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किसान अपने फसलाें का बीमा अवश्य कराएं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Thu, 17 May 2018 01:39 AM IST
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गोष्ठी में कई जिलों के अफसर मौजूद रहे।
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गोरखपुर। प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद ने किसानों से अपील की कि वे फसलों का बीमा अवश्य कराएं। साथ ही उन्होंने बैंक, बीमा कंपनियों व प्रशासन से भी यह सुनिश्चित करने को कहा कि किसानों की फसलाें का बीमा अवश्य हो। जिससे आपदा या अन्य कारणों से फसलों के नुकसान होने पर किसान को उसकी फसल का मुआवजा मिल सके। उन्होंने बताया कि खरीफ की फसल के बीमा के लिए किसान को कुल राशि का दो प्रतिशत देना होता है जबकि शेष 8 प्रतिशत केंद्र सरकार देती है।
प्रमुख सचिव विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में बुधवार को आयोजित गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ मंडल की संयुक्त खरीफ गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभ देने के तीन सूत्र हैं। लागत घटे, उपज बढ़े तथा उपज की कीमत मिले। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बाढ़ प्रमुख समस्या है इसलिए किसानों को ऐसी फसलों को लगाना चाहिए जो बाढ़ रोधी हों, बाढ़ आने पर कम नुकसान हो। मंडी अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए कृषि आयुक्त ने कहा कि कोई भी किसान किसी भी मंडी में अपना उत्पाद बेच सकता है। खाद बीज की कमी न हो इसके लिए खादों के अग्रिम भंडारण का निर्देश दे दिया गया है। मंडलायुक्त अनिल कुमार ने कृषि विभाग एवं किसानों से जुड़े अन्य विभागों के बारे में जानकारी दी। बताया कि पिछले वर्ष खरीफ की फसल में लगभग 17 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई थी। इस बार भी लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
खरीफ गोष्ठी में कमिश्नर आजमगढ़ एसबीएस रंगाराव और कमिश्नर बस्ती दिनेश सिंह ने भी अपने मंडल के कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर डीएम के विजयेन्द्र पांडियन, डीएम संतकबीरनगर भूपेंद्र एस चौधरी, डीएम सिद्धार्थनगर कुणाल सिल्कू सहित कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, आजमगढ़, मऊ और बलिया के जिलाधिकारी भी मौजूद थे।
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प्रमुख सचिव विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में बुधवार को आयोजित गोरखपुर, बस्ती, आजमगढ़ मंडल की संयुक्त खरीफ गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों को लाभ देने के तीन सूत्र हैं। लागत घटे, उपज बढ़े तथा उपज की कीमत मिले। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में बाढ़ प्रमुख समस्या है इसलिए किसानों को ऐसी फसलों को लगाना चाहिए जो बाढ़ रोधी हों, बाढ़ आने पर कम नुकसान हो। मंडी अधिनियम के संबंध में जानकारी देते हुए कृषि आयुक्त ने कहा कि कोई भी किसान किसी भी मंडी में अपना उत्पाद बेच सकता है। खाद बीज की कमी न हो इसके लिए खादों के अग्रिम भंडारण का निर्देश दे दिया गया है। मंडलायुक्त अनिल कुमार ने कृषि विभाग एवं किसानों से जुड़े अन्य विभागों के बारे में जानकारी दी। बताया कि पिछले वर्ष खरीफ की फसल में लगभग 17 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई थी। इस बार भी लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
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खरीफ गोष्ठी में कमिश्नर आजमगढ़ एसबीएस रंगाराव और कमिश्नर बस्ती दिनेश सिंह ने भी अपने मंडल के कार्यों के बारे में जानकारी दी। इस अवसर पर डीएम के विजयेन्द्र पांडियन, डीएम संतकबीरनगर भूपेंद्र एस चौधरी, डीएम सिद्धार्थनगर कुणाल सिल्कू सहित कुशीनगर, देवरिया, महराजगंज, आजमगढ़, मऊ और बलिया के जिलाधिकारी भी मौजूद थे।
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