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कमरे के लिए पार्षदों में छिड़ी जंग
Gorakhpur
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
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गोरखपुर। भाजपा और सपा के पार्षदों के बीच कमरे के लिए जंग छिड़ गई है। भाजपा पार्षदों को कमरा आवंटित किए जाने की आशंका से सपा के पार्षदों ने पार्षद कक्ष में ताला जड़ दिया। हालांकि बाद में ताला खोल दिया गया। लेकिन इस प्रकरण के साथ ही नगर निगम में एक नई परंपरा की शुरुआत हो गई है। भले ही भाजपा और सपा के पार्षदों के बीच किसी तरह की तकरार नहीं हुई लेकिन दोनों दलों के पार्षदों के बीच के रिश्तों में गांठ पड़ गई है। मंगलवार को मेयर और नगर आयुक्त की इस मसले पर फिर से बैठक होने वाली है।
नगर निगम में भाजपा विधायक दल के उपनेता जितेंद्र सैनी को मेयर और नगर आयुक्त ने भाजपा पार्षदों के लिए अलग कक्ष आवंटित करने का आश्वासन दिया था। इस सूचना के बाद सपा के पार्षद भड़क गए। उन्होंने शुक्रवार दोपहर पार्षद कक्ष में ताला जड़ दिया। हालांकि बाद में सपा के पार्षदों ने ताला खुद ही खोल दिया। भाजपा के पार्षद दल के मुख्य सचेतक रणंजय सिंह जुगनू का कहना है कि जब मेयर और नगर आयुक्त ने भाजपा पार्षदों के लिए अलग कक्ष आवंटित करने का आश्वासन दे दिया था। इसके बाद फिर से इस मसले को नया तूल देना पूरी तरह से गलत है। अभी तक की परंपरा रही है कि उपसभापति कमरे में ही उस दल के पार्षदों का ठिकाना होता है। इस लिए पार्षद कक्ष में जब भाजपा के पार्षदों ने बैठना शुरू किया तो उसमें निजी ताला लगाना पूरी तरह से गलत है।
‘भाजपा ने अपना नेता मेयर को घोषित कर रखा है। ऐसे में भाजपा पार्षदों को अलग से बैठने में कोई दिक्कत नहीं है। अगर अलग कक्ष चाहिए तो वो अपना नेता बदल लें।’
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- जियाउल इस्लाम, उपाध्यक्ष नगर निगम
‘ शाम को उस कक्ष में नगर निगम का ही ताला लगा हुआ था। इस मसले पर मंगलवार को मेयर के साथ वार्ता होगी। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।’
- अखिलेश तिवारी, आयुक्त नगर निगम
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नगर निगम में भाजपा विधायक दल के उपनेता जितेंद्र सैनी को मेयर और नगर आयुक्त ने भाजपा पार्षदों के लिए अलग कक्ष आवंटित करने का आश्वासन दिया था। इस सूचना के बाद सपा के पार्षद भड़क गए। उन्होंने शुक्रवार दोपहर पार्षद कक्ष में ताला जड़ दिया। हालांकि बाद में सपा के पार्षदों ने ताला खुद ही खोल दिया। भाजपा के पार्षद दल के मुख्य सचेतक रणंजय सिंह जुगनू का कहना है कि जब मेयर और नगर आयुक्त ने भाजपा पार्षदों के लिए अलग कक्ष आवंटित करने का आश्वासन दे दिया था। इसके बाद फिर से इस मसले को नया तूल देना पूरी तरह से गलत है। अभी तक की परंपरा रही है कि उपसभापति कमरे में ही उस दल के पार्षदों का ठिकाना होता है। इस लिए पार्षद कक्ष में जब भाजपा के पार्षदों ने बैठना शुरू किया तो उसमें निजी ताला लगाना पूरी तरह से गलत है।
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‘भाजपा ने अपना नेता मेयर को घोषित कर रखा है। ऐसे में भाजपा पार्षदों को अलग से बैठने में कोई दिक्कत नहीं है। अगर अलग कक्ष चाहिए तो वो अपना नेता बदल लें।’
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- जियाउल इस्लाम, उपाध्यक्ष नगर निगम
‘ शाम को उस कक्ष में नगर निगम का ही ताला लगा हुआ था। इस मसले पर मंगलवार को मेयर के साथ वार्ता होगी। इसके बाद कोई निर्णय लिया जाएगा।’
- अखिलेश तिवारी, आयुक्त नगर निगम