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छठी बार टूटा महाव तटबंध, खैरहवां दूबे गांव में घुसा पानी
Updated Mon, 04 Sep 2017 12:32 AM IST
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बरगदवां। पहाड़ों पर हुई बारिश से शनिवार की रात महाव नाले का कमजोर तटबंध रामसेवक सहानी के खेत के सामने लगभग 20 मीटर टूट गया। छठी बार तटबंध टूटने से परसामलिक क्षेत्र के झिंगटी, पड़ौली, मुजहना, खैरहवां दूबे आदि गांवों का सिवान जलमग्न हो गया। खैरहवां दूबे गांव में लोगों के दरवाजे पर महाव का पानी बहने लगा।
बताते चलें की चार अगस्त को इसी स्थान पर झिंगटी के सामने महाव तटबंध लगभग 60मीटर टूट गया था। प्रशासन के उदासीन रवैए को देखते हुए 18अगस्त को खैरहवां दूबे के लोगों ने अपनी फसल बचाने के लिए श्रमदान कर टूटे तटबंध की मरम्मत की थी। बीती रात महाव का जलस्तर बढ़ने से उसका 20 मीटर हिस्सा टूट गया। बीते तीन अगस्त को कोहरगड्डी के मल्लाह टोली के पास टूटे तटबंध की मरम्मत न होने से दर्जनों गांवों के सिवान में पानी फैल गया। क्षेत्र के नारद यादव, श्रीपत यादव, पवन दूबे, इंद्रकमल, विनोद, त्रिलोकी, रामकेशव, सुदामा, जोखू, नरेश, ध्रुव, गौरीशंकर आदि ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया और कहा कि मरम्मत में लापरवाही के कारण महाव तटबंध टूटता है। इससे होने वाली तबाही से उन लोगों का जीवन बदतर हो गया है। अधिकारी मरम्मत के नाम पर रकम हजम कर रहे हैं। जनता को होने वाली पीड़ा का अहसास अधिकारियों को नहीं है।
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बताते चलें की चार अगस्त को इसी स्थान पर झिंगटी के सामने महाव तटबंध लगभग 60मीटर टूट गया था। प्रशासन के उदासीन रवैए को देखते हुए 18अगस्त को खैरहवां दूबे के लोगों ने अपनी फसल बचाने के लिए श्रमदान कर टूटे तटबंध की मरम्मत की थी। बीती रात महाव का जलस्तर बढ़ने से उसका 20 मीटर हिस्सा टूट गया। बीते तीन अगस्त को कोहरगड्डी के मल्लाह टोली के पास टूटे तटबंध की मरम्मत न होने से दर्जनों गांवों के सिवान में पानी फैल गया। क्षेत्र के नारद यादव, श्रीपत यादव, पवन दूबे, इंद्रकमल, विनोद, त्रिलोकी, रामकेशव, सुदामा, जोखू, नरेश, ध्रुव, गौरीशंकर आदि ने प्रशासन के खिलाफ आक्रोश जताया और कहा कि मरम्मत में लापरवाही के कारण महाव तटबंध टूटता है। इससे होने वाली तबाही से उन लोगों का जीवन बदतर हो गया है। अधिकारी मरम्मत के नाम पर रकम हजम कर रहे हैं। जनता को होने वाली पीड़ा का अहसास अधिकारियों को नहीं है।
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