{"_id":"5a47a0664f1c1b10788b5a91","slug":"181514643558-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपहृत बैंककर्मी मुक्त, दो गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अपहृत बैंककर्मी मुक्त, दो गिरफ्तार
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sat, 30 Dec 2017 08:01 PM IST
विज्ञापन
किडनैपिंग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुलरिहा के सेमरा से अपहृत बैंक कर्मचारी शंभूनाथ श्रीवास्तव को पुलिस ने आठ घंटे के भीतर अपहरणकर्ताओं के चंगुल से मुक्त करा लिया। कार सवार बदमाशों ने बिहार के गोपालगंज से एक और शख्स का अपहरण कर रखा था। पुलिस ने उसे भी छुड़ा लिया। दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
शुक्रवार शाम छह बजे सेमरा निवासी और इलाहाबाद बैंक के कर्मचारी शंभूनाथ के घर पर स्कार्पियो से बदमाश पहुंचे और उन्हें बाहर बुलाकर धमकाने लगे। लोग कुछ समझ पाते, बदमाशों ने शंभूनाथ को जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया और मौके से फरार हो गए। घरवालों ने अपहरण की सूचना पुलिस को दी। इससे पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के निर्देश पर गुलरिहा इंस्पेक्टर ओमहरि बाजपेयी टीम के साथ बदमाशों की घेराबंदी में जुट गए। बदमाश बिहार जाने के फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर चौरीचौरा रेलवे क्रॉसिंग के पास से आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत बैंक कर्मी को मुक्त करा लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान भगुआ सासाराम निवासी बृजेश यादव और आरा निवासी बिट्टू के रूप में हुई। गाड़ी से शंभूनाथ और गोपालगंज निवासी योगेंद्र को पुलिस ने मुक्त कराया।
इंस्पेक्टर ओमहरि बाजपेयी ने कहा कि बदमाशों ने गोपालगंज से पहले योगेंद्र को अगवा किया। फिर उसे लेकर गोरखपुर शंभूनाथ के घर आए। योगेंद्र ने शंभूनाथ का घर देखा रखा था। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दोनों को मुक्त करा लिया गया है। नौकरी दिलाने के नाम पर शंभूनाथ ने करीब 85 लाख रुपये लोगों से वसूले थे। रकम पाने के लिए आरोपियों ने अपहरण की योजना बनाई। शंभूनाथ के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने बृजेश, बिटृटू और तीन अज्ञात के खिलाफ अपहरण, धमकी देने के धारा में केस दर्ज कर लिया है। दोनों को जेल भेजा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार शाम छह बजे सेमरा निवासी और इलाहाबाद बैंक के कर्मचारी शंभूनाथ के घर पर स्कार्पियो से बदमाश पहुंचे और उन्हें बाहर बुलाकर धमकाने लगे। लोग कुछ समझ पाते, बदमाशों ने शंभूनाथ को जबरदस्ती गाड़ी में बैठा लिया और मौके से फरार हो गए। घरवालों ने अपहरण की सूचना पुलिस को दी। इससे पुलिस महकमे में खलबली मच गई। एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज के निर्देश पर गुलरिहा इंस्पेक्टर ओमहरि बाजपेयी टीम के साथ बदमाशों की घेराबंदी में जुट गए। बदमाश बिहार जाने के फिराक में थे, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर चौरीचौरा रेलवे क्रॉसिंग के पास से आरोपियों को गिरफ्तार कर अपहृत बैंक कर्मी को मुक्त करा लिया। पकड़े गए बदमाशों की पहचान भगुआ सासाराम निवासी बृजेश यादव और आरा निवासी बिट्टू के रूप में हुई। गाड़ी से शंभूनाथ और गोपालगंज निवासी योगेंद्र को पुलिस ने मुक्त कराया।
विज्ञापन
इंस्पेक्टर ओमहरि बाजपेयी ने कहा कि बदमाशों ने गोपालगंज से पहले योगेंद्र को अगवा किया। फिर उसे लेकर गोरखपुर शंभूनाथ के घर आए। योगेंद्र ने शंभूनाथ का घर देखा रखा था। अपहरणकर्ताओं के चंगुल से दोनों को मुक्त करा लिया गया है। नौकरी दिलाने के नाम पर शंभूनाथ ने करीब 85 लाख रुपये लोगों से वसूले थे। रकम पाने के लिए आरोपियों ने अपहरण की योजना बनाई। शंभूनाथ के बेटे की तहरीर पर पुलिस ने बृजेश, बिटृटू और तीन अज्ञात के खिलाफ अपहरण, धमकी देने के धारा में केस दर्ज कर लिया है। दोनों को जेल भेजा जाएगा।
विज्ञापन