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मकर संक्रांति कल, बुढ़वा मंगल 23 को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर।
Updated Sun, 14 Jan 2018 02:07 AM IST
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गोरखनाथ मंदिर।
- फोटो : Amar Ujala
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मकरसंक्रांति का पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा, जबकि बुढ़वा मंगल का पर्व 23 जनवरी को होगा। मकर संक्रांति के साथ ही गोरखनाथ मंदिर में लगने वाले खिचड़ी मेले की भी शुरुआत हो जाएगी। मेले की प्रत्येक गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। मंदिर में रात में रुकने वाले श्रद्धालुओं के लिए नि:शुल्क आवासीय व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को गुरु गोरखनाथ का दर्शन करने में कोई दिक्कत न हो, इसके लिए स्वयंसेवकों को लगाया गया है।
महिला पुरुष के लिए लगेगी अलग-अलग लाइन
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य द्वार के बाहर से ही दो लाइनें लगेंगी। एक में महिलाएं जाएंगी, जबकि दूसरी से पुरुषों को मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा। मंदिर के बाहर सड़क से ही बैरिकेडिंग कर मंदिर तक जाने के लिए रास्ता बनाया गया है। गेट संख्या 2 और 3 को प्रवेश के लिए तैयार किया गया है, जबकि 1 और 4 को निकासी के लिए बनाया गया है।
मेन सड़क पर जूते रखने की व्यवस्था
मुख्य सड़क पर ही मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था की जाएगी। यहां मंदिर के स्वयंसेवक कैंप लगाएंगे।
स्वास्थ्य कैंप भी लगेगा
स्वास्थ्य विभाग मंदिर परिसर में कैंप लगाएगा, जिसमें सरकारी चिकित्सकों की टीम दवाओं सहित उपस्थित रहेगी। गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय के चिकित्सकों की टीम अलग से मौजूद रहेगी। इसके अलावा आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्सका भी कैंप लगाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने दीं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सूर्य उपासना एवं सामाजिक समरसता का महापर्व है। संपूर्ण समाज और राष्ट्र के लिए यह पर्व मंगलमय हो। यह पर्व भारत के पर्व एवं त्योहारों की परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दिन से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं।
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महिला पुरुष के लिए लगेगी अलग-अलग लाइन
मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मुख्य द्वार के बाहर से ही दो लाइनें लगेंगी। एक में महिलाएं जाएंगी, जबकि दूसरी से पुरुषों को मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा। मंदिर के बाहर सड़क से ही बैरिकेडिंग कर मंदिर तक जाने के लिए रास्ता बनाया गया है। गेट संख्या 2 और 3 को प्रवेश के लिए तैयार किया गया है, जबकि 1 और 4 को निकासी के लिए बनाया गया है।
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मेन सड़क पर जूते रखने की व्यवस्था
मुख्य सड़क पर ही मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के जूते-चप्पल रखने की व्यवस्था की जाएगी। यहां मंदिर के स्वयंसेवक कैंप लगाएंगे।
स्वास्थ्य कैंप भी लगेगा
स्वास्थ्य विभाग मंदिर परिसर में कैंप लगाएगा, जिसमें सरकारी चिकित्सकों की टीम दवाओं सहित उपस्थित रहेगी। गुरु गोरखनाथ चिकित्सालय के चिकित्सकों की टीम अलग से मौजूद रहेगी। इसके अलावा आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्सका भी कैंप लगाएंगे।
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मुख्यमंत्री ने दीं शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को मकर संक्रांति पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह सूर्य उपासना एवं सामाजिक समरसता का महापर्व है। संपूर्ण समाज और राष्ट्र के लिए यह पर्व मंगलमय हो। यह पर्व भारत के पर्व एवं त्योहारों की परंपरा में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इस दिन से मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं।