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रेलवे ग्रुप डी भर्ती परीक्षा में फिर पकड़ा गया साल्वर
क्राइम डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Wed, 31 Oct 2018 01:42 AM IST
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बेलीपार(गोरखपुर)। रेलवे ग्रुप डी ऑनलाइन भर्ती परीक्षा में एक बार फिर साल्वर पकड़ा गया है। नौसढ़ स्थित स्वास्तिक परीक्षा केंद्र पर रेलवे की जांच टीम ने बिहार के रहने वाले साल्वर को गिरफ्तार कर लिया। वह बिहार के ही एक अभ्यर्थी की जगह परीक्षा में बैठा था। टीम ने उसे नौसड़ चौकी की पुलिस को सौंप दिया है। वह परीक्षा केंद्र के अंदर तक कैसे पहुंचा, परीक्षा के बदले उसे कितने रुपये मिलने थे आदि सवालों का जवाब पुलिस उससे हासिल कर रही है।
टीसीएस कंपनी रेलवे ग्रुप डी ऑनलाइन भर्ती परीक्षा करा रही है। कंपनी ने नौसड़ के स्वास्तिक सेंटर को अपना एक परीक्षा केंद्र बनाया है। मंगलवार को आयोजित परीक्षा में बिहार जहानाबाद के तनौरा बेल्दारीचक निवासी अभ्यर्थी दिनेश कुमार पुत्र श्याम चौहान की जगह बिहार नालंदा के पावा निवासी राजीव कुमार पुत्र विनेश सिंह परीक्षा में बैठा था। रेलवे ने परीक्षा की सुचिता की जांच के लिए अपनी एक टीम बनाई है। टीम में शामिल पीके सिंह, राजेश नायक, गनेश शुक्ला, विकास और मोहम्मद अनीस की टीम ने सेंटर पर पहुंच कर जांच की। इसी दौरान उन्हें राजीव कुमार की गतिविधि संदिग्ध लगी। जांच में दूसरे की जगह परीक्षा देने का खुलासा हुआ।
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टीसीएस कंपनी रेलवे ग्रुप डी ऑनलाइन भर्ती परीक्षा करा रही है। कंपनी ने नौसड़ के स्वास्तिक सेंटर को अपना एक परीक्षा केंद्र बनाया है। मंगलवार को आयोजित परीक्षा में बिहार जहानाबाद के तनौरा बेल्दारीचक निवासी अभ्यर्थी दिनेश कुमार पुत्र श्याम चौहान की जगह बिहार नालंदा के पावा निवासी राजीव कुमार पुत्र विनेश सिंह परीक्षा में बैठा था। रेलवे ने परीक्षा की सुचिता की जांच के लिए अपनी एक टीम बनाई है। टीम में शामिल पीके सिंह, राजेश नायक, गनेश शुक्ला, विकास और मोहम्मद अनीस की टीम ने सेंटर पर पहुंच कर जांच की। इसी दौरान उन्हें राजीव कुमार की गतिविधि संदिग्ध लगी। जांच में दूसरे की जगह परीक्षा देने का खुलासा हुआ।
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कक्ष निरीक्षक ने दी थी रकम की लालच
जांच टीम की पूछताछ में राजीव कुमार ने बताया कि वह नालंदा से गोरखपुर आया था। परीक्षा केंद्र के बाहर उसे एक कक्ष निरीक्षक मिले। उन्होंने कहा कि उसे 5500 रुपये मिलेंगे। उसे बस एक युवक की जगह परीक्षा देनी है। परीक्षा में अंदर तक वह उसे पहुंचा देंगे। वह लालच में आ गया। टीम ने पूछताछ के बाद राजीव को पुलिस को सौंप दिया।
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