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भइया ओहर मत जा, अबहिन बिगड़ल बा
Sun, 03 Feb 2019 01:17 AM IST
ajay Kumar
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Gorakhpur, Uttar Pradesh, India
Published by: ajay Kumar
Updated Sun, 03 Feb 2019 01:17 AM IST
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महावत की जान लेने वाला हाथी गणेश शनिवार को जंजीरों में जकड़ा रहा।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर। महावत की जान लेने वाला हाथी गणेश शनिवार को जंजीरों में जकड़ा रहा, फिर भी लोग उससे खौफ खाते रहे। पशु मित्र पवन चौरसिया भाले की मदद से गणेश को दवाइयां दे रहे हैं। चारा भी दूर से डाला जा रहा है। शुक्रवार को अपने महावत की जान लेने के बाद हाथी गणेश चर्चा में है। शनिवार को पादरी बाजार स्थित पूर्व मंत्री के फार्म हाउस पर कुछ लोग हाथी की ओर जाने लगे तो एक कर्मचारी ने आवाज लगाई- भइया ओहर मत जा, अबहिन बिगड़ल बा। उसने बताया कि गणेश के चारों पैर जंजीर से बंधे हैं, फिर भी गुस्से से झूम रहा है। उसके आसपास जाना खतरनाक है। गणेश के कान से पानी निकल रहा है।
पूर्व मंत्री जितेंद्र उर्फ पप्पू जायसवाल के हाथी ने महावत रफीक उर्फ नाटे को शुक्रवार को पटककर मार डाला था। पूर्व मंत्री के दूसरे हाथी मनोहर ने करीब 20 वर्ष पहले रफीक के बड़े भाई इश्तेहाक की जान ली थी। अब रफीक की भी मौत हो गई। इससे पूरा परिवार गमगीन है। बड़े भाई इश्तेहाक की मौत के बाद रफीक ने ही अपनी भाभी से शादी की थी। तीन बच्चे भी हैं। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद रफीक के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। पूर्व मंत्री ने रफीक के परिवार को आर्थिक मदद की घोषणा भी की है।
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पूर्व मंत्री जितेंद्र उर्फ पप्पू जायसवाल के हाथी ने महावत रफीक उर्फ नाटे को शुक्रवार को पटककर मार डाला था। पूर्व मंत्री के दूसरे हाथी मनोहर ने करीब 20 वर्ष पहले रफीक के बड़े भाई इश्तेहाक की जान ली थी। अब रफीक की भी मौत हो गई। इससे पूरा परिवार गमगीन है। बड़े भाई इश्तेहाक की मौत के बाद रफीक ने ही अपनी भाभी से शादी की थी। तीन बच्चे भी हैं। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद रफीक के शव को सुपुर्दे खाक कर दिया गया। पूर्व मंत्री ने रफीक के परिवार को आर्थिक मदद की घोषणा भी की है।
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