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बालरोग विभाग में 24 घंटे के दौरान नौ मौतें
Updated Mon, 04 Sep 2017 01:19 AM IST
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गोरखपुर।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में बीते 24 घंटे के दौरान नौ मासूमों की मौत हो गई। इसके साथ ही कई दिनों से दहाई के पार जा रहा बच्चों की मौतों का आंकड़ा इकाई में आने पर कॉलेज प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है। प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने कहा कि बालरोग विभाग में भर्ती बच्चों के इलाज को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
सबसे ज्यादा मौतें नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में हुईं। यहां छह मौतें हुईं और 24 नवजात भर्ती भी हुए। एनआईसीयू में इस समय 112 नवजातों का इलाज चल रहा है। पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू)) में भर्ती तीन बच्चों की मौत हुई, जबकि 24 घंटे के दौरान 25 नए मरीज भर्ती हुए। पीआईसीयू में अभी 212 मरीजों का इलाज चल रहा है।
नौ में दो इंसेफेलाइटिस पीड़ित बच्चे भी
बालरोग विभाग के पीआईसीयू में हुई तीन मौतों में दो इंसेफेलाइटिस पीड़ित मरीज भी हैं। इन दो बच्चों की मौत के साथ मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस से मरने वाले मरीजों की संख्या 187 पहुंच चुकी है।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के बालरोग विभाग में बीते 24 घंटे के दौरान नौ मासूमों की मौत हो गई। इसके साथ ही कई दिनों से दहाई के पार जा रहा बच्चों की मौतों का आंकड़ा इकाई में आने पर कॉलेज प्रशासन ने थोड़ी राहत की सांस ली है। प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने कहा कि बालरोग विभाग में भर्ती बच्चों के इलाज को लेकर पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
सबसे ज्यादा मौतें नियोनेटल इंटेंसिव केयर यूनिट (एनआईसीयू) में हुईं। यहां छह मौतें हुईं और 24 नवजात भर्ती भी हुए। एनआईसीयू में इस समय 112 नवजातों का इलाज चल रहा है। पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (पीआईसीयू)) में भर्ती तीन बच्चों की मौत हुई, जबकि 24 घंटे के दौरान 25 नए मरीज भर्ती हुए। पीआईसीयू में अभी 212 मरीजों का इलाज चल रहा है।
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नौ में दो इंसेफेलाइटिस पीड़ित बच्चे भी
बालरोग विभाग के पीआईसीयू में हुई तीन मौतों में दो इंसेफेलाइटिस पीड़ित मरीज भी हैं। इन दो बच्चों की मौत के साथ मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस से मरने वाले मरीजों की संख्या 187 पहुंच चुकी है।
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