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भारत -नेपाल बार्डर पर होगा बाईपास का निर्माण
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भारत-नेपाल बार्डर पर महेशपुर के पास बाईपास का होगा निर्माण
टीपी शाही
गोरखपुर। महराजगंज जिले के ठूृठीबारी ( राजाबारी) कस्बे के पास भारत नेपाल बार्डर पर बाईपास का निर्माण होगा। इसके बन जाने से महेशपुर होते हुए काठमांडू जाना आसान हो जाएगा। इतना ही नहीं इस रास्ते काठमांडू की दूरी 50 किलो मीटर कम हो जाएगी। इससे सोनौली बार्डर पर हर रोज जाम की समस्या से वाहन चालकों और पर्यटकों को निजात भी मिलेगी।
ठूृठीबारी के पास बाईपास नहीं होने के कारण भारी वाहनों को नेपाल जाने में दिक्कत होती है। सभी वाहन सोनौली होकर जाते हैं जिससे वहां हमेशा जाम की समस्या रहती है। परेशानी की बाबत कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया। इस पर मुख्यमंत्री ने 8 मई को गोरखनाथ मंदिर में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की बैठक बुलाई। मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि भारत - नेपाल बार्डर पर बाईपास का निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें तथा स्वयं मौके पर जाकर प्रस्ताव बनाएं। मुख्य अभियंता एसपी सिंह ने मौके का निरीक्षण किया तथा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा। प्रस्ताव में कहा गया कि इंडो-नेपाल बार्डर पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 एस ठूठीबारी (राजाबारी लघु सेतु) से महेशपुर होते हुए इंडो नेपाल के बीच बाईपास बनाया जाना है। इसकी लंबाई 845 मीटर होगी । इसके निर्माण पर 388.67 लाख की लागत आएगी। वर्तमान में सोनौली से काठमांडू की दूरी करीब 300 किलोमीटर है। महेशपुर पर बाईपास बनने के बाद यह दूरी 250 किलोमीटर रह जाएगी।
मुख्य अभियंता ने अपने पत्र में कहा है कि बाईपास के बनने से औद्योगिक, व्यापारिक एवं पर्यटन के क्षेत्र में काफी सुविधा होगी तथा बढ़ावा मिलेगा। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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टीपी शाही
गोरखपुर। महराजगंज जिले के ठूृठीबारी ( राजाबारी) कस्बे के पास भारत नेपाल बार्डर पर बाईपास का निर्माण होगा। इसके बन जाने से महेशपुर होते हुए काठमांडू जाना आसान हो जाएगा। इतना ही नहीं इस रास्ते काठमांडू की दूरी 50 किलो मीटर कम हो जाएगी। इससे सोनौली बार्डर पर हर रोज जाम की समस्या से वाहन चालकों और पर्यटकों को निजात भी मिलेगी।
ठूृठीबारी के पास बाईपास नहीं होने के कारण भारी वाहनों को नेपाल जाने में दिक्कत होती है। सभी वाहन सोनौली होकर जाते हैं जिससे वहां हमेशा जाम की समस्या रहती है। परेशानी की बाबत कुछ लोगों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बताया। इस पर मुख्यमंत्री ने 8 मई को गोरखनाथ मंदिर में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की बैठक बुलाई। मुख्य अभियंता को निर्देश दिया कि भारत - नेपाल बार्डर पर बाईपास का निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें तथा स्वयं मौके पर जाकर प्रस्ताव बनाएं। मुख्य अभियंता एसपी सिंह ने मौके का निरीक्षण किया तथा प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा। प्रस्ताव में कहा गया कि इंडो-नेपाल बार्डर पर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 730 एस ठूठीबारी (राजाबारी लघु सेतु) से महेशपुर होते हुए इंडो नेपाल के बीच बाईपास बनाया जाना है। इसकी लंबाई 845 मीटर होगी । इसके निर्माण पर 388.67 लाख की लागत आएगी। वर्तमान में सोनौली से काठमांडू की दूरी करीब 300 किलोमीटर है। महेशपुर पर बाईपास बनने के बाद यह दूरी 250 किलोमीटर रह जाएगी।
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मुख्य अभियंता ने अपने पत्र में कहा है कि बाईपास के बनने से औद्योगिक, व्यापारिक एवं पर्यटन के क्षेत्र में काफी सुविधा होगी तथा बढ़ावा मिलेगा। वित्तीय स्वीकृति मिलने के बाद इसके निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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