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सर्जन डॉ. मनोज यादव से बीस लाख की रंगदारी मांगी
Updated Fri, 29 Sep 2017 01:47 AM IST
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गोरखपुर।
बदायूं जेल में बंद चंदन सिंह के नाम से गुरुवार को बड़हलगंज के सर्जन डॉ. मनोज यादव से 20 लाख की रंगदारी मांगी गई है। चंदन के नाम पर डॉक्टर से रंगदारी मांगने का यह तीसरा मामला है। पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है। जिस मोबाइल नंबर से फोन आया था, उसे सर्विलांस पर लिया गया है। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन से पता चला है कि फोन गोरखपुर के शहरी क्षेत्र से किया गया था।
दुर्गावती हॉस्पिटल के डॉक्टर मनोज यादव के मुताबिक गुरुवार की शाम चार बजकर 27 मिनट पर ऑपरेशन थियेटर में थे, तभी मोबाइल नंबर 9682291963 से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को जेल में बंद चंदन सिंह बताया और 20 लाख रुपये देने को कहा। ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। सारी बातचीत ऑटोमेटिक कॉल रिकॉर्डर के जरिए रिकार्ड की गई। इसकी क्लिप पुलिस को दी गई है। धमकी भरे फोन से घबराए डॉक्टर बड़हलगंज थाने पहुंच गए और पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसकी सूचना पाते ही एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने तत्काल सीओ को मौके पर भेजा और पूरी रिपोर्ट मांगी। बताते दे कि चंदन सिंह के नाम पर जिले के दो डॉक्टरों से पहले भी रंगदारी मांगी गई थी। इसमें डॉ. शिव शंकर शाही और मोहद्दीपुर के डॉ. शशिकांत दीक्षित का नाम भी शामिल हैं।
कोट:::
पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ा जाएगा। फोन गोरखपुर से किया गया था। चंदन सिंह का नाम नहीं आ रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं।
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- सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी गोरखपुर
डॉक्टर दंपती में विवाद
पुलिस ने एफआईआर और मामले की जो रिपोर्ट जारी की है, उसमें डॉ. मनोज यादव का पत्नी डॉ. पूनम यादव से विवाद का जिक्र भी है। पुलिस के मुताबिक पत्नी ने डॉ. मनोज, उनके ड्राइवर सहित कई लोगों पर मुकदमे दर्ज कराए हैं। इस मामले को भी पुलिस विवाद से जोड़कर देख रही है। पुलिस का मानना है कि मामला पेशबंदी का हो सकता है। इसकी गहनता से जांच जरूरी है। पुलिस की जांच में पता चला है कि चंदन सिंह ने रंगदारी नहीं मांगी है। गोरखपुर से ही फोन किया गया था। जिन नंबर से फोन आया था, उसे सर्विलांस पर लेकर जांच की जा रही है। लोकेशन भी ट्रैस की जा रही है।
पुलिस पर खुलासे का दबाव
सीएम योगी आदित्यनाथ शहर में हैं। ऐसे में डॉक्टर से रंगदारी मांगे जाने की सूचना से पुलिस की मुश्किल बढ़ गईं हैं। पुलिस का सारा ध्यान मामले के जल्द खुलासे पर है। पुलिस का कहना है कि कई बार आपसी विवाद में भी धमकी मिलती है। गोला के एक डॉक्टर से रंगदारी मांगे जाने के मामले में इसी तरह का तथ्य सामने आया था। पुलिस की जांच से पता चला था कि मामला विवाद का था।
बदायूं जेल में बंद चंदन सिंह के नाम से गुरुवार को बड़हलगंज के सर्जन डॉ. मनोज यादव से 20 लाख की रंगदारी मांगी गई है। चंदन के नाम पर डॉक्टर से रंगदारी मांगने का यह तीसरा मामला है। पुलिस ने केस दर्ज करके मामले की छानबीन शुरू कर दी है। जिस मोबाइल नंबर से फोन आया था, उसे सर्विलांस पर लिया गया है। पुलिस की प्रारंभिक छानबीन से पता चला है कि फोन गोरखपुर के शहरी क्षेत्र से किया गया था।
दुर्गावती हॉस्पिटल के डॉक्टर मनोज यादव के मुताबिक गुरुवार की शाम चार बजकर 27 मिनट पर ऑपरेशन थियेटर में थे, तभी मोबाइल नंबर 9682291963 से फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को जेल में बंद चंदन सिंह बताया और 20 लाख रुपये देने को कहा। ऐसा न करने पर जान से मारने की धमकी दी। सारी बातचीत ऑटोमेटिक कॉल रिकॉर्डर के जरिए रिकार्ड की गई। इसकी क्लिप पुलिस को दी गई है। धमकी भरे फोन से घबराए डॉक्टर बड़हलगंज थाने पहुंच गए और पुलिस को घटना की जानकारी दी। इसकी सूचना पाते ही एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने तत्काल सीओ को मौके पर भेजा और पूरी रिपोर्ट मांगी। बताते दे कि चंदन सिंह के नाम पर जिले के दो डॉक्टरों से पहले भी रंगदारी मांगी गई थी। इसमें डॉ. शिव शंकर शाही और मोहद्दीपुर के डॉ. शशिकांत दीक्षित का नाम भी शामिल हैं।
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कोट:::
पुलिस मामले की जांच कर रही है। जल्द ही आरोपी को पकड़ा जाएगा। फोन गोरखपुर से किया गया था। चंदन सिंह का नाम नहीं आ रहा है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं।
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- सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी गोरखपुर
डॉक्टर दंपती में विवाद
पुलिस ने एफआईआर और मामले की जो रिपोर्ट जारी की है, उसमें डॉ. मनोज यादव का पत्नी डॉ. पूनम यादव से विवाद का जिक्र भी है। पुलिस के मुताबिक पत्नी ने डॉ. मनोज, उनके ड्राइवर सहित कई लोगों पर मुकदमे दर्ज कराए हैं। इस मामले को भी पुलिस विवाद से जोड़कर देख रही है। पुलिस का मानना है कि मामला पेशबंदी का हो सकता है। इसकी गहनता से जांच जरूरी है। पुलिस की जांच में पता चला है कि चंदन सिंह ने रंगदारी नहीं मांगी है। गोरखपुर से ही फोन किया गया था। जिन नंबर से फोन आया था, उसे सर्विलांस पर लेकर जांच की जा रही है। लोकेशन भी ट्रैस की जा रही है।
पुलिस पर खुलासे का दबाव
सीएम योगी आदित्यनाथ शहर में हैं। ऐसे में डॉक्टर से रंगदारी मांगे जाने की सूचना से पुलिस की मुश्किल बढ़ गईं हैं। पुलिस का सारा ध्यान मामले के जल्द खुलासे पर है। पुलिस का कहना है कि कई बार आपसी विवाद में भी धमकी मिलती है। गोला के एक डॉक्टर से रंगदारी मांगे जाने के मामले में इसी तरह का तथ्य सामने आया था। पुलिस की जांच से पता चला था कि मामला विवाद का था।