{"_id":"5d2761ee8ebc3e6d16351f0e","slug":"corruption-gorakhpur-news-gkp3134681192","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेलघाट में भी शौचालय घोटाले पर एफआईआर की तैयारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेलघाट में भी शौचालय घोटाले पर एफआईआर की तैयारी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेलघाट में भी शौचालय घोटाले पर एफआईआर की तैयारी
गोरखपुर। खोराबार के रामपुर (क) के बाद अब बेलघाट के सिसवा बाबू में भी शौचालय घोटाला सामने आने के बाद जिला प्रशासन वहां भी दोषियों से सख्ती से निपटने की तैयारी में है। अनियमितता करने वालों पर जल्द ही एफआईआर दर्ज हो सकती है। एडीओ पंचायत की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 234 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही धन की निकासी कर ली गई।
केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले स्वच्छ भारत मिशन को भी प्रधानों, सचिवों ने नहीं छोड़ा। जिला पंचायती राज विभाग के सूत्रों के मुताबिक अकेले खोराबार और बेलघाट के गांव में ही अनियमितता नहीं बरती गई बल्कि जिले के कई गांवों मेें इस तरह का खेल हुआ। सख्ती से जांच हुई तो एक-एक कर सभी मामले खुल जाएंगे। योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में सीधे सहायता राशि भेजने या चेक से भुगतान करने के बजाए उन्हें नकद में भुगतान किया गया। मगर पूरा धन नहीं दिया गया। यही नहीं जहां शौचालय पूरे बताए जा रहे थे वहां भी मंडलीय कमेटी के सत्यापन के दौरान भारी खामियां सामने आईं। विभाग को कुछ और पंचायतों में इस तरह की गड़बड़ी मिली है। डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर का कहना है कि जहां भी गड़बड़ी की शिकायत या अंदेशा हो रहा है जांच कराई जा रही।
विज्ञापन
गोरखपुर। खोराबार के रामपुर (क) के बाद अब बेलघाट के सिसवा बाबू में भी शौचालय घोटाला सामने आने के बाद जिला प्रशासन वहां भी दोषियों से सख्ती से निपटने की तैयारी में है। अनियमितता करने वालों पर जल्द ही एफआईआर दर्ज हो सकती है। एडीओ पंचायत की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 234 शौचालयों का निर्माण कराए बिना ही धन की निकासी कर ली गई।
केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले स्वच्छ भारत मिशन को भी प्रधानों, सचिवों ने नहीं छोड़ा। जिला पंचायती राज विभाग के सूत्रों के मुताबिक अकेले खोराबार और बेलघाट के गांव में ही अनियमितता नहीं बरती गई बल्कि जिले के कई गांवों मेें इस तरह का खेल हुआ। सख्ती से जांच हुई तो एक-एक कर सभी मामले खुल जाएंगे। योजना के तहत लाभार्थियों के खातों में सीधे सहायता राशि भेजने या चेक से भुगतान करने के बजाए उन्हें नकद में भुगतान किया गया। मगर पूरा धन नहीं दिया गया। यही नहीं जहां शौचालय पूरे बताए जा रहे थे वहां भी मंडलीय कमेटी के सत्यापन के दौरान भारी खामियां सामने आईं। विभाग को कुछ और पंचायतों में इस तरह की गड़बड़ी मिली है। डीपीआरओ हिमांशु शेखर ठाकुर का कहना है कि जहां भी गड़बड़ी की शिकायत या अंदेशा हो रहा है जांच कराई जा रही।
विज्ञापन