{"_id":"5afeca1d4f1c1b165e8b570b","slug":"151526647325-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":" बेटी-बेटे को गला दबाकर मारा, फिर मां ने खुदकुशी की","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
बेटी-बेटे को गला दबाकर मारा, फिर मां ने खुदकुशी की
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Fri, 18 May 2018 06:19 PM IST
विज्ञापन
मौत के बाद घर में चीख पुकार मच गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर। कैंट थानाक्षेत्र के महादेव झारखंडी में पति की मौत से तनावग्रस्त महिला ने बुधवार की देररात दिल दहलाने वाली वारदात को अंजाम दिया। कैंट पुलिस के मुताबिक कमरे का दरवाजा अंदर से बंद कर महिला ने पहले बेटे-बेटी को गला दबाकर मारा, फिर फांसी लगाकर खुद जान दे दी। दर्दनाक घटना की सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वायड के साथ आए फोरेंसिक एक्सपर्ट ने नमूने जुटाए। साथ ही दो बच्चों और महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। सीओ कैंट अभिषेक सिंह का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। सभी बिंदु, साक्ष्यों को ध्यान में रखकर पुलिस जांच को आगे बढ़ा रही है।
जल निगम के नलकूप विभाग में कार्यरत सुरेश सिंह का महादेव झारखंडी में मकान है। सुरेश के बड़े बेटे संतोष की चार साल पहले मौत हो गई थी। इससे बहू शशि सिंह (38) तनाव में आ गईं। पुलिस के मुताबिक बुधवार को खाना खाने के बाद शशि एपी स्कूल में पढ़ने वाली बड़ी बेटी दीक्षा उर्फ एंजल (12) और यूकेजी में पढ़ने वाले नववेद्ध (4) को लेकर सोने चली गईं। बृहस्पतिवार को सुबह शशि का कमरा नहीं खुला तो ससुर सुरेश सिंह और स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सास सावित्री को चिंता हुई। बच्चों को स्कूल भी जाना था, इसलिए सास, ससुर ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इससे चिंतित सास-ससुर ने मामले की सूचना पुलिस को दी। एसपी सिटी विनय सिंह और सीओ कैंट अभिषेक सिंह सहित तमाम पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। धक्का देकर दरवाजा खोला गया तो सब अवाक रह गए। दीक्षा, नववेद्ध मृत हालत में बेड पर पड़े थे। शशि का शव पंखे से लटक रहा था। पुलिस की मौजूदगी में उसका शव उतारा गया और बेड पर ही रखा गया। एक साथ तीन शव देखकर चीख-पुकार मच गई।
विज्ञापन
महिला ने पहले बेटे और बेटी को मारा, फिर फांसी लगाकर जान दी है। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। : मनोज पाठक, प्रभारी निरीक्षक कैंट
विज्ञापन
जल निगम के नलकूप विभाग में कार्यरत सुरेश सिंह का महादेव झारखंडी में मकान है। सुरेश के बड़े बेटे संतोष की चार साल पहले मौत हो गई थी। इससे बहू शशि सिंह (38) तनाव में आ गईं। पुलिस के मुताबिक बुधवार को खाना खाने के बाद शशि एपी स्कूल में पढ़ने वाली बड़ी बेटी दीक्षा उर्फ एंजल (12) और यूकेजी में पढ़ने वाले नववेद्ध (4) को लेकर सोने चली गईं। बृहस्पतिवार को सुबह शशि का कमरा नहीं खुला तो ससुर सुरेश सिंह और स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत सास सावित्री को चिंता हुई। बच्चों को स्कूल भी जाना था, इसलिए सास, ससुर ने दरवाजा खटखटाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इससे चिंतित सास-ससुर ने मामले की सूचना पुलिस को दी। एसपी सिटी विनय सिंह और सीओ कैंट अभिषेक सिंह सहित तमाम पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। धक्का देकर दरवाजा खोला गया तो सब अवाक रह गए। दीक्षा, नववेद्ध मृत हालत में बेड पर पड़े थे। शशि का शव पंखे से लटक रहा था। पुलिस की मौजूदगी में उसका शव उतारा गया और बेड पर ही रखा गया। एक साथ तीन शव देखकर चीख-पुकार मच गई।
विज्ञापन
कलेजे के टुकड़ों को क्यूं मारा
दोनों बच्चों के दादा-दादी ने बिस्तर पर मृत पड़े बच्चों को सीने से लगा लिया और रोते हुए कहा कि इन मासूमों को क्यूं मौत के घाट उतार दिया। यह दृश्य देखकर दूसरे लोग भी रोने लगे। घटना की जानकारी शशि के परिवारवालों को भी दी गई। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की और बताया कि पति संतोष की मौत के बाद से ही शशि तनाव में थी। तनाव में आकर ही उसने इस भयानक घटना को अंजाम दिया है। कैंट पुलिस के मुताबिक बेटी के गले पर कसे जाने के निशान हैं जबकि बेटे के गले पर निशान के साथ ही मुंह-नाक दबाए जाने के भी साक्ष्य मिले हैं।
विज्ञापन
चार साल पहले पति ने की थी आत्महत्या
बेटे-बेटी को मारकर मौत को गले लगाने वाली शशि के पति संतोष सिंह ने भी चार साल पहले आत्महत्या की थी। परिजनों के मुताबिक संतोष ने नंदानगर क्रासिंग के पास ट्रेन के आगे कूदकर जान दी थी। वह प्रापर्टी डीलिंग का काम करते थे। संतोष की मौत के बाद से ही शशि तनाव में थी। उसका इलाज भी चला था।रात में बनाया था बेटे-बेटी के पसंद का खाना
बेटी-बेटे को मारने से पहले शशि ने उनके पसंद का खाना छोला-भटूरा बनाया था। परिजनों ने बताया कि बुधवार की रात बच्चों ने खुशी-खुशी खाना खाया, फिर मां के साथ सोने चले गए। कहा जा रहा है कि शायद, शशि ने पहले से ही बच्चों को मारने और खुद आत्महत्या का प्लान बना लिया था।एपी स्कूल के विद्यार्थी, शिक्षक भी पहुंचे
दीक्षा और नववेद्ध की मौत की सूचना पाकर एपी स्कूल के तमाम विद्यार्थी, शिक्षक भी महादेव झारखंडी स्थित पार्वती नगर पहुंच गए। शिक्षकों ने बताया कि दोनों बच्चे मेधावी और सौम्य थे। अच्छा रिजल्ट आता था। अचानक हुई इस घटना ने सबको झकझोर कर रख दिया है। इस सूचना के बाद स्कूल भी बंद कर दिया।एक महीने पहले खरीदी थी स्कूटी
शशि ने एक महीने पहले ही स्कूटी खरीदी थी। इसी स्कूटी से पहले बेटे-बेटी को स्कूल भेजती थीं, फिर कंप्यूटर सीखने के लिए जाती थीं। सास-ससुर और देवर अखिलेश के मुताबिक घर, परिवार में कोई दिक्कत नहीं थी। शशि तनाव में जरूर थीं लेकिन बच्चों को बहुत मानती थीं। अचानक इस तरह का कदम उठा लेंगी, इसकी कल्पना भी नहीं थी।महिला ने पहले बेटे और बेटी को मारा, फिर फांसी लगाकर जान दी है। शव पोस्टमार्टम को भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। : मनोज पाठक, प्रभारी निरीक्षक कैंट