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मां-बाप के झगड़े में ‘अनाथ’ हो गए दो मासूम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 09 May 2018 12:38 AM IST
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मां और पिता की बेरुखी के कारण इन बच्चों को चाइल्ड लाइन भेज दिया गया।
- फोटो : Amar Ujala
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सिविल कोर्ट में मंगलवार को रोते-बिलखते दो मासूमों की कहानी जिसने भी सुनी, वह द्रवित हो गया। मां-बाप के जीते जी दो बच्चियों को अनाथ की तरह चाइल्ड लाइन जाना पड़ा।
इनके मां-बाप आपसी विवाद के निपटारे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मीडिएशन सेंटर में आए थे। काफी देर तक दोनों में समझौता कराने की कोशिश चली। बात नहीं बनी तो सिकरीगंज के सीकरीडीह बुजुर्ग निवासी पिता जसवंत राय अपनी दोनों बेटियों दिव्या (6) और प्राची (4) को चाइल्ड लाइन में ही छोड़ गए। संतकबीरनगर धनघटा के बारीडीह निवासी मां रंजना राय भी उन्हें अपने साथ नहीं ले गई।
पति-पत्नी के आपसी मतभेदों का खामियाजा दो मासूमों को इस तरह भुगतना पड़ेगा, ऐसा मीडिएशन सेंटर के लोगों ने भी नहीं सोचा था। काफी इंतजार के बाद भी जब दोनों में से कोई भी बच्चियों को ले जाने के लिए नहीं आया तब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है।
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ये है मामला
सिकरीगंज क्षेत्र के सीकरीडीह बुजुर्ग निवासी जसवंत राय की शादी 2010 में संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के बारीडीह निवासी रंजना राय से हुई थी। दोनों से दो बच्चियां हुईं। इसी बीच दोनों में मतभेद हो गया। जसवंत राय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर पत्नी को स्वच्छंद विचारों वाली महिला बताते हुए आरोप लगाया कि वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। वह बच्चों को भी साथ नहीं रखना चाहती। ऐसे में बच्चे उसके पास रह रहे हैं। प्राधिकरण की तरफ से रंजना राय को नोटिस जारी कर बातचीत के लिए मंगलवार को बुलाया गया था।
अगली तारीख मुकर्रर
तारीख पर जसवंत अपने दोनों बच्चियों के साथ मीडिएशन सेंटर आए थे। मध्यस्थ ने दोनों को काफी समझाया, मगर मतभेद दूर न हुआ। इस पर मध्यस्थ ने अगली तारीख मुकर्रर कर दी। इसके बाद जसवंत बच्चों को मीडिएशन सेंटर में ही छोड़कर चले गए। उधर, रंजना भी बच्चों को नहीं ले गई। काफी देर तक बच्चे मीडिएशन सेंटर में रोते-बिलखते रहे। इससे वहां ऊहापोह की स्थिति बन गई। लोग बच्चों को रोता-बिलखता देखकर द्रवित हो गए। हर कोई दंपती की नासमझी में दो बच्चियों की जिंदगी बर्बाद होता देख मां-बाप को कोसता रहा।
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इनके मां-बाप आपसी विवाद के निपटारे के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के मीडिएशन सेंटर में आए थे। काफी देर तक दोनों में समझौता कराने की कोशिश चली। बात नहीं बनी तो सिकरीगंज के सीकरीडीह बुजुर्ग निवासी पिता जसवंत राय अपनी दोनों बेटियों दिव्या (6) और प्राची (4) को चाइल्ड लाइन में ही छोड़ गए। संतकबीरनगर धनघटा के बारीडीह निवासी मां रंजना राय भी उन्हें अपने साथ नहीं ले गई।
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पति-पत्नी के आपसी मतभेदों का खामियाजा दो मासूमों को इस तरह भुगतना पड़ेगा, ऐसा मीडिएशन सेंटर के लोगों ने भी नहीं सोचा था। काफी इंतजार के बाद भी जब दोनों में से कोई भी बच्चियों को ले जाने के लिए नहीं आया तब जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने बच्चों को चाइल्ड लाइन को सौंप दिया है।
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ये है मामला
सिकरीगंज क्षेत्र के सीकरीडीह बुजुर्ग निवासी जसवंत राय की शादी 2010 में संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के बारीडीह निवासी रंजना राय से हुई थी। दोनों से दो बच्चियां हुईं। इसी बीच दोनों में मतभेद हो गया। जसवंत राय ने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में प्रार्थना पत्र देकर पत्नी को स्वच्छंद विचारों वाली महिला बताते हुए आरोप लगाया कि वह उसके साथ नहीं रहना चाहती। वह बच्चों को भी साथ नहीं रखना चाहती। ऐसे में बच्चे उसके पास रह रहे हैं। प्राधिकरण की तरफ से रंजना राय को नोटिस जारी कर बातचीत के लिए मंगलवार को बुलाया गया था।
अगली तारीख मुकर्रर
तारीख पर जसवंत अपने दोनों बच्चियों के साथ मीडिएशन सेंटर आए थे। मध्यस्थ ने दोनों को काफी समझाया, मगर मतभेद दूर न हुआ। इस पर मध्यस्थ ने अगली तारीख मुकर्रर कर दी। इसके बाद जसवंत बच्चों को मीडिएशन सेंटर में ही छोड़कर चले गए। उधर, रंजना भी बच्चों को नहीं ले गई। काफी देर तक बच्चे मीडिएशन सेंटर में रोते-बिलखते रहे। इससे वहां ऊहापोह की स्थिति बन गई। लोग बच्चों को रोता-बिलखता देखकर द्रवित हो गए। हर कोई दंपती की नासमझी में दो बच्चियों की जिंदगी बर्बाद होता देख मां-बाप को कोसता रहा।