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बीआरडी के प्रिंसिपल ऑफिस में आग, फाइलें राख
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Mon, 08 Jan 2018 09:05 PM IST
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मेडिकल कॉलेज में आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
- फोटो : amar ujala
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बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी के बीच हुई मौतों की जांच चल ही रही है कि सोमवार की सुबह लगी आग से प्राचार्य और उनके निजी सहायक का दफ्तर फुंक गया। 70 से ज्यादा गोपनीय फाइलें राख हो गईं। आग के कारणों का पता नहीं लग सका। आशंका है कि बीआरडी कांड से संबंधित जांच और उससे जुड़ी फाइलें-दस्तावेज भी राख हो गए हैं। प्राचार्य दफ्तर आकलन कर रहा है कि क्या-क्या जला। जिलाधिकारी राजीव रौतेला ने घटना की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए हैं। मुख्य अग्निशमन अधिकारी को आग लगने के कारण तलाशने की जिम्मेदारी मिली है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने भी अपने स्तर से जांच कराने का फैसला किया है।
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घटना सोमवार को सुबह करीब 9:40 पर घटी। प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार छुट्टी पर थे। उनका दायित्व कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. राम कुमार जायसवाल के पास था। सफाई कर्मचारी पहुंचे तो प्राचार्य दफ्तर के अंदर से धुआं निकलता दिखा। आनन-फानन में सफाईकर्मियों ने घटना की सूचना बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दी। आग से अफरा-तफरी मच गई। पहले कर्मचारियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश की लेकिन सफलता नहीं मिल सकी। धू-धू करके प्राचार्य दफ्तर के फर्नीचर और चार अलमारियों के रखे दस्तावेज भी जल गए। प्राचार्य और उनके निजी सहायक के दफ्तर के कंप्यूटर भी इस कदर जले कि उनकी हार्डडिस्क भी नष्ट हो गईं। चौंकाने वाली बात यह रही कि मेडिकल कॉलेज की तरफ से अग्निशमन विभाग को सूचना नहीं दी गई। यह काम एसबीआई के एक कर्मचारी ने किया। करीब 30 मिनट बाद दमकल की सात गाड़ियां मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया जा सका। आग की घटना के बाद इसे ऑक्सीजन कांड से जोड़ते हुए चर्चाएं गर्म हो गईं। मेडिकल कॉलेज के सूत्रों ने बताया कि आलमारियों में 70 फाइलें रखी हुई थीं। इसमें ऑक्सीजन सप्लाई और दवा खरीद से संबंधित फाइलें भी शामिल थीं। टेंडर से जुड़ी फाइलों के भी जलने की आशंका जताई जा रही है।
बचाए गए कुछ रिकॉर्ड
प्राचार्य दफ्तर में आग लगने के बाद किसी तरह से कुछ दस्तावेज बाहर निकाले जा सके, लेकिन आलमारियों में रखे रिकॉर्ड जल गए।
दगा दे गए अग्निशमन यंत्र
आग की सूचना पर सुरक्षा कर्मियों के साथ बीआरडी के जूनियर और सीनियर रेजिडेंट भी आ गए। वे फायर एक्सट्रिंग्युशर से आग पर काबू पाने की कोशिश करने लगे लेकिन एक्सट्रिंग्युशर दगा दे गए। आग बढ़ती रही। किसी जिम्मेदार ने इसकी सूचना फायर ब्रिगेड को नहीं दी। बीआरडी स्थित स्टेट बैंक आए एक रिटायर्ड बैंककर्मी ने सुबह करीब 10:10 बजे फायर स्टेशन को फोन किया। इसके बाद आई सात दमकलों ने आग बुझाई।
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करोड़ों खर्च, फिर भी वाटर हाइड्रेंट ने दिया धोखा
प्राचार्य दफ्तर स्थित वाटर हाइड्रेंट भी जरूरत पड़ी तो खराब मिला। इसके चलते दमकल को बाहर से पानी लाना पड़ा। इससे आग पर काबू पाने में ज्यादा समय लगा। इससे पहले आग से निपटने के इंतजामों पर मेडिकल कॉलेज में चार करोड़ रुपये खर्च हुए थे।
एडीएम सिटी करेंगे जांच
डीएम राजीव रौतेला ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य दफ्तर में लगी आग की जांच एडीएम सिटी रजनीश चंद्र को दी है। डीएम ने पूरे मामले की जांच करके रिपोर्ट जल्द ही तलब की है। एडीएम सिटी ने तत्काल छानबीन शुरू कर दी। आग लगने और दस्तावेज जलने की पूरी रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज प्रशासन से मांगी है।
सीएफओ के नेतृत्व में बनी जांच कमेटी
आग लगने की घटना की जांच के लिए एसपी नार्थ गणेश साहा ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी डीके सिंह के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। ये कमेटी आग लगने की वजह तलाशेगी।
आग पर विधायक ने की मंत्रियों से बात
प्राचार्य दफ्तर में आग की सूचना पाकर भाजपा विधायक डॉ. आरएमडी अग्रवाल बीआरडी मेडिकल कॉलजे पहुंचे। विधायक ने मौके से ही मोबाइल फोन पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, चिकित्सा शिक्षामंत्री आशुतोष टंडन से बात की। विधायक ने कहा कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। प्राचार्य से इस बात का प्रमाण पत्र लिया जाना चाहिए कि आग में ऑक्सीजन से जुड़े आरोप और उनसे संबंधित फाइलें तो नहीं जली हैं। विधायक ने महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य से भी मोबाइल फोन पर बात की। विधायक ने कहा कि जो भी फाइलें जली हैं, उनका रिकार्ड बनाया जाए। जो फाइलें जलने से बची हैं, उन्हें भी सुरक्षित रखा जाए।
प्राचार्य छुट्टी से लौटे, जांच कराएंगे
आग लगने और नुकसान की सूचना के बाद प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने छुट्टी से लौट आए। वह देरशाम तक बीआरडी मेडिकल कॉलेज पहुंचे और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक भी की। प्राचार्य ने कहा कि आग लगने के कारणों को तलाशा जाएगा। इसकी जांच एक हाई पावर कमेटी करेगी। कमेटी देखेगी कि कितना नुकसान हुआ है। कौन-कौन सी फाइलें जली हैं। इसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी जाएगी। यदि किसी अफसर या कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
आग लगने की सूचना पर टीम को लेकर वहां पहुंची। कमरों का दरवाजा और शीशा तोड़ कर आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। दमकल कर्मियों के प्रयास से आग पर काबू पा लिया गया। आग कैसे लगी और क्या कारण है, उसकी जांच कराई जाएगी।
डीके सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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