{"_id":"67-97725","slug":"Gorakhpur-97725-67","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक करेंगे परिवहन अधिकारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक करेंगे परिवहन अधिकारी
Gorakhpur
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन
गोरखपुर। रोड सेफ्टी के तहत सड़क हादसे रोकने के लिए स्कूलों की भी जिम्मेदारी तय होने के बाद परिवहन अधिकारियों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। स्कूल-कॉलेज के 100 मीटर के दायरे में यातायात प्रबंधन की देखरेख के लिए परिवहन अधिकारी स्कूल प्रबंधन को इसकी जानकारी देंगे। इसके साथ ही इसकी निगरानी संभागीय परिवहन अधिकारी तथा यात्री कर अधिकारी करेंगे।
परिवहन आयुक्त के. रवींद्र नायक ने स्कूल परिसर के बाहर वाहन की पार्किंग कराने और स्कूलों को यातायात व्यवस्था की निगरानी स्वयं करने की बात कहीं थी। परिवहन आयुक्त के निर्देश के बाद आरटीओ प्रवर्तन डॉ. एके गुप्ता ने इस संबंध में काम शुरू कर दिया है। आरटीओ ने मंडल के सभी जिले के एआरटीओ और यात्री कर अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे अपने जिले में स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक कर परिवहन आयुक्त के आदेश की जानकारी दें। इसके साथ ही स्कूल के आसपास यातायात व्यवस्था को कैसे ठीक किया जाए, इस संबंध में प्रशिक्षण भी दें। जिससे स्कूल प्रबंधन को यातायात नियंत्रण के समय किसी तरह की परेशानी न हो। आरटीओ प्रवर्तन डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि स्कूलों को भी अपने यहां बच्चों को सड़क पर सुरक्षित चलने की शिक्षा देनी चाहिए। अक्सर स्कूली छात्र-छात्राएं भी उल्टे-सीधे तरीके से वाहन चलाकर दुर्घटना का शिकार हो जाते है। जागरूक होने से ही हम हादसों में कमी ला सकते है। उन्होंने बताया कि बैठक में वह खुद उपस्थित रहकर स्कूल प्रबंधन को सभी जानकारी देंगे।
विज्ञापन
परिवहन आयुक्त के. रवींद्र नायक ने स्कूल परिसर के बाहर वाहन की पार्किंग कराने और स्कूलों को यातायात व्यवस्था की निगरानी स्वयं करने की बात कहीं थी। परिवहन आयुक्त के निर्देश के बाद आरटीओ प्रवर्तन डॉ. एके गुप्ता ने इस संबंध में काम शुरू कर दिया है। आरटीओ ने मंडल के सभी जिले के एआरटीओ और यात्री कर अधिकारी को निर्देश दिया है कि वे अपने जिले में स्कूल प्रबंधन के साथ बैठक कर परिवहन आयुक्त के आदेश की जानकारी दें। इसके साथ ही स्कूल के आसपास यातायात व्यवस्था को कैसे ठीक किया जाए, इस संबंध में प्रशिक्षण भी दें। जिससे स्कूल प्रबंधन को यातायात नियंत्रण के समय किसी तरह की परेशानी न हो। आरटीओ प्रवर्तन डॉ. एके गुप्ता ने कहा कि स्कूलों को भी अपने यहां बच्चों को सड़क पर सुरक्षित चलने की शिक्षा देनी चाहिए। अक्सर स्कूली छात्र-छात्राएं भी उल्टे-सीधे तरीके से वाहन चलाकर दुर्घटना का शिकार हो जाते है। जागरूक होने से ही हम हादसों में कमी ला सकते है। उन्होंने बताया कि बैठक में वह खुद उपस्थित रहकर स्कूल प्रबंधन को सभी जानकारी देंगे।
विज्ञापन