{"_id":"59cbfe074f1c1ba9538b4bc7","slug":"171506541063-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज के चार कर्मचारियों से पूछताछ की","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
मेडिकल कॉलेज के चार कर्मचारियों से पूछताछ की
Updated Thu, 28 Sep 2017 01:11 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर। बीआरडी कांड की विवेचना कर रहे सीओ कैंट अभिषेक सिंह ने बुधवार को मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों से डेढ़ घंटे पूछताछ की। चीफ फॉर्मासिस्ट, ड्रग स्टोर इंचार्ज समेत चार कर्मचारियों से पूछताछ कर उनके मोबाइल नंबर भी सीओ अपने साथ ले गए हैं। सूत्र बताते हैं कि इनसे ऑक्सीजन सप्लाई से जुड़े सवाल पूछे गए। जांच के दौरान अहम सबूत भी पुलिस के हाथ लगे हैं।
ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत के मामले में पुलिस अब चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पर्याप्त सबूत जुटाए जा रहे हैं, ताकि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके। सीओ कैंट बुधवार दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां पर उन्होंने ड्रग स्टोर इंचार्ज, चीफ फॉर्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लिपिक बनाए गए बाबू समेत चार लोगों से अलग-अलग पूछताछ की। करीब डेढ़ घंटे की पूछताछ के बाद कुछ दस्तावेज लेकर सीओ लौट आए। चारों का मोबाइल नंबर, पता भी सीओ ने लिया है। इसके पीछे की वजह साफ है कि इस कांड में ये लोग अहम सुराग हैं। इनसे फिर पूछताछ की जा सकती है।
यह है मामला
मेडिकल कॉलेज में नौ से 11 अगस्त के बीच ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता की तहरीर पर पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. कफील खान, सुधीर, संजय त्रिपाठी, उदय और गजानन जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज है। सभी आरोपी इस समय जेल में बंद हैं।
ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत के मामले में पुलिस अब चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर रही है। इसके लिए पर्याप्त सबूत जुटाए जा रहे हैं, ताकि आरोपियों को सजा दिलाई जा सके। सीओ कैंट बुधवार दोपहर साढ़े तीन बजे के करीब मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां पर उन्होंने ड्रग स्टोर इंचार्ज, चीफ फॉर्मासिस्ट, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लिपिक बनाए गए बाबू समेत चार लोगों से अलग-अलग पूछताछ की। करीब डेढ़ घंटे की पूछताछ के बाद कुछ दस्तावेज लेकर सीओ लौट आए। चारों का मोबाइल नंबर, पता भी सीओ ने लिया है। इसके पीछे की वजह साफ है कि इस कांड में ये लोग अहम सुराग हैं। इनसे फिर पूछताछ की जा सकती है।
विज्ञापन
यह है मामला
मेडिकल कॉलेज में नौ से 11 अगस्त के बीच ऑक्सीजन की कमी से कई बच्चों की मौत हो गई थी। इस मामले में महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. केके गुप्ता की तहरीर पर पुष्पा सेल्स के मालिक मनीष भंडारी, निलंबित प्रिंसिपल डॉ. राजीव मिश्रा, डॉ. पूर्णिमा शुक्ला, डॉ. सतीश कुमार, डॉ. कफील खान, सुधीर, संजय त्रिपाठी, उदय और गजानन जायसवाल के खिलाफ केस दर्ज है। सभी आरोपी इस समय जेल में बंद हैं।
विज्ञापन