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शवदाह गृह पर 58.34 लाख खर्च, काम अधूरा
Updated Sun, 09 Dec 2018 11:11 PM IST
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शवदाह गृह पर 58.34 लाख खर्च, काम अधूरा
अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। क्षेत्र में किसी भी मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायत की तरफ से कस्बे के पूरब तरफ दो वर्ष पहले श्मशान घाट के निर्माण का काम शुरू कराई गई थी। यह काम अब भी अधूरा है। एक करोड़ 10 लाख रुपये से प्रस्तावित इस अंत्येष्टि स्थल पर अब तक 58.34 लाख रुपये खर्च भी हो चुके हैं। निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग के अभियंता इसकी जांच भी कर चुके हैं। परंतु न तो निर्माण पूरा हुआ और न ही जांच रिपोर्ट पर ही कोई कार्रवाई की गई।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर मगहर नगर पंचायत की तरफ से आमी नदी के किनारे शवों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट का निर्माण शुरू कराया था। इस्लामनगर वार्ड में प्रस्तावित शवदाह गृह के निर्माण के लिए 1.10 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत हुई। दो साल में 58.34 लाख रुपये खर्च होने के बाद यहां अब तक नींव के बाद करीब छह फीट ऊंची बाउंड्री बनी है। कार्यदायी संस्था को इस कार्य के लिए 58.34 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस जगह पर शवदाह गृह बन रहा है वहां तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है। बरसात के वक्त नदी में जलस्तर में वृद्धि होने पर पूरा इलाका बाढ़ग्रस्त हो जाता है। इसका निर्माण शुरू होने के कुछ ही दिन बाद लोगों ने डीएम से गड़बड़ी की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने इसकी जांच भी की थी। इसके बावजूद न तो कार्य पूरा कराया गया और न ही जांच रिपोर्ट ही सार्वजनिक की गई।
इस संबंध में नगर पंचायत मगहर के अवर अभियंता जसवंत यादव का कहना है कि श्मशान घाट के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर स्थलीय निरीक्षण कर जांच कराई गई थी। निर्माण कार्य में मानकों का ख्याल नहीं रखा गया है। इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ अफसरों को दी जा चुकी है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मगहर। क्षेत्र में किसी भी मृत्यु होने पर अंतिम संस्कार के लिए नगर पंचायत की तरफ से कस्बे के पूरब तरफ दो वर्ष पहले श्मशान घाट के निर्माण का काम शुरू कराई गई थी। यह काम अब भी अधूरा है। एक करोड़ 10 लाख रुपये से प्रस्तावित इस अंत्येष्टि स्थल पर अब तक 58.34 लाख रुपये खर्च भी हो चुके हैं। निर्माण कार्य में अनियमितता की शिकायत पर लोक निर्माण विभाग के अभियंता इसकी जांच भी कर चुके हैं। परंतु न तो निर्माण पूरा हुआ और न ही जांच रिपोर्ट पर ही कोई कार्रवाई की गई।
प्रदेश सरकार के निर्देश पर मगहर नगर पंचायत की तरफ से आमी नदी के किनारे शवों के अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट का निर्माण शुरू कराया था। इस्लामनगर वार्ड में प्रस्तावित शवदाह गृह के निर्माण के लिए 1.10 करोड़ रुपये की कार्ययोजना स्वीकृत हुई। दो साल में 58.34 लाख रुपये खर्च होने के बाद यहां अब तक नींव के बाद करीब छह फीट ऊंची बाउंड्री बनी है। कार्यदायी संस्था को इस कार्य के लिए 58.34 लाख रुपये का भुगतान भी हो चुका है। महत्वपूर्ण बात यह है कि जिस जगह पर शवदाह गृह बन रहा है वहां तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है। बरसात के वक्त नदी में जलस्तर में वृद्धि होने पर पूरा इलाका बाढ़ग्रस्त हो जाता है। इसका निर्माण शुरू होने के कुछ ही दिन बाद लोगों ने डीएम से गड़बड़ी की शिकायत की थी। डीएम के निर्देश पर लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने इसकी जांच भी की थी। इसके बावजूद न तो कार्य पूरा कराया गया और न ही जांच रिपोर्ट ही सार्वजनिक की गई।
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इस संबंध में नगर पंचायत मगहर के अवर अभियंता जसवंत यादव का कहना है कि श्मशान घाट के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिलने पर स्थलीय निरीक्षण कर जांच कराई गई थी। निर्माण कार्य में मानकों का ख्याल नहीं रखा गया है। इसकी रिपोर्ट वरिष्ठ अफसरों को दी जा चुकी है।
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