{"_id":"5973797f4f1c1be5128b477c","slug":"141500739967-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चालक से वसूली कराने पर नौसड़ चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चालक से वसूली कराने पर नौसड़ चौकी इंचार्ज लाइन हाजिर
Updated Sat, 22 Jul 2017 10:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर।
अपने निजी चालक से वसूली कराने वाले नौसड़ चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह को लाइनहाजिर कर दिया गया है। एएसपी चारु निगम ने शुक्रवार रात रंगेहाथ ड्राइवर को वसूली करते पकड़ा था। इसके बाद सीओ ने ड्राइवर पर बेलीपार थाने में रंगदारी का केस दर्ज कराया और चौकी इंचार्ज के खिलाफ रिपोर्ट दी। एएसपी की रिपोर्ट पर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर करते हुए विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है। पिछले दिनों कच्ची शराब से एक व्यक्ति की मौत के आरोप के बाद नौसड़ चौकी पर हुए पथराव के मामले में भी चौकी इंचार्ज की भूमिका गड़बड़ पाई गई थी।
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को नौसड़ चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह अपने निजी चालक से रात में शहर की तरफ आने वाले मालवाहक गाड़ियों से वसूली कराते हैं। शुक्रवार रात 12 बजे के करीब उन्होंने एएसपी चारु निगम को जांच के लिए भेजा था। नौसड़ बस अड्डे के पास गाड़ी खड़ी कर चारु निगम पैदल ही चौकी के पास जाकर खड़ी हो गईं। तभी लखनऊ, वाराणसी की ओर से आने वाली गाड़ियों से वसूली करते हुए चौकी इंचार्ज के ड्राइवर को पकड़ लिया और उसे हिरासत में ले लिया। तलाशी लेने पर उसके पास 360 रुपये मिले। पूछताछ में उसकी पहचान खोराबार के आजाद नगर निवासी दुर्गेश कुमार के रूप में हुई। सीओ को उसने बताया कि रात में चौकी प्रभारी की जीप चलाने के साथ ही गाड़ियों से रुपये वसूलता है। सीओ के जानकारी देने पर एसएसपी ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करने के साथ ही ड्राइवर के खिलाफ रंगदारी का केस दर्ज कराया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
अवैध खनन की गाड़ी छोड़ने का भी था आरोप
चौकी इंचार्ज पर अवैध खनन की गाड़ी छोड़ने का भी आरोप लगा था। इसकी भी जांच चल रही थी। तमाम शिकायतों के बाद एसएसपी ने सख्त रवैया अख्तियार किया तो हकीकत सामने आ गई।
विज्ञापन
नौसड़ बवाल के समय भी सामने आई थी लापरवाही
15 जुलाई को खजनी के छपिया निवासी रामू का शव रखकर हाइवे जाम कर कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान नौसड़ चौकी पर जमकर पथराव भी हुआ था। उस समय भी चौकी इंचार्ज की लापरवाही सामने आई थी।
विज्ञापन
अपने निजी चालक से वसूली कराने वाले नौसड़ चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह को लाइनहाजिर कर दिया गया है। एएसपी चारु निगम ने शुक्रवार रात रंगेहाथ ड्राइवर को वसूली करते पकड़ा था। इसके बाद सीओ ने ड्राइवर पर बेलीपार थाने में रंगदारी का केस दर्ज कराया और चौकी इंचार्ज के खिलाफ रिपोर्ट दी। एएसपी की रिपोर्ट पर एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज ने चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर करते हुए विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है। पिछले दिनों कच्ची शराब से एक व्यक्ति की मौत के आरोप के बाद नौसड़ चौकी पर हुए पथराव के मामले में भी चौकी इंचार्ज की भूमिका गड़बड़ पाई गई थी।
एसएसपी सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज को नौसड़ चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह के खिलाफ शिकायत मिली थी कि वह अपने निजी चालक से रात में शहर की तरफ आने वाले मालवाहक गाड़ियों से वसूली कराते हैं। शुक्रवार रात 12 बजे के करीब उन्होंने एएसपी चारु निगम को जांच के लिए भेजा था। नौसड़ बस अड्डे के पास गाड़ी खड़ी कर चारु निगम पैदल ही चौकी के पास जाकर खड़ी हो गईं। तभी लखनऊ, वाराणसी की ओर से आने वाली गाड़ियों से वसूली करते हुए चौकी इंचार्ज के ड्राइवर को पकड़ लिया और उसे हिरासत में ले लिया। तलाशी लेने पर उसके पास 360 रुपये मिले। पूछताछ में उसकी पहचान खोराबार के आजाद नगर निवासी दुर्गेश कुमार के रूप में हुई। सीओ को उसने बताया कि रात में चौकी प्रभारी की जीप चलाने के साथ ही गाड़ियों से रुपये वसूलता है। सीओ के जानकारी देने पर एसएसपी ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर करने के साथ ही ड्राइवर के खिलाफ रंगदारी का केस दर्ज कराया है। इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
विज्ञापन
अवैध खनन की गाड़ी छोड़ने का भी था आरोप
चौकी इंचार्ज पर अवैध खनन की गाड़ी छोड़ने का भी आरोप लगा था। इसकी भी जांच चल रही थी। तमाम शिकायतों के बाद एसएसपी ने सख्त रवैया अख्तियार किया तो हकीकत सामने आ गई।
विज्ञापन
नौसड़ बवाल के समय भी सामने आई थी लापरवाही
15 जुलाई को खजनी के छपिया निवासी रामू का शव रखकर हाइवे जाम कर कुछ लोगों ने प्रदर्शन किया था। इस दौरान नौसड़ चौकी पर जमकर पथराव भी हुआ था। उस समय भी चौकी इंचार्ज की लापरवाही सामने आई थी।