खुफिया जानकारी देश से बाहर जाने का अंदेशा
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यूक्रेन की महिला के साथ कुछ अफसरों की आपत्तिजनक फोटो मिलने को आईबी ब्लैकमेलिंग से जोड़कर देख रही है। एजेंसी का मानना है कि आपत्तिजनक तस्वीरों के सहारे अफसरों को ब्लैकमेल करके महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल की जा सकती हैं। आईबी जल्द ही पूरे मामले की रिपोर्ट गृह मंत्रालय को देगी। मंत्रालय से अनुमति मिलते ही डारिया से संपर्क रखने वाले अफसरों से पूछताछ की जाएगी। खुफिया जानकारी देश से बाहर जाने के साक्ष्य मिले तो संबंधित अफसरों की गिरफ्तारी भी होगी। आईबी के रडार पर नई दिल्ली और गोरखपुर के वे कारोबारी भी हैं, जिनके संपर्क में रहकर डारिया ने कई बार भारत आई और एक शहर से दूसरी जगह गई। फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की कड़ी भी आईबी ढूंढ रही है। इस मामले में इमशान नाम के एक व्यक्ति और नई दिल्ली के बड़े पुलिस अफसर का नाम सामने आ रहा है।
थाईलैंड की कैदी के साथ जेल में डारिया
टूरिस्ट वीजा खत्म होने और वीजा ब्लैक लिस्टेड होने के बाद गोरखपुर आई डारिया को एसटीएफ ने शहर के एक होटल से गिरफ्तार किया था। डारिया को मंडलीय कारागार के महिला बैरक में रखा गया है। वह खाने में कुछ खास नहीं ले रही है। बस दो दिनों से रो रही है। इसी बैरक में थाईलैंड की एक कैदी भी है। उससे डारिया की बात भी हुई है।
लॉक्ड मोबाइल फोन से खुलेगा और राज
एसटीएफ ने डारिया के पास से मिले दो मोबाइल फोन और टैबलेट को फोरेंसिक लैब भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी है। डारिया का एक फोन लॉक है। उसे खुलवाकर एसटीएफ फोटो और वीडियो की जांच करना चाहती है। एसटीएफ को इस फोन से महत्वपूर्ण सुराग मिलने की उम्मीद है।
वीजा ब्लैक लिस्ट हुआ, फिर भी भारत पहुंची
एसटीएफ के सूत्रों के मुताबिक यूक्रेन की महिलाएं खूबसूरत होती हैं। कई बार इनका इस्तेमाल किसी देश की खुफिया जानकारी हासिल करने के लिए किया जाता है। रूस से यूक्रेन के रिश्ते खराब हैं। इस वजह से यूक्रेन और भारत की डिप्लोमेसी भी बहुत अच्छी नहीं है। डारिया पहले वीजा पर आई थी, जब दूतावास को शक हुआ तो उसका वीजा ब्लैक लिस्ट कर दिया गया। इसके बाद डारिया ने टूरिस्ट वीजा बनवाया और भारत आ गई। कुछ समय बाद वीजा की मियाद खत्म हो गई। डारिया ने इमशान से व्हाट्सएप के जरिए संपर्क साधा और नेपाल का वीजा लेकर काठमांडू आ गई। काठमांडू में इमशान ने उसे रिसीव किया और सड़क मार्ग से गोरखपुर आ गया। गोरखपुर के व्यापारी अनुज पोद्दार भी डारिया के मददगार बने। अब एसटीएफ इनकी कुंडली खंगालने में जुटी है।