फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   राप्ती ने उड़ाई नींद, बरहुआ-कालेसर बांध जर्जर

राप्ती ने उड़ाई नींद, बरहुआ-कालेसर बांध जर्जर

Sun, 20 Aug 2017 02:19 AM IST
Updated Sun, 20 Aug 2017 02:19 AM IST
विज्ञापन
राप्ती ने उड़ाई नींद, बरहुआ-कालेसर बांध जर्जर

विज्ञापन
गोरखपुर।
रोहिन नदी की बाढ़ से तबाही के बाद राप्ती नदी ने गोरखपुर के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की नींद उड़ा दी है। राप्ती का जलस्तर शनिवार को खतरे के निशान से दो मीटर ऊपर जा पहुंचा। इससे शहरी क्षेत्र के बांधों पर जबरदस्त दबाव बन गया। नौसड़ और बरहुआ बंधे के टूटने का खतरा पैदा हो गया। बाढ़ का पानी रिसकर सड़कों तक आ पहुंचा। इससे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। हजारों परिवार घर छोड़कर मवेशी और जरूरी सामान के साथ बंधों पर चले गए। खोराबार के बिनहां रिंग बांध, सहजनवां के कोलियां बांध और झंगहा के सेमरवना बांध में भी कटान हो गई। इससे कई गांव जलमग्न हो गए। जिला प्रशासन ने नौसड़ से बरगदवां तक अलर्ट जारी कर दिया है। शहर से सटे लहसिड़ी, पथरा और अजवनियां बंधे पर भी रिसाव हो रहा है। केंद्रीय जल आयोग के आंकड़ों के मुताबिक राप्ती नदी का जलस्तर 1998 में आई बाढ़ के करीब पहुंच गया है। तब की बाढ़ ने भयंकर तबाही मचाई थी। राप्ती का जलस्तर अब डेढ़ सेंटीमीटर प्रति घंटा रफ्तार से बढ़ रहा है। ऐसे में भारी तबाही की आशंका बढ़ती जा रही है। शाम छह बजे तक राप्ती नदी का जलस्तर 77 मीटर रिकार्ड किया गया, जो खतरे के निशान से दो मीटर से ऊपर है। खतरे का निशान 74.980 मीटर है। इसका मतलब है कि राप्ती 1998 की बाढ़ से महज 54 सेंटीमीटर दूर है।

बाढ़ पीड़ितों के बिजली बिल माफ : मुख्यमंत्री योगी
राजस्व वसूली स्थगित की गई
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को स्टीमर से बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का दौरा किया। कैंपियरगंज और पीपीगंज जाकर बाढ़ पीड़ितों सें मिले। साथ ही राहत, बचाव कार्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राशन भी बांटा। साथ ही कहा कि बाढ़ पीड़ितों को गुणवत्ता परक खाना उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है। इसमें किसी तरह की हीलाहवाली नहीं की जाएगी। मुख्यमंत्री ने बाढ़ पीड़ितों को बड़ी राहत देने का एलान भी किया। खुले मंच से कहा कि बाढ़ पीड़ितों का बिजली बिल माफ कर दिया है। राजस्व वसूली भी स्थगित रहेगी। बाढ़ प्राकृतिक आपदा है। इससे मिलकर निपटने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने व्यापारी, उद्यमी और स्वयं सेवी संगठनों से बाढ़ पीड़ितों को मदद पहुंचाने की अपील की।
विज्ञापन


लखनऊ-गोरखपुर मार्ग बाधित
गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग शनिवार को भी नहीं शुरू हो सका। नौसड़ के पास मुख्य सड़क पर बाढ़ के पानी का रिसाव जारी है। प्रशासन, सिंचाई विभाग के अफसर और स्थानीय लोग रिसाव रोकने की कोशिश में लगे हैं लेकिन फिलहाल सफलता नहीं मिल सकी है। दूसरी तरफ गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग तीसरे दिन भी बंद रहा। इससे गोरखपुर से महराजगंज, सेनौली और नेपाल का संपर्क पूरी तरह से कट गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


छत ढहने से महिला की मौत, रेल रूट रोका
बाढ़ में घिरे विशुनपुरा गांव में कच्चे मकान का कुछ हिस्सा गिरने से मलबे में दबकर मुन्नी देवी (55) की मौत हो गई। अंतिम संस्कार के लिए शव को बाहर निकालने की व्यवस्था न होने से नाराज ग्रामीणों ने ट्यूब की जुगाड़ वाली नाव के सहारे मृत महिला को बाहर निकाला। साथ ही बालापार रोड के महुआतर रेलवे क्रॉसिंग पर महिला का शव रखकर जाम लगा दिया। आधे घंटे बाद गोरखपुर से नौतनवां जा रही इंटर सिटी एक्सप्रेस को रोक दिया। सूचना पर पहुंचे एसपी सिटी, एसपी क्राइम ने मुआवजा दिलाने का आश्वासन देकर शव हटाकर ट्रेन को रवाना किया।

सेल्फी के चक्कर में रोहिन नदी में बहा युवक
अकटवा पुल पर चढ़कर सेल्फी लेने के चक्कर में एक युवक नदी में बह गया। प्रत्यक्षदर्शी उस ओर दौड़े लेकिन तेज धार में वह नदी में समा गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोर की मदद से तलाश कराई मगर उसका कोई पता नहीं चल सका है। पुल पर ही उसका जूता बरामद हुआ है। युवक की पहचान नहीं हो सकी है। उधर, कैंपियरगंज इलाके में डूबे युवक की लाश शनिवार को बरामद हो गई। बान गांव का फिरोज शुक्रवार को नदी में डूब गया था।

बिजली काटी गई
बाढ़ की आशंका को देखते हुए शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों की बिजली काट दी गई है। विभागीय अफसरों का कहना है कि पानी की वजह से बिजली के पोल गिर रहे हैं। यदि बिजली नहीं काटी गई तो बड़ा हादसा हो सकता है।



शहरी क्षेत्र में भी पड़ेगा असर
नौसड़ और बरहुआ बांध टूटा तो बड़ी तबाही आएगी। नौसड़ में तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान हैं। बड़ी-बड़ी कालोनियां बनी हैं। गोरखपुर-वाराणसी राष्ट्रीय राजमार्ग भी इससे जुड़ा है। बाघागाड़ा, एकला और बेलीपार सहित तमाम इलाके बाढ़ की चपेट में आ जाएंगे। औद्योगिक क्षेत्र गीडा भी बाढ़ की जद में है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed