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500 बाढ़ प्रभावित गांवों में चलेगा सफाई अभियान
Updated Fri, 01 Sep 2017 02:04 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। पिपरौली ब्लाक के बेलवाडाड़ी गांव में राहत सामग्री वितरण के दौरान डीएम ने आश्वस्त किया कि बाढ़ से राहत मिलने के बाद अब सफाई के अभाव में कोई मुश्किल नहीं पैदा होने दी जाएगी। उन्होंने पंचायती राज महकमे को बाढ़ प्रभावित 500 गांवों में अभियान चलाकर सफाई कराने के निर्देश दिए। डीपीआरओ को सभी सफाई कर्मचारियों को रोस्टर के आधार पर इन गांवों में सफाई कार्य में लगाने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि वह खुद गांवों का औचक निरीक्षण करेंगे और अगर कहीं भी लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में संक्रामक रोग से किसी की जान जाती है तो जिम्मेदारों की खैर नहीं होगी।
उन्होंने स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को कैंप लगाकर लोगों का परीक्षण करने और उन्हें दवाएं उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने कहा कि जिले में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। सभी नदियों घट रही हैं, मगर अब हमारे सामने कीचड़ और गंदगी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम सबसे बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए पंचायती राज, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने बीएसए को निर्देश दिए कि जहां बाढ़ से राहत मिल गई है, उन गांवों में तत्काल स्कूल शुरू कराने की व्यवस्था की जाए। डीएम ने पिपरौली ब्लाक के बेलवाडाड़ी गांव के बाढ़ राहत शिविर में 46 किलो वजन की 16 प्रकार की खाद्य सामग्री के पैकटों का वितरण किया।
गोरखपुर। पिपरौली ब्लाक के बेलवाडाड़ी गांव में राहत सामग्री वितरण के दौरान डीएम ने आश्वस्त किया कि बाढ़ से राहत मिलने के बाद अब सफाई के अभाव में कोई मुश्किल नहीं पैदा होने दी जाएगी। उन्होंने पंचायती राज महकमे को बाढ़ प्रभावित 500 गांवों में अभियान चलाकर सफाई कराने के निर्देश दिए। डीपीआरओ को सभी सफाई कर्मचारियों को रोस्टर के आधार पर इन गांवों में सफाई कार्य में लगाने को कहा। साथ ही चेतावनी दी कि वह खुद गांवों का औचक निरीक्षण करेंगे और अगर कहीं भी लापरवाही मिली तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में संक्रामक रोग से किसी की जान जाती है तो जिम्मेदारों की खैर नहीं होगी।
उन्होंने स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को कैंप लगाकर लोगों का परीक्षण करने और उन्हें दवाएं उपलब्ध कराने को कहा। डीएम ने कहा कि जिले में बाढ़ की स्थिति धीरे-धीरे सुधर रही है। सभी नदियों घट रही हैं, मगर अब हमारे सामने कीचड़ और गंदगी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम सबसे बड़ी चुनौती है। इससे निपटने के लिए पंचायती राज, स्वास्थ्य और पशुपालन विभाग को महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी। उन्होंने बीएसए को निर्देश दिए कि जहां बाढ़ से राहत मिल गई है, उन गांवों में तत्काल स्कूल शुरू कराने की व्यवस्था की जाए। डीएम ने पिपरौली ब्लाक के बेलवाडाड़ी गांव के बाढ़ राहत शिविर में 46 किलो वजन की 16 प्रकार की खाद्य सामग्री के पैकटों का वितरण किया।
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