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सऊदी अरब में बैरियहवां के युवक की मौत
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:23 AM IST
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नौतनवां (महराजगंज)। नगर के सटे बैरियहवां गांव से सऊदी अरब कमाने गए एक युवक की मंगलवार की शाम एक सड़क हादसे में मौत हो गई। घटना की जानकारी के बाद युवक की पत्नी व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। युवक के परिजनों का कहना है कि घटना के बाद से सऊदी कंपनी के लोगों संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजनों ने प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री से शव को भारत लाने व कंपनी से आर्थिक मदद दिलाने की गुहार लगाई है।
बैरियहवां निवासी रिक्शा चालक भोलर चौहान के चार पुत्रों में से तीसरे नंबर का सुनील चौहान (28) कई लोगों से कर्ज लेकर वर्ष 2013 में सऊदी अरब कमाने गया था। वह अबहा नामक शहर में एक कंपनी में डोजर चलाता था। 2015 में भारत वापस लौटा था लोगों से लिया कर्ज वापस कर दिया। उसके बाद 24 फरवरी 2016 को उसका बाजार के समीप बेलसर गांव में उसकी शादी हुई थी। शादी के महज दो माह के बाद ही वह अपनी पत्नी को घर पर छोड़ पुन: सऊदी अरब चला गया और उसी कंपनी में काम करने लगा था। 7 जून की सुबह पत्नी दुर्गावती के फोन पर सुनील के साथ काम करने वाले उसके मित्र का फोन आया कि 6 जून की देर शाम अबहा से दस किलोमीटर दूर एक कार की टक्कर से सुनील की मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिवार पर वज्रपात हो गया। पत्नी तो बदहवास हो गई। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दौरान परिजनों ने कंपनी के मालिक से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद मिल रहा है। सुनील के बड़े भाई शंभू ने बताया कि कंपनी के मालिक व अन्य लोगों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन चार दिन बाद भी किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। सुनील के साथ काम करने वाले मित्र भी कोई मदद नहीं कर पा रहे हैं। उसने प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री से भाई के शव को भारत लाने और सऊदी अरब की कंपनी व सरकार से उसकी पत्नी को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
अधूरा रह गया मकान बनवाने का सपना
नौतनवां। सऊदी अरब कमाने गए सुनील की मौत की खबर से पत्नी दुर्गावती का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो जा रही है। परिवार के अन्य सदस्य उसे ढांढस बधाने में जुटे हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि सुनील शादी के बाद महज दो महीने ही अपनी पत्नी के साथ रह पाया था। उसके बाद वह कमाने चला गया। सुनील की इच्छा थी कि जब इस बार वह कमा कर लौटेगा, तो एक पक्का मकान बनवाएगा।
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परिवार वालों ने पीएम और विदेश मंत्री से शव लाने व मदद दिलाने की लगाई गुहार
6 जून की देर शाम अबहा शहर के पास सड़क हादसे में गई जान
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बैरियहवां निवासी रिक्शा चालक भोलर चौहान के चार पुत्रों में से तीसरे नंबर का सुनील चौहान (28) कई लोगों से कर्ज लेकर वर्ष 2013 में सऊदी अरब कमाने गया था। वह अबहा नामक शहर में एक कंपनी में डोजर चलाता था। 2015 में भारत वापस लौटा था लोगों से लिया कर्ज वापस कर दिया। उसके बाद 24 फरवरी 2016 को उसका बाजार के समीप बेलसर गांव में उसकी शादी हुई थी। शादी के महज दो माह के बाद ही वह अपनी पत्नी को घर पर छोड़ पुन: सऊदी अरब चला गया और उसी कंपनी में काम करने लगा था। 7 जून की सुबह पत्नी दुर्गावती के फोन पर सुनील के साथ काम करने वाले उसके मित्र का फोन आया कि 6 जून की देर शाम अबहा से दस किलोमीटर दूर एक कार की टक्कर से सुनील की मौत हो गई। मौत की खबर सुनते ही परिवार पर वज्रपात हो गया। पत्नी तो बदहवास हो गई। परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। इस दौरान परिजनों ने कंपनी के मालिक से कई बार फोन पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उसका फोन बंद मिल रहा है। सुनील के बड़े भाई शंभू ने बताया कि कंपनी के मालिक व अन्य लोगों से कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई। लेकिन चार दिन बाद भी किसी से संपर्क नहीं हो पा रहा है। सुनील के साथ काम करने वाले मित्र भी कोई मदद नहीं कर पा रहे हैं। उसने प्रधानमंत्री व विदेश मंत्री से भाई के शव को भारत लाने और सऊदी अरब की कंपनी व सरकार से उसकी पत्नी को आर्थिक मदद दिलाने की मांग की है।
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अधूरा रह गया मकान बनवाने का सपना
नौतनवां। सऊदी अरब कमाने गए सुनील की मौत की खबर से पत्नी दुर्गावती का रो-रोकर बुरा हाल है। वह बार-बार बेहोश हो जा रही है। परिवार के अन्य सदस्य उसे ढांढस बधाने में जुटे हैं। परिवार के सदस्यों का कहना है कि सुनील शादी के बाद महज दो महीने ही अपनी पत्नी के साथ रह पाया था। उसके बाद वह कमाने चला गया। सुनील की इच्छा थी कि जब इस बार वह कमा कर लौटेगा, तो एक पक्का मकान बनवाएगा।
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परिवार वालों ने पीएम और विदेश मंत्री से शव लाने व मदद दिलाने की लगाई गुहार
6 जून की देर शाम अबहा शहर के पास सड़क हादसे में गई जान