{"_id":"597262224f1c1bf16e8b4801","slug":"21500668450-gorakhpur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"संदल पोशी के साथ मुबारक खां बाबा के उर्स का आगाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संदल पोशी के साथ मुबारक खां बाबा के उर्स का आगाज
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:50 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
गोरखपुर।
नार्मल स्थित हजरत बाबा मुबारक खां शहीद के सालाना उर्स-ए-पाक में गंगा-जमुनी तहजीब की खुशबू बिखरी। भोर में गुस्ल एवं संदल पोशी के साथ उर्स की औपचारिक शुरुआत हुई। इसके बाद जश्न-ए-ईदमिलादुन्नबी और जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन हुआ।
ईद मिलादुन्नबी के मुख्य अतिथि मेंहदावल के मुफ्ती अलाउद्दीन मिस्बाही ने के कहा कि हजरत आदम अलैहिस्सलाम से लेकर आखिरी नबी हजरत मोहम्मद तक जितने भी नबी इस दुनिया में आए वह सब इंसानों को एकता और इंसानियत की दावत देने के लिए आए। कहा कि नबी-ए-पाक ने अपने अंतिम धर्मोपदेश में स्पष्ट फरमाया है कि कोई इंसान किसी दूसरे पर कोई श्रेष्ठता नहीं रखता, किसी गोरे को काले, किसी अरबी का अजमी पर कोई श्रेष्ठता नहीं है।
मुफ्ती अलाउद्दीन ने बताया कि शांति के पैगंबर मोहम्मद सल्ललाहौ अलैही वसल्लम ने कहा है कि मुसलमान वह है जिस के हाथ और ज़बान से सभी इंसानों को सलामती पहुंचे। सही मुसलमान वो है जो दुनिया को शांति से भर दे। जो जुल्म करे उस पर रहम करे, जो रिश्ता तोड़े उससे रिश्ता जोड़े मगर अफसोस कि आज हम मुसलमान होने का दावा करते हैं लेकिन हमारा पड़ोसी भी हम से खुश नहीं होता। विशिष्ट वक्ता घोषी के मुफ्ती रिजवान शरीफी ने कहा कि इस्लाम में तालीम हासिल करने को कर्तव्य करार दिया गया है, जिससे साफ पता चलता है कि इस्लाम तालीम पर ज्यादा तवज्जो देता है। उन्होंने कहा कि जाहिल और पढ़े-लिखे लोगों में फर्क जिंदा और मुर्दा के जैसा है। अध्यक्षता सैयद मोहम्मद अली मोहतिसम कबीर ने व संचालन मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने किया। तिलावत-ए-कुरआन शरीफ से आगाज कारी शराफत हुसैन कादरी ने किया। नात शरीफ रजब मनकापुरी, सनाउर्रहमान व एजाज अहमद ने पेश की। इस दौरान दरगाह सदर इकरार अहमद, मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी, कारी हुसैन अहमद बरकाती, हाफिज नजरे आलम कादरी, मौलाना मोहम्मद अहमद, अब्दुल कादीर, नूर मोहम्मद दानिश, मारुफ, सैयद शहाब अहमद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
काजी-ए-गोरखपुर व मुफ्ती-ए-गोरखपुर का ऐलान
गोरखपुर। जलसा में तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत गोरखपुर द्वारा चुने गए मुफ्ती-ए-गोरखपुर अख्तर हुसैन मन्नानी व काजी-ए-गोरखपुर मुफ्ती खुर्शीद अहमद मिस्बाही का ऐलान मुख्य अतिथि मुफ्ती अलाउद्दीन मिस्बाही, मुफ्ती रिजवान शरीफी ने किया और दस्तार बांधी। इनका कार्यकल केवल एक वर्ष के लिए तय हुआ। इनके मुख्य सलाहकार के रूप में मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी का भी ऐलान कर दस्तार बांधी गई।
शहादत, अशरफ व अजीम की हुई दस्तारबंदी
गोरखपुर। जलसा में हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां के आस्ताने पर स्थित मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत फैजान-ए-मुबारक खां शहीद के तीन विद्यार्थियों मोहम्मद शहादत हुसैन, मोहम्मद अशरफ रजा, मोहम्मद अजीम की दस्तारबंदी मुख्य अतिथियों के हाथों हुई।
आज होगा कुल शरीफ
गोरखपुर। शनिवार को बाद नमाज फज्र कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 10 बजे कुल शरीफ होगा। शाम 5:30 बजे सरकारी चादर व गागर का जुलूस निजामपुर के सुहेल अहमद के घर से निकलेगा। रात्रि 10:00 बजे कव्वाली का मुकाबला जुनैद सुल्तानी व रेयाज अहमद वारसी के बीच होगा।
---
मोहसिन रजा करेंगे उर्स में शिरकत
राज्यमंत्री मोहसिन रजा 3:45 बजे गोरखपुर पहुंचेंगे। चार से साढ़े चार बजे तक वह निरीक्षण भवन में मीडिया से मुखातिब होंगे। इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे गोरखनाथ मंदिर जाएंगे। रात सवा नौ बजे हजरत मुबारक खां शहीद दरगाह पर उर्स में सम्मिलित होंगे। 11 बजे वह निरीक्षण भवन लौटेंगे। सवा ग्यारह बजे लखनऊ रवाना हो जाएंगे।
नार्मल स्थित हजरत बाबा मुबारक खां शहीद के सालाना उर्स-ए-पाक में गंगा-जमुनी तहजीब की खुशबू बिखरी। भोर में गुस्ल एवं संदल पोशी के साथ उर्स की औपचारिक शुरुआत हुई। इसके बाद जश्न-ए-ईदमिलादुन्नबी और जलसा-ए-दस्तारबंदी का आयोजन हुआ।
ईद मिलादुन्नबी के मुख्य अतिथि मेंहदावल के मुफ्ती अलाउद्दीन मिस्बाही ने के कहा कि हजरत आदम अलैहिस्सलाम से लेकर आखिरी नबी हजरत मोहम्मद तक जितने भी नबी इस दुनिया में आए वह सब इंसानों को एकता और इंसानियत की दावत देने के लिए आए। कहा कि नबी-ए-पाक ने अपने अंतिम धर्मोपदेश में स्पष्ट फरमाया है कि कोई इंसान किसी दूसरे पर कोई श्रेष्ठता नहीं रखता, किसी गोरे को काले, किसी अरबी का अजमी पर कोई श्रेष्ठता नहीं है।
विज्ञापन
मुफ्ती अलाउद्दीन ने बताया कि शांति के पैगंबर मोहम्मद सल्ललाहौ अलैही वसल्लम ने कहा है कि मुसलमान वह है जिस के हाथ और ज़बान से सभी इंसानों को सलामती पहुंचे। सही मुसलमान वो है जो दुनिया को शांति से भर दे। जो जुल्म करे उस पर रहम करे, जो रिश्ता तोड़े उससे रिश्ता जोड़े मगर अफसोस कि आज हम मुसलमान होने का दावा करते हैं लेकिन हमारा पड़ोसी भी हम से खुश नहीं होता। विशिष्ट वक्ता घोषी के मुफ्ती रिजवान शरीफी ने कहा कि इस्लाम में तालीम हासिल करने को कर्तव्य करार दिया गया है, जिससे साफ पता चलता है कि इस्लाम तालीम पर ज्यादा तवज्जो देता है। उन्होंने कहा कि जाहिल और पढ़े-लिखे लोगों में फर्क जिंदा और मुर्दा के जैसा है। अध्यक्षता सैयद मोहम्मद अली मोहतिसम कबीर ने व संचालन मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने किया। तिलावत-ए-कुरआन शरीफ से आगाज कारी शराफत हुसैन कादरी ने किया। नात शरीफ रजब मनकापुरी, सनाउर्रहमान व एजाज अहमद ने पेश की। इस दौरान दरगाह सदर इकरार अहमद, मुफ्ती अख्तर हुसैन, मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी, कारी हुसैन अहमद बरकाती, हाफिज नजरे आलम कादरी, मौलाना मोहम्मद अहमद, अब्दुल कादीर, नूर मोहम्मद दानिश, मारुफ, सैयद शहाब अहमद आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
काजी-ए-गोरखपुर व मुफ्ती-ए-गोरखपुर का ऐलान
गोरखपुर। जलसा में तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत गोरखपुर द्वारा चुने गए मुफ्ती-ए-गोरखपुर अख्तर हुसैन मन्नानी व काजी-ए-गोरखपुर मुफ्ती खुर्शीद अहमद मिस्बाही का ऐलान मुख्य अतिथि मुफ्ती अलाउद्दीन मिस्बाही, मुफ्ती रिजवान शरीफी ने किया और दस्तार बांधी। इनका कार्यकल केवल एक वर्ष के लिए तय हुआ। इनके मुख्य सलाहकार के रूप में मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी का भी ऐलान कर दस्तार बांधी गई।
शहादत, अशरफ व अजीम की हुई दस्तारबंदी
गोरखपुर। जलसा में हजरत मुबारक खां शहीद अलैहिर्रहमां के आस्ताने पर स्थित मदरसा दारुल उलूम अहले सुन्नत फैजान-ए-मुबारक खां शहीद के तीन विद्यार्थियों मोहम्मद शहादत हुसैन, मोहम्मद अशरफ रजा, मोहम्मद अजीम की दस्तारबंदी मुख्य अतिथियों के हाथों हुई।
आज होगा कुल शरीफ
गोरखपुर। शनिवार को बाद नमाज फज्र कुरआन ख्वानी होगी। सुबह 10 बजे कुल शरीफ होगा। शाम 5:30 बजे सरकारी चादर व गागर का जुलूस निजामपुर के सुहेल अहमद के घर से निकलेगा। रात्रि 10:00 बजे कव्वाली का मुकाबला जुनैद सुल्तानी व रेयाज अहमद वारसी के बीच होगा।
---
मोहसिन रजा करेंगे उर्स में शिरकत
राज्यमंत्री मोहसिन रजा 3:45 बजे गोरखपुर पहुंचेंगे। चार से साढ़े चार बजे तक वह निरीक्षण भवन में मीडिया से मुखातिब होंगे। इसके बाद शाम साढ़े पांच बजे गोरखनाथ मंदिर जाएंगे। रात सवा नौ बजे हजरत मुबारक खां शहीद दरगाह पर उर्स में सम्मिलित होंगे। 11 बजे वह निरीक्षण भवन लौटेंगे। सवा ग्यारह बजे लखनऊ रवाना हो जाएंगे।