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हाई वोल्टेज करंट से शिक्षक की मौत, आधा दर्जन घायल
Updated Sun, 11 Jun 2017 12:23 AM IST
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हाई वोल्टेज करंट से शिक्षक की मौत, आधा दर्जन घायल
महराजगंज। कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम जहदां में शनिवार सुबह हाई वोल्टेज करंट से ट्यूशन पढ़ा रहे प्राइवेट स्कूल के शिक्षक की मौत हो गई जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो गए। गांव में कई घरों के विद्युत उपकरण जल गए। एकबारगी गांव में चीख-पुकार मच गई। बिजली विभाग की लापरवाही से गांव वालों में गुस्सा है। एक्सईएन का कहना है कि हाईवोल्टेज करंट के कारणों की जांच कराई जाएगी। पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
शनिवार को जहदां गांव में सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव के ही 45 वर्षीय शिक्षक वीरेंद्र चौधरी चंद्रशेखर चौबे के घर उनके बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रहे थे। इसी बीच हाई वोल्टेज करंट आ गया। पास रखे टेबल फैन को जैसे ही बंद करने गए वीरेंद्र चौधरी पंखे से ही चिपके रह गए। इससे वहां अफरातफरी मच गई। दूसरे घरों के भी बिजली के उपकरण जल उठे और लोग करंट की चपेट में आने लगे। गांव वालों ने सिसवां विद्युत उपकेंद्र पर मोबाइल के जरिए सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद कराई। इधर करंट से बुरी तरह झुलस चुके वीरेंद्र चौधरी को किसी तरह पंखे से छुड़ाकर गांव वालों ने निचलौल पीएचसी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हाई वोल्टेज करंट से गांव के प्रेम सागर चौबे, मोहित यादव, अनीता यादव, नीलम यादव सहित गांव के आधा दर्जन लोग घायल हो गए। ग्रामप्रधान नागेंद्र चौबे ने बताया कि लगभग 50 घरों के 10 लाख रुपये कीमत की विद्युत उपकरण जल गए हैं। गांव के मदन पांडेय के घर की एक एसी, फ्रिज, मोटर, इन्वर्टर, कूलर,10 केवी का स्टेबलाइजर सहित सभी विद्युत उपकरण जल गए हैं। ग्राम प्रधान के घर दो इन्वर्टर समेत सभी उपकरण जल गए हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि लगभग एक महीने से गांव में हाई वोल्टेज की समस्या चली आ रही है। इसकी शिकायत जेई से लेकर एक्सईएन तक से की जा चुकी है।
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इस संदर्भ में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम संघप्रिय गौतम ने कहा कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि हाई वोल्टेज कैसे हुआ। मृतक के परिजनों और घायलों के मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मां बाप के बुढ़ापे की लाठी व घर का सहारा नहीं रहा
कोठीभार। जहदां गांव में हर तरफ मातम पसरा है। गांव का हर व्यक्ति मृदुल स्वभाव के शिक्षक को याद कर गमगीन है। प्राइवेट स्कूल में शिक्षण और बाकी समय में ट्यूशन पढ़ा कर परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाले वीरेंद्र चौधरी हादसे का शिकार हो कर इस दुनिया से रुख्शत हो गए है। जहदां निवासी वीरेंद्र चौधरी सिसवां स्थित सेंट जोसेफ्स स्कूल में शिक्षक थे। परिवार में माता पिता, तीन भाई, पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। स्कूल के वेतन से गुजारा होना मुश्किल था। इसीलिए उन्होंने खाली समय में ट्यूशन पढ़ाने का निर्णय लिया और गांव के कुछ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगे। शनिवार को सुबह 8 बजे से गांव के ही चंद्रशेखर चौबे के घर उनके बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने गए थे और ये हृदयविदारक घटना हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पत्नी बेहोश हो गई तो बूढ़े मां बाप छाती पीटने लगे। दो मासूम बेटे पिता के लौटने के इंतजार में दरवाजे के बहार नजरे लगाए बैठे रहे। वीरेंद्र को जानने वालों का कहना है कि वह मृदुल स्वभाव के अच्छे इंसान थे। सभी को इज्जत देना उनके स्वभाव में था। परंतु बिजली विभाग की लापरवाही के कारण बच्चों के भविष्य का निर्माण करने वाला शिक्षक इस दुनिया से दूर चला गया। वीरेंद्र की मौत से परिवार के सामने जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है।
करंट से बालिका की मौत
घुघली। शनिवार की सुबह को पकड़ियार विशुनपुर गांव में बिजली के बोर्ड में पंखे का तार लगाते समय 11 वर्षीय बालिका करंट की चपेट में आ गई। वह करंट के झटके से बेहोश हो गई। पीएचसी कप्तानगंज ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पकड़ियार बिशुनपुर गांव निवासी बबलू खरवार की बेटी शिया सुबह घर में पंखे के तार को बोर्ड में लगाने जा रही थी। प्लग न होने के कारण तार खुला था। जैसे ही उसने तार को बोर्ड में लगाया, करंट का तेज झटका लगा और वह बेहोश हो गई। बताया गया कि उसकी उंगली तार से चिपक गई थी। कमरे के अंदर जब किसी काम से घर वाले गए तो उसे बेहोश देखा। आनन-फानन उसे अस्पताल ले जाय जा रहा थ। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।
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महराजगंज। कोठीभार थाना क्षेत्र के ग्राम जहदां में शनिवार सुबह हाई वोल्टेज करंट से ट्यूशन पढ़ा रहे प्राइवेट स्कूल के शिक्षक की मौत हो गई जबकि आधा दर्जन लोग घायल हो गए। गांव में कई घरों के विद्युत उपकरण जल गए। एकबारगी गांव में चीख-पुकार मच गई। बिजली विभाग की लापरवाही से गांव वालों में गुस्सा है। एक्सईएन का कहना है कि हाईवोल्टेज करंट के कारणों की जांच कराई जाएगी। पीड़ित परिवारों को मुआवजा देने की कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
शनिवार को जहदां गांव में सुबह करीब साढ़े आठ बजे गांव के ही 45 वर्षीय शिक्षक वीरेंद्र चौधरी चंद्रशेखर चौबे के घर उनके बच्चों को ट्यूशन पढ़ा रहे थे। इसी बीच हाई वोल्टेज करंट आ गया। पास रखे टेबल फैन को जैसे ही बंद करने गए वीरेंद्र चौधरी पंखे से ही चिपके रह गए। इससे वहां अफरातफरी मच गई। दूसरे घरों के भी बिजली के उपकरण जल उठे और लोग करंट की चपेट में आने लगे। गांव वालों ने सिसवां विद्युत उपकेंद्र पर मोबाइल के जरिए सूचना देकर बिजली सप्लाई बंद कराई। इधर करंट से बुरी तरह झुलस चुके वीरेंद्र चौधरी को किसी तरह पंखे से छुड़ाकर गांव वालों ने निचलौल पीएचसी पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
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हाई वोल्टेज करंट से गांव के प्रेम सागर चौबे, मोहित यादव, अनीता यादव, नीलम यादव सहित गांव के आधा दर्जन लोग घायल हो गए। ग्रामप्रधान नागेंद्र चौबे ने बताया कि लगभग 50 घरों के 10 लाख रुपये कीमत की विद्युत उपकरण जल गए हैं। गांव के मदन पांडेय के घर की एक एसी, फ्रिज, मोटर, इन्वर्टर, कूलर,10 केवी का स्टेबलाइजर सहित सभी विद्युत उपकरण जल गए हैं। ग्राम प्रधान के घर दो इन्वर्टर समेत सभी उपकरण जल गए हैं। ग्राम प्रधान ने बताया कि लगभग एक महीने से गांव में हाई वोल्टेज की समस्या चली आ रही है। इसकी शिकायत जेई से लेकर एक्सईएन तक से की जा चुकी है।
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इस संदर्भ में अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण खंड प्रथम संघप्रिय गौतम ने कहा कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि हाई वोल्टेज कैसे हुआ। मृतक के परिजनों और घायलों के मुआवजा दिए जाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
मां बाप के बुढ़ापे की लाठी व घर का सहारा नहीं रहा
कोठीभार। जहदां गांव में हर तरफ मातम पसरा है। गांव का हर व्यक्ति मृदुल स्वभाव के शिक्षक को याद कर गमगीन है। प्राइवेट स्कूल में शिक्षण और बाकी समय में ट्यूशन पढ़ा कर परिवार की जिम्मेदारी संभालने वाले वीरेंद्र चौधरी हादसे का शिकार हो कर इस दुनिया से रुख्शत हो गए है। जहदां निवासी वीरेंद्र चौधरी सिसवां स्थित सेंट जोसेफ्स स्कूल में शिक्षक थे। परिवार में माता पिता, तीन भाई, पत्नी और दो बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर थी। स्कूल के वेतन से गुजारा होना मुश्किल था। इसीलिए उन्होंने खाली समय में ट्यूशन पढ़ाने का निर्णय लिया और गांव के कुछ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने लगे। शनिवार को सुबह 8 बजे से गांव के ही चंद्रशेखर चौबे के घर उनके बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने गए थे और ये हृदयविदारक घटना हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पत्नी बेहोश हो गई तो बूढ़े मां बाप छाती पीटने लगे। दो मासूम बेटे पिता के लौटने के इंतजार में दरवाजे के बहार नजरे लगाए बैठे रहे। वीरेंद्र को जानने वालों का कहना है कि वह मृदुल स्वभाव के अच्छे इंसान थे। सभी को इज्जत देना उनके स्वभाव में था। परंतु बिजली विभाग की लापरवाही के कारण बच्चों के भविष्य का निर्माण करने वाला शिक्षक इस दुनिया से दूर चला गया। वीरेंद्र की मौत से परिवार के सामने जीविकोपार्जन का संकट खड़ा हो गया है।
करंट से बालिका की मौत
घुघली। शनिवार की सुबह को पकड़ियार विशुनपुर गांव में बिजली के बोर्ड में पंखे का तार लगाते समय 11 वर्षीय बालिका करंट की चपेट में आ गई। वह करंट के झटके से बेहोश हो गई। पीएचसी कप्तानगंज ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। पकड़ियार बिशुनपुर गांव निवासी बबलू खरवार की बेटी शिया सुबह घर में पंखे के तार को बोर्ड में लगाने जा रही थी। प्लग न होने के कारण तार खुला था। जैसे ही उसने तार को बोर्ड में लगाया, करंट का तेज झटका लगा और वह बेहोश हो गई। बताया गया कि उसकी उंगली तार से चिपक गई थी। कमरे के अंदर जब किसी काम से घर वाले गए तो उसे बेहोश देखा। आनन-फानन उसे अस्पताल ले जाय जा रहा थ। रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया।