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अगले साल से शुरू होगी एम्स की ओपीडी

Thu, 10 Aug 2017 08:47 PM IST
Updated Thu, 10 Aug 2017 08:47 PM IST
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अगले साल से शुरू होगी एम्स की ओपीडी

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गोरखपुर।
आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (एम्स) गोरखपुर की ओपीडी अगले साल से शुरू होगी। इसका एलान गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। एम्स का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। ओपीडी शुरू होने के बाद इंसेफेलाइटिस, डेंगू या फिर स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों से निपटने में मदद मिलेगी। एडवांस रिसर्च के जरिये इन बीमारियों पर काबू पाया जा सकेगा। एम्स की ओपीडी आधुनिक सुविधा-संसाधनों से लैस होती है।
गोरखनाथ मंदिर में गुरुवार को जनता दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मीडिया से बात की और कहा कि गंभीर बीमारियों में सही इलाज, अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए हाई लेवल मीटिंग की गई है। इस दिशा में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, प्रमुख सचिव पंचायती राज और प्रमुख सचिव नगर विकास की विशेष टीम काम कर रही है। अब जिला अस्पताल, सामुदायिक और प्राथमिक केंद्र में भी बच्चों को इलाज मिल रहा है। 20 जिलों के अस्पतालों में पीडियाट्रिक्स विंग की स्थापना कराई गई है। इससे इंसेफेलाइटिस, डेंगू और स्वाइन फ्लू जैसी बीमारियों से निपटने की कोशिश जारी है। नि:शुल्क इलाज के इंतजाम किए गए हैं। मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल या फिर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्पष्ट निर्देश है कि ज्यादा ध्यान इलाज पर दें। बीमारी छुपाने या फिर मीडिया को न बताने से काम नहीं चलेगा। अब जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
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राज्य सरकार लगाएगी चीनी मिल
मुख्यमंत्री ने विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि काम में गति देने का प्रयास हो रहा है। पूर्वी उत्तर प्रदेश की पहचान यहां का चीनी उद्योग रहा है। जो अब ठप हो गया। राज्य सरकार पिपराइच और मुंडेरवां में चीनी मिल चलाएगी। इसका सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। गोरखपुर की धुरियापार चीनी मिल को भी चलाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए सर्वे कराए जा रहे हैं। रिपोर्ट आने के बाद उचित कदम उठाए जाएंगे।
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पुआल, डंठल से बनेगा एथेनॉल
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती और प्रदूषण की मात्रा कम करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने विशेष योजना बनाई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धान के पुआल और गेहूं के डंठल को खेत में जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे एथेनॉल या फिर डीजल बनाने की योजना है। इसकी फैक्ट्री पूर्वी उत्तर प्रदेश में लगाई जाएगी। अभी तक गन्ने से एथेनॉल बनाने का काम होता है। बताते चलें कि पेट्रोल में 20 फीसदी एथेनॉल मिलाने की छूट है। फैक्ट्री से रोजगार बढ़ेगा। इसका सीधा फायदा प्रदेश के युवाओं को मिलेगा।
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