजाना ही पर्दाफाश का कर रही दावा, अब तक पकड़ में नहीं आ सके बदमाश
सोखा को हिरासत में लिए जाने के बाद कई लोगों से पुलिस कर चुकी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर के आजाद चौक के महुईसुधरपुर के रविंद्र साहनी और उनकी पत्नी संगम की हत्या की गुत्थी सुलझ नहीं रही है। हत्याकांड के छह दिन गुजर गए हैं, मगर पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। वह भी तब, जब पर्दाफाश में पुलिस की अलग-अलग तीन टीम और क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर सोखा समेत चार लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा, जिससे हत्या की वजह और बदमाशों की जानकारी हो सके। हालांकि पुलिस अब भी जल्द पर्दाफाश होने का ही दावा कर रही है।
हत्या के दूसरे दिन ही पुलिस ने सोखा को हिरासत में लिया था। तब पता चला कि रकम के लेनदेन के चलते वारदात हुई। दोहरा हत्याकांड होने की वजह से पुलिस एक-एक तथ्यों को जुटाने में लगी है, ताकि सभी सवालों का जवाब दे सके। उधर, घरवालों ने भी दूसरे दिन इस बात की पुष्टि कर दी थी कि रुपये के लेनदेन का मामला है, लेकिन किससे है, इसकी सटीक जानकारी उनके पास भी नहीं है। एसएसपी डॉ. सुनील ने बताया कि पुलिस टीमें लगी है, जल्द ही पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
..
कॉल डिटेल ही सहारा
पुलिस के पास हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए कॉल डिटेल ही सहारा बचा था। उसकी मदद से ही पुलिस ने जांच शुरू की और फिर अगले दिन रविंद्र की बाइक भी बरामद कर ली गई। बातचीत के आधार पर ही उससे करीबी रिश्ते रखने वाले चार लोगों को हिरासत में भी लिया गया, लेकिन वे ही वारदात में शामिल थे, उसका कोई सबूत पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या में शामिल एक शख्स की तलाश में टीम दूसरे जिले में भी गई थी। हालांकि वह मिला नहीं।
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यह है प्रकरण
आठ मार्च की सुबह दंपती की भक्सा गांव के पास सर्जिकल ब्लेड से गला रेतकर हत्या कर फेंके गए शव मिले थे। मारे गए दंपती की पहचान महुईसुधरपुर निवासी रविंद्र साहनी (40) और उनकी पत्नी संगम (35) के रूप में हुई थी। तब रविंद्र की मां अमरावती ने बताया कि बहू संगम बृहस्पतिवार की शाम 4:30 बजे तबीयत खराब होने की बात कहकर दाउदपुर स्थित डॉक्टर के क्लीनिक पर जाने के लिए घर से निकली थी। उस आधार पर पुलिस तीन डॉक्टरों की क्लिनिक भी गई, मगर कुछ खास जानकारी नहीं हासिल हो पाई।
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दंपती हत्याकांड : छह दिन, तीन टीमें और नतीजा सिफर
पुलिस रोजाना ही पर्दाफाश का कर रही दावा, अब तक पकड़ में नहीं आ सके बदमाश
सोखा को हिरासत में लिए जाने के बाद कई लोगों से पुलिस कर चुकी पूछताछ
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। शहर के आजाद चौक के महुईसुधरपुर के रविंद्र साहनी और उनकी पत्नी संगम की हत्या की गुत्थी सुलझ नहीं रही है। हत्याकांड के छह दिन गुजर गए हैं, मगर पुलिस के हाथ अभी भी खाली हैं। वह भी तब, जब पर्दाफाश में पुलिस की अलग-अलग तीन टीम और क्राइम ब्रांच को भी लगाया गया है। पुलिस ने कॉल डिटेल के आधार पर सोखा समेत चार लोगों को हिरासत में लिया, लेकिन कोई ऐसा सुराग हाथ नहीं लगा, जिससे हत्या की वजह और बदमाशों की जानकारी हो सके। हालांकि पुलिस अब भी जल्द पर्दाफाश होने का ही दावा कर रही है।
हत्या के दूसरे दिन ही पुलिस ने सोखा को हिरासत में लिया था। तब पता चला कि रकम के लेनदेन के चलते वारदात हुई। दोहरा हत्याकांड होने की वजह से पुलिस एक-एक तथ्यों को जुटाने में लगी है, ताकि सभी सवालों का जवाब दे सके। उधर, घरवालों ने भी दूसरे दिन इस बात की पुष्टि कर दी थी कि रुपये के लेनदेन का मामला है, लेकिन किससे है, इसकी सटीक जानकारी उनके पास भी नहीं है। एसएसपी डॉ. सुनील ने बताया कि पुलिस टीमें लगी है, जल्द ही पर्दाफाश कर लिया जाएगा।
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कॉल डिटेल ही सहारा
पुलिस के पास हत्याकांड के पर्दाफाश के लिए कॉल डिटेल ही सहारा बचा था। उसकी मदद से ही पुलिस ने जांच शुरू की और फिर अगले दिन रविंद्र की बाइक भी बरामद कर ली गई। बातचीत के आधार पर ही उससे करीबी रिश्ते रखने वाले चार लोगों को हिरासत में भी लिया गया, लेकिन वे ही वारदात में शामिल थे, उसका कोई सबूत पुलिस के हाथ नहीं लग सका है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि हत्या में शामिल एक शख्स की तलाश में टीम दूसरे जिले में भी गई थी। हालांकि वह मिला नहीं।
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यह है प्रकरण
आठ मार्च की सुबह दंपती की भक्सा गांव के पास सर्जिकल ब्लेड से गला रेतकर हत्या कर फेंके गए शव मिले थे। मारे गए दंपती की पहचान महुईसुधरपुर निवासी रविंद्र साहनी (40) और उनकी पत्नी संगम (35) के रूप में हुई थी। तब रविंद्र की मां अमरावती ने बताया कि बहू संगम बृहस्पतिवार की शाम 4:30 बजे तबीयत खराब होने की बात कहकर दाउदपुर स्थित डॉक्टर के क्लीनिक पर जाने के लिए घर से निकली थी। उस आधार पर पुलिस तीन डॉक्टरों की क्लिनिक भी गई, मगर कुछ खास जानकारी नहीं हासिल हो पाई।