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सीएम के हॉस्प्टिल से जालसाजी करने वाले तीन गिरफ्तार

Sat, 30 Sep 2017 01:04 AM IST
Updated Sat, 30 Sep 2017 01:04 AM IST
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सीएम के हॉस्प्टिल से जालसाजी करने वाले तीन गिरफ्तार

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गोरखपुर। सीएम योगी आदित्यनाथ के गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय में उपकरण सप्लाई के नाम पर 1.61 लाख रुपये की जालसाजी करने वाले डॉक्टर समेत तीन लोगों को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है। पांच महीने से पुलिस इनकी तलाश में थी। तीनों को रिमांड पर गोरखपुर लाया गया है। पकड़ा गया एक आरोपी डॉ. तुसार लुहार बीएमएस है और उनके पिता गुजरात के नामी डॉक्टर हैं। पुलिस ने तीनों के पास से जालसाजी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन को भी बरामद कर लिया है।
एसपी सिटी विनय सिंह ने बताया कि आरोपी फर्जी मेडिकल कंपनी बनाकर धोखाधड़ी करते थे। तीन मई को गोरखनाथ अस्पताल के ब्रिगेडियर डॉ. केपीबी सिंह ने गोरखनाथ थाने में जालसाजी का केस दर्ज कराया था। डॉ. केपीबी सिंह ने बताया था कि मोबाइल फोन पर एक शख्स ने डॉ. संजय अग्रवाल के नाम से कॉल की थी। उसने पिता के देहांत होने की बात कहते चिकित्सकीय उपकरण बेचकर आस्ट्रेलिया शिफ्ट होने की बात कही थी। इस पर अस्पताल की ओर से उपकरणों की खरीद के लिए कई किश्त में रुपये भेजे गए थे। उपकरण न आने के बाद जालसाजी की जानकारी हुई, फिर गोरखनाथ थाने में केस दर्ज हुआ था। पुलिस तभी से आरोपियों की तलाश कर रही थी। इसी बीच लोकेशन मिलने पर पुलिस ने मुंबई से तीनों को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर गोरखपुर लेकर आई है। पकड़े गए जालसाज की पहचान मुंबई पंचवटी अपार्टमेंट निवासी डॉ. तुसार लुहार, मुंबई के कृष्णमूर्ति बिल्डिंग निवासी अजय मोरकर, महाराष्ट्र बसई निवासी विदेश मांझी के रूप में हुई है। गिरोह के अन्य सदस्य फरार हैं, जिनकी तलाश पुलिस कर रही है।
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ऐसे करते थे जालसाजी
गोरखपुर। जालसाज डॉ. तुसार के पिता डॉ. बाबू भाई लुहार गुजरात के नामी डॉक्टर थे। मुंबई में भी उनका अस्पताल था। उनके देहांत के बाद डॉ. तुषार अस्पताल के उपकरणों को दान करने की बात कहने लगा। अस्पताल का नंबर हासिल कर वह फोन करता था, फिर उसके सहयोगी पूरी डीलिंग करते थे। सोशल मीडिया पर फोटो भेजकर सिर्फ कोरियर के नाम पर पैसे मांग जाते थे। गोरखनाथ चिकित्सालय के साथ भी इन लोगों ने यही किया। ठगी करने से करने से पहले डॉ. तुषार गोरखनाथ मंदिर भी आया था।
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