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डॉ. कुशवाहा भी बीआरडी कांड की जांच के दायरे में
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:54 AM IST
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच बच्चों के मौत मामले की विवेचना कर रही पुलिस टीम ने पूर्व प्रिंसिपल डॉ. केपी कुशवाहा समेत मेडिकल कॉलेज स्टाफ रहे पांच और लोगों को जांच के दायरे में लिया गया है। शुक्रवार को कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में पुलिस ने पूर्व प्रिंसिपल डॉ. केपी कुशवाहा, मेडिकल कॉलेज के कैजुअल्टी मेडिकल ऑफिसर (सीएमओ) डॉ. एपी सिंह, पूर्व एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव, मुख्य कोषाधिकारी विनोद, वित्त नियंत्रक नीरज कुमार की भूमिका ऑक्सीजन सप्लाई के अनुबंध में संदिग्ध मानते हुए इनसे जुड़े साक्ष्य जुटाने के लिए विवेचना जारी रखने की बात कही है।
कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में पुलिस का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई की टेंडर कमेटी में ये पांच लोग थे। इनकी देखरेख में जो टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई, उसमें ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाली आईनॉक्स नामक कंपनी से सीधे अनुबंध करने की बजाय पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड को बिचौलिया बनाकर ऑक्सीजन सप्लाई का निर्णय लिया गया। ऐसा करना घोर अनियमितता है, जिसमें इन पांच की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई है। उस वक्त एसआईसी रहे डॉ. एके श्रीवास्तव के कार्यकाल में ऑक्सीजन की लॉगबुक भी नहीं बनी। न ही कोई अन्य रिकॉर्ड मिला है। प्रथम दृष्टया ऐसा साक्ष्य नष्ट करने के संकेत हैं। आगे विवेचना जारी रखते हुए इनसे जुड़े साक्ष्य जुटाए जाएंगे। साक्ष्यों के आधार पर आगे की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
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कोर्ट में दाखिल चार्जशीट में पुलिस का कहना है कि मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन सप्लाई की टेंडर कमेटी में ये पांच लोग थे। इनकी देखरेख में जो टेंडर प्रक्रिया पूरी हुई, उसमें ऑक्सीजन का उत्पादन करने वाली आईनॉक्स नामक कंपनी से सीधे अनुबंध करने की बजाय पुष्पा सेल्स प्राइवेट लिमिटेड को बिचौलिया बनाकर ऑक्सीजन सप्लाई का निर्णय लिया गया। ऐसा करना घोर अनियमितता है, जिसमें इन पांच की भूमिका प्रथम दृष्टया संदिग्ध पाई गई है। उस वक्त एसआईसी रहे डॉ. एके श्रीवास्तव के कार्यकाल में ऑक्सीजन की लॉगबुक भी नहीं बनी। न ही कोई अन्य रिकॉर्ड मिला है। प्रथम दृष्टया ऐसा साक्ष्य नष्ट करने के संकेत हैं। आगे विवेचना जारी रखते हुए इनसे जुड़े साक्ष्य जुटाए जाएंगे। साक्ष्यों के आधार पर आगे की रिपोर्ट कोर्ट में पेश की जाएगी।
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