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गुरु गोरक्षनाथ का इतिहास जुटाने में अहम भूमिका निभाएगी शोधपीठ

Mon, 21 Oct 2019 02:09 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 21 Oct 2019 02:09 AM IST
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convocation and guru gorakhnath shodhpeeth
श्री गोरक्षनाथ संस्कृति विद्यापीठ स्नातकोत्तर महाविद्यालय द्वारा आयोजित दिग्विजय नाथ की जंयत?
गुरु गोरक्षनाथ का इतिहास जुटाने में अहम भूमिका निभाएगी शोधपीठ
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गोरखपुर। देश-विदेश के तमाम स्थानों से गुरू गोरक्षनाथ और संबंधित जानकारियां जुटाने में महागुरू गोरक्षनाथ शोधपीठ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उनका संकलन कर पठनीय रूप में अकादमिक जगत तथा जनता के बीच प्रस्तुत किया जा सकेगा।
यह विचार काशी हिंदू विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राणा प्रताप बहादुर सिंह ने गोरखपुर विश्वविद्यालय के 38वें दीक्षांत सप्ताह समारोह में व्यक्त किया। वे महायोगी गुरू गोरक्षनाथ शोधपीठ की ओर से आयोजित विशिष्ट व्याख्यान को संबोधित कर रहे थे।
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प्रो. सिंह ने कहा कि ये ब्रह्मांड ही है, जो जीव जगत के चराचर प्राणियों को कुछ न कुछ विशेष प्रयोजन के लिए मिलाता है। पृथ्वी पर मां ही ईश्वर का वास्तविक स्वरूप है, पिता कारक है तथा गुरु हमारी चेतना को जागृत कर जीवन की वास्तविकताओं से परिचित कराता है।
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विशिष्ट अतिथि सिओल विश्वविद्यालय, दक्षिण कोरिया के प्रो. किम ने पर्यावरण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम पूरब की सभ्यता वाले लोग आदिकाल से ही प्रकृति का पूजन एवं संरक्षण करते आ रहे हैं। पश्चिम में तो नोमेडिक कल्चर के लोग थे।
अयोध्या तथा दक्षिण कोरिया में सांस्कृतिक संबंध है। इन संबंधों के अन्वेषण के लिए वे भारत आए हैं। कार्यक्रम के संयोजक तथा महागुरु गोरक्षनाथ शोधपीठ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रो. रविशंकर सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कहा कि गुरु गोरक्षनाथ ने महर्षि पतंजलि के योग सिद्धांत संबंधी सूत्रों को व्यवहारिक रूप प्रदान किया।
इसलिए महागुरु को योग का प्रैक्टिसिंग फिलास्पर माना जाता है। इस अवसर पर प्रति कुलपति प्रो हरिशरण, प्रो राजवंत राव, प्रो विनोद सिंह, प्रो मानवेन्द्र प्रताप सिंह आदि उपस्थित थे।
एसीएलए के साथ शोधपीठ का करार
गोरखपुर। आयोजन के दौरान महायोगी गुरू गोरक्षनाथ शोधपीठ और एशियन कल्चर लैंडस्कैप एसोसिएशन (एसीएलए) के बीच एक समझौता हुआ। इसके तहत दक्षिण कोरिया और भारत अकादमिक सहयोग और गुरू गोरक्षनाथ पर मिलकर काम करेंगे।
दीक्षांत सप्ताह में आज के कार्यक्रम
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय के 38 वें दीक्षांत समारोह के प्रचार प्रसार एवं छायांकन समिति के संयोजक प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि दीक्षांत सप्ताह समारोह के अंतर्गत सोमवार को दोपहर बाद तीन बजे से दीक्षा भवन में सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा।

दीक्षांत समारोह का आज होगा पूर्वाभ्यास
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में 23 अक्तूबर को होने वाले दीक्षांत समारोह का पूर्वाभ्यास सोमवार को सुबह 10 बजे से दीक्षा भवन में होगा। यह जानकारी प्रचार-प्रसार समिति के संयोजक प्रो. अजय कुमार शुक्ला ने दी।
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