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हॉस्टल की छात्राओं ने किया कुलपति का घेराव
Updated Thu, 10 Aug 2017 08:47 PM IST
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गोरखपुर।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल में बदइंतजामियों को लेकर गुरुवार को छात्राओं का आक्रोश फूट गया। छात्राओं ने एडी बिल्डिंग पहुंचकर कुलपति को घेराव किया। इस दौरान छात्राओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन विरोधी नारे लगाए और हॉस्टल वार्डेन को हटाए जाने की मांग की।
छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही है। पानी, बिजली से लेकर साफ-सफाई तक की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। हॉस्टल में गंदगी का अंबार है, टॉयलेट के दरवाजे टूटे और बदहाल है। हॉस्टल में एक ही आरओ से ठंडा पानी निकलता है बाकि हाथी के दांत बने हुए हैं। कई बार समस्याओं को लेकर जिम्मेदारों से शिकायत की है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है। करीब 50 की संख्या में हॉस्टल से जुलूस निकालकर एडी बिल्डिंग पहुंचीं छात्राओं ने कुलपति से समस्याओं को दूर करने की मांग की। कुलपति ने दो दिन बाद हॉस्टल का निरीक्षण करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राएं हॉस्टल वापस लौटी।
वार्डेन नहीं सुनती हैं कोई फरियाद
छात्राओं ने वार्डेन पर बेरुखी का आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी फरियाद को हर बार वार्डेन की ओर से अनसुना कर दिया जाता है। शिकायत करने वाली छात्राओं को वार्डेन के गुस्से का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शिकायत करने की हिम्मत कोई भी छात्रा नहीं उठा पाती है।
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फीस के साथ नहीं बढ़ी सुविधाएं
छात्राओं ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टल की फीस को 14 हजार से बढ़ाकर 18 हजार तक कर दिया है, मगर सुविधाएं बढ़ाने से यूनिवर्सिटी बच रही है। अव्यवस्थाओं के बीच में यूनिवर्सिटी में रहना मुश्किल हो रहा है। दो दिन पहले ही एक छात्रा के कमरे से सांप भी निकला था।
तोता छाप तेल में बनता है खाना
छात्राओं ने बताया कि कैंटीन में गंदगी का अंबार लगा रहता है। खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। यहां तोता छाप तेल में खाना बनाया जाता है। छात्राओं की सेहत से पूरी तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं महीने में एक दिन खाना खाने पर भी पूरे महीने का पैसा काट लिया जाता है। वार्डेन के डर से कोई छात्रा विरोध नहीं करती है।
गोरखपुर यूनिवर्सिटी के रानी लक्ष्मीबाई हॉस्टल में बदइंतजामियों को लेकर गुरुवार को छात्राओं का आक्रोश फूट गया। छात्राओं ने एडी बिल्डिंग पहुंचकर कुलपति को घेराव किया। इस दौरान छात्राओं ने यूनिवर्सिटी प्रशासन विरोधी नारे लगाए और हॉस्टल वार्डेन को हटाए जाने की मांग की।
छात्राओं ने बताया कि हॉस्टल में बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही है। पानी, बिजली से लेकर साफ-सफाई तक की पूरी व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। हॉस्टल में गंदगी का अंबार है, टॉयलेट के दरवाजे टूटे और बदहाल है। हॉस्टल में एक ही आरओ से ठंडा पानी निकलता है बाकि हाथी के दांत बने हुए हैं। कई बार समस्याओं को लेकर जिम्मेदारों से शिकायत की है, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई है। करीब 50 की संख्या में हॉस्टल से जुलूस निकालकर एडी बिल्डिंग पहुंचीं छात्राओं ने कुलपति से समस्याओं को दूर करने की मांग की। कुलपति ने दो दिन बाद हॉस्टल का निरीक्षण करने का आश्वासन दिया। इसके बाद छात्राएं हॉस्टल वापस लौटी।
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वार्डेन नहीं सुनती हैं कोई फरियाद
छात्राओं ने वार्डेन पर बेरुखी का आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी फरियाद को हर बार वार्डेन की ओर से अनसुना कर दिया जाता है। शिकायत करने वाली छात्राओं को वार्डेन के गुस्से का सामना करना पड़ता है। ऐसे में शिकायत करने की हिम्मत कोई भी छात्रा नहीं उठा पाती है।
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फीस के साथ नहीं बढ़ी सुविधाएं
छात्राओं ने बताया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हॉस्टल की फीस को 14 हजार से बढ़ाकर 18 हजार तक कर दिया है, मगर सुविधाएं बढ़ाने से यूनिवर्सिटी बच रही है। अव्यवस्थाओं के बीच में यूनिवर्सिटी में रहना मुश्किल हो रहा है। दो दिन पहले ही एक छात्रा के कमरे से सांप भी निकला था।
तोता छाप तेल में बनता है खाना
छात्राओं ने बताया कि कैंटीन में गंदगी का अंबार लगा रहता है। खाने की गुणवत्ता भी ठीक नहीं है। यहां तोता छाप तेल में खाना बनाया जाता है। छात्राओं की सेहत से पूरी तरह से खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं महीने में एक दिन खाना खाने पर भी पूरे महीने का पैसा काट लिया जाता है। वार्डेन के डर से कोई छात्रा विरोध नहीं करती है।