फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   बीआरडी प्रशासन कराएगा काउंसिलिंग

मेडिकल स्टूडेंट्स की मनोदशा पढ़ेगा कॉलेज प्रशासन

Wed, 06 Dec 2017 12:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Updated Wed, 06 Dec 2017 12:36 AM IST
विज्ञापन
बीआरडी प्रशासन कराएगा काउंसिलिंग
डॉ. आरती (लाल ड्रेस में) दोस्तों के साथ। - फोटो : Amar Ujala/File Photo
बीआरडी मेडिकल कॉलेज प्रशासन अब स्टूडेंट और शिक्षकों के बीच बेहतर संवाद का माहौल तैयार करने में जुट गया है। बीआरडी प्रशासन ने यह कवायद आत्महत्या बताई जा रही डॉ. आरती की मौत के बाद शुरू की है। कॉलेज प्रशासन का मानना है कि इसके जरिए डिप्रेशन में गए स्टूडेंट को पहचाना जा सकेगा। इसके साथ ही उसे उचित काउंसिलिंग देकर उसके जीवन और कॅरिअर को सही राह भी दी जा सकेगी।
विज्ञापन


बीआरडी के प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने इसके लिए विभागाध्यक्षों से संवाद शुरू कर दिया है। उन्होंने डिप्रेशन में गए स्टूडेंट से लेकर इसकी ओर बढ़ रहे विद्यार्थियों को चिह्नित करने के लिए विभागाध्यक्षों से सुझाव मांगे हैं। प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि संस्थान में संसाधन हैं। बस जरूरत सही कार्ययोजना बनाने की है। मनोविज्ञान विभाग के साथ मिलकर सभी विभागाध्यक्षों के सहयोग से डिप्रेशन के खतरे से घिरे विद्यार्थियों पर जल्द ही काम शुरू हो जाएगा। जूनियर स्टूडेंट पढ़ाई और परीक्षा को लेकर भी डिप्रेशन में चले जाते हैं तो वहीं पारिवारिक परेशानियों या निजी समस्याओं के चलते भी विद्यार्थियों के साथ ऐसी समस्या हो जाती है। काउंसिलिंग उन्हें ऐसी स्थिति से उबारने का सबसे बेहतर उपाय है।
विज्ञापन


आरती से पहले डिप्रेशन के ‘जहर’ से मरे थे जफर
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में डिप्रेशन का जहर पहले भी जानलेवा रूप ले चुका है। डॉ. आरती की मौत के बाद कॉलेज से जुड़े पुराने लोगों के जेहन में उस घटना की याद ताजा हो गई। उस दुखद वाकए के गवाह 1998-99 बैच के स्टूडेंट और कॉलेज स्टाफ रहा। तब इलाहाबाद निवासी पीजी स्टूडेंट डॉ. जफर ब्वॉयज हॉस्टल में रहते थे। विनम्र स्वभाव के जफर किसी से ज्यादा बातचीत नहीं करते थे। उनके दोस्त कम थे और ज्यादातर वक्त वो क्लास और हॉस्टल के कमरे में ही गुजारते थे। एक दिन उनकी लाश कमरे की छत की कुंडी से फंदे में झूलती मिली। उस वाकए ने हॉस्टल के सभी स्टूडेंट से लेकर स्टाफ तक को झकझोर दिया था। यह बीआरडी में हुई पहली सुसाइड थी। पुलिस तफ्तीश में यह बात साबित हो गई। एक गैर समुदाय की छात्रा के साथ प्रेम संबंधों में डूबे डॉ. जफर के भीतर कब डिप्रेशन का ‘जहर’ दाखिल होकर उनके लिए जानलेवा बन गया, अगल-बगल के कमरों में रहने वाले साथी भी जान न सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed