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बच्चों की दवा की लिस्ट में खतरनाक आई ड्रॉप

Fri, 08 Dec 2017 01:57 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Fri, 08 Dec 2017 01:57 AM IST
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बच्चों की दवा की लिस्ट में खतरनाक आई ड्रॉप
गोरखपुर। जिला महिला अस्पताल में बच्चों को दी जाने वाली दवाओं की सूची में आई ड्रॉप क्लोरमफेनिकॉल का नाम देख नगर विधायक एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरएमडी अग्रवाल ने व्यवस्था पर सवाल उठाया है। उनका कहना है कि दो साल तक की उम्र के बच्चों को यह आई ड्रॉप नहीं दी जा सकती, जबकि चार महीने से कम उम्र के बच्चों के लिए इसका इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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डॉ. अग्रवाल बृहस्पतिवार को जिला महिला अस्पताल में केंद्र सरकार की योजना ‘मिशन इंद्रधनुष’ का शुभारंभ करने पहुंचे थे। उन्होंने नवजात शिशुओं को पोलियो प्रतिरक्षक ड्रॉप पिलवाई और हेपेटाइटिस बी के टीके लगवाए। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद एक महिला ने बच्चे की आंख की तकलीफ की ओर उनका ध्यान दिलाया। इलाज का तरीका पूछने पर अस्पताल के बाहर से आई ड्रॉप मंगाए जाने की जानकारी पर उन्होंने जहां प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक (एसआईसी) डॉ. दिनेश सोनकर से नाराजगी जताई, वहीं बच्चों के लिए मान्य दवाओं की सूची मांगी। इसमें क्लोरमफेनिकॉल आई ड्रॉप का नाम देखकर विधायक चौंक गए। कहा कि इसके इस्तेमाल से बच्चों में ग्रे बेबी सिंड्रोम, रक्तचाप का असंतुलन, खून में ऑक्सीजन की कमी जैसे खतरे बढ़ जाते हैं। इस वजह से यह ड्रॉप बच्चों के लिए प्रतिबंधित है।
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एसआईसी ने दलील दी कि स्वास्थ्य महानिदेशालय की ड्रग लिस्ट में क्लोरमफेनिकॉल का नाम है। हालांकि इसकी लोकल पर्चेज नहीं की गई। इस पर विधायक डॉ. अग्रवाल ने स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह से फोन पर बात की। फोन वार्ता में बच्चों की दवा सूची में क्लोरमफेनिकॉल शामिल होने पर आपत्ति जताते हुए प्रदेशभर के अस्पतालों में रोक लगवाने की मांग की।
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नवजात के लिए नहीं देते क्लोरमफेनिकॉल नवजात बच्चों को क्लोरमफेनिकॉल आई ड्राप नहीं दी जाती है। बच्चों की आंखों के इलाज के लिए दवाओं के दूसरे बेहतर विकल्प मौजूद हैं। - डॉ. रामेश सिंह यादव, नेत्र सर्जन, मेडिकल कॉलेज निजी अस्पताल में भी नहीं करते इस ड्रॉप का इस्तेमाल क्लोरमफेनिकॉल का इस्तेमाल अब नहीं किया जाता है। यह बोन मैरो पर असर डालती है। नवजात शिशुओं को ड्रॉप नुकसान पहुंचा सकती है। निजी अस्पताल भी इस ड्रॉप का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। सरकारी ड्रग लिस्ट में इतनी पुरानी आई ड्रॉप का नाम होना समझ से बाहर है। अब तमाम नई और अच्छी आई ड्रॉप उपलब्ध हैं।
- डॉ. शशांक कुमार, नेत्र रोग विशेषज्ञ एवं पूर्व सचिव आईएमए
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