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हिंदी में काम करना नैतिक दायित्व : जीएम
Updated Wed, 11 Oct 2017 09:47 PM IST
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गोरखपुर। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की छमाही समीक्षा बैठक बुधवार को महाप्रबंधक सभाकक्ष में हुई। इस दौरान हिंदी के प्रचार-प्रसार के साथ ही राजभाषा ई-टूल्स पर विशेष चर्चा की गई।
महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने कहा कि हिंदी भाषी क्षेत्र होने के चलते हिंदी में काम करना न केवल संवैधानिक बाध्यता है, बल्कि हम सभी का नैतिक दायित्व भी है। सोशल नेटवर्किग साइट्स सहित इंटरनेट तथा मोबाइल फोन पर हिंदी का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरल और सहज हिंदी का इस्तेमाल जहां हिंदी के प्रचार-प्रसार में सहायक होगा, वहीं शासन को जनता से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनेगा। ऐसे में सबका दायित्व है कि शासकीय कार्यों में सरल एवं सहज हिंदी का इस्तेमाल करें। महाप्रबंधक ने कहा कि इस बार 51 सदस्य कार्यालयों में से 13 कार्यालयों की त्रैमासिक रिपोर्ट मिली है। यह पिछली बैठक की तुलना में बेहतर है, पर संतोषजनक नहीं है। सभी कार्यालय अपनी रिपोर्ट नियमित रूप से समिति सचिवालय को भेजें। इसके लिये ई-मेल, व्हाट्सएप जैसी सुविधाएं भी समिति सचिवालय की ओर से उपलब्ध करा दी गई हैं। मुख्य राजभाषा अधिकारी रवि वल्लूरी ने कहा कि राजभाषा के प्रयोग-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करना है। धन्यवाद ज्ञापन उप मुख्य राजभाषा अधिकारी धीरेंद्र कुमार तथा संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी संजय सिंह ने किया।
महाप्रबंधक राजीव अग्रवाल ने कहा कि हिंदी भाषी क्षेत्र होने के चलते हिंदी में काम करना न केवल संवैधानिक बाध्यता है, बल्कि हम सभी का नैतिक दायित्व भी है। सोशल नेटवर्किग साइट्स सहित इंटरनेट तथा मोबाइल फोन पर हिंदी का इस्तेमाल करने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि सरल और सहज हिंदी का इस्तेमाल जहां हिंदी के प्रचार-प्रसार में सहायक होगा, वहीं शासन को जनता से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनेगा। ऐसे में सबका दायित्व है कि शासकीय कार्यों में सरल एवं सहज हिंदी का इस्तेमाल करें। महाप्रबंधक ने कहा कि इस बार 51 सदस्य कार्यालयों में से 13 कार्यालयों की त्रैमासिक रिपोर्ट मिली है। यह पिछली बैठक की तुलना में बेहतर है, पर संतोषजनक नहीं है। सभी कार्यालय अपनी रिपोर्ट नियमित रूप से समिति सचिवालय को भेजें। इसके लिये ई-मेल, व्हाट्सएप जैसी सुविधाएं भी समिति सचिवालय की ओर से उपलब्ध करा दी गई हैं। मुख्य राजभाषा अधिकारी रवि वल्लूरी ने कहा कि राजभाषा के प्रयोग-प्रसार को बढ़ावा देने के लिए प्रयास करना है। धन्यवाद ज्ञापन उप मुख्य राजभाषा अधिकारी धीरेंद्र कुमार तथा संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी संजय सिंह ने किया।
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