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पांच राइस मिलें दबाए बैठी हैं एक करोड़ का सीएमआर
Updated Sun, 19 Aug 2018 12:20 AM IST
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पांच राइस मिलें दबाए बैठी हैं एक करोड़ का सरकारी चावल
सीएमआर की डिलेवरी कराने को सख्त हुआ प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। समर्थन मूल्य योजना के तहत वर्ष 2017-18 में खरीदे गए धान के सीएमआर में से करीब एक करोड़ का सीएमआर (सरकारी चावल)अब भी पांच राइस मिलें दबाए बैठी हैं। इसकी डिलेवरी कराने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। प्रशासन ने पांचों मिल संचालकों को हर हाल में 15 सितंबर तक सीएमआर की डिलेवरी करने को कहा है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि अभी पांच राइस मिलें करीब 450 एमटी सीएमआर रोके हुए हैं। जिसका मूल्य करीब 1.09 करोड़ रुपये है। संबंधित मिल संचालकों को प्रशासन की तरफ से 15 सितंबर तक की मोहलत दी गई है। जिन मिल संचालकों के पास सीएमआर डंप पड़ा है, उनमें कुबेर राइस मिल भगीरथपुर के पास 169.449 एमटी, चंदन राइस मिल ललाइन पैसिया के पास 224.52 एमटी, जय माता दी फूड्स महरी के पास 18.68 एमटी, बजरंग एग्रो इंडस्ट्रीज दकमी के पास 32.872 एमटी तथा प्रतिभा राइस मिल झनझनप़ुर के पास 54.00 एमटी चावल डंप है। प्रति एमटी चावल का मूल्य 24290 रुपये होता है। समर्थन मूल्य योजना के तहत खरीदे गए धान से बनाए जाने वाले चावल को सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) कहते हैं। खरीदे गए धान को क्रय एजेंसिया अनुबंधित राइस मिलों को कुटाई के लिए भेजती हैं। राइस मिलें उसकी कुटाई करके एफसीआई के गोदाम में भंडारण कराती हैं। उन्होंने बताया कि 450.542 एमटी अर्थात करीब 1.09 करोड़ का सीएमआर रोक कर रखे वाले मिल संचालकों को 15 सितंबर तक हर हाल में डिलेवरी सुनिश्चित कराने को कहा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि रोके गए चावल की डिलेवरी नहीं कराई गई तो संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही आरसी भी जारी कराई जाएगी।
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सीएमआर की डिलेवरी कराने को सख्त हुआ प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। समर्थन मूल्य योजना के तहत वर्ष 2017-18 में खरीदे गए धान के सीएमआर में से करीब एक करोड़ का सीएमआर (सरकारी चावल)अब भी पांच राइस मिलें दबाए बैठी हैं। इसकी डिलेवरी कराने के लिए प्रशासन सख्त हो गया है। प्रशासन ने पांचों मिल संचालकों को हर हाल में 15 सितंबर तक सीएमआर की डिलेवरी करने को कहा है।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी अखिलेश सिंह ने बताया कि अभी पांच राइस मिलें करीब 450 एमटी सीएमआर रोके हुए हैं। जिसका मूल्य करीब 1.09 करोड़ रुपये है। संबंधित मिल संचालकों को प्रशासन की तरफ से 15 सितंबर तक की मोहलत दी गई है। जिन मिल संचालकों के पास सीएमआर डंप पड़ा है, उनमें कुबेर राइस मिल भगीरथपुर के पास 169.449 एमटी, चंदन राइस मिल ललाइन पैसिया के पास 224.52 एमटी, जय माता दी फूड्स महरी के पास 18.68 एमटी, बजरंग एग्रो इंडस्ट्रीज दकमी के पास 32.872 एमटी तथा प्रतिभा राइस मिल झनझनप़ुर के पास 54.00 एमटी चावल डंप है। प्रति एमटी चावल का मूल्य 24290 रुपये होता है। समर्थन मूल्य योजना के तहत खरीदे गए धान से बनाए जाने वाले चावल को सीएमआर (कस्टम मिल्ड राइस) कहते हैं। खरीदे गए धान को क्रय एजेंसिया अनुबंधित राइस मिलों को कुटाई के लिए भेजती हैं। राइस मिलें उसकी कुटाई करके एफसीआई के गोदाम में भंडारण कराती हैं। उन्होंने बताया कि 450.542 एमटी अर्थात करीब 1.09 करोड़ का सीएमआर रोक कर रखे वाले मिल संचालकों को 15 सितंबर तक हर हाल में डिलेवरी सुनिश्चित कराने को कहा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि रोके गए चावल की डिलेवरी नहीं कराई गई तो संबंधित के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के साथ ही आरसी भी जारी कराई जाएगी।
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