संतकबीरनगर। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के आह्वान पर आंदोलन के तीसरे चरण में मंगलवार को पांच सूत्री मांगों को लेकर जिले की तीनों तहसीलों में लेखपालों ने धरना दिया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होगी तब तक जाति, निवास व आय प्रमाण पत्र का कार्य नहीं करेंगे। धरना के बाद मुख्यमंत्री को संबोधित मांग पत्र एसडीएम को दिया गया। खलीलाबाद तहसील परिसर में आयोजित धरने में जिलाध्यक्ष बुद्धिराम चौधरी ने कहा कि इससे पूर्व दो चरणों में आंदोलन चलाया गया। मंगलवार को तीसरे चरण में प्रात: दस बजे से दो बजे तक धरना दिया गया। उन्होंने कहा कि लेखपालों को शैक्षिक योग्यता स्नातक पर ग्रेड पे दो हजार से 2800 किया जाए। एसीपी की विसंगति दूर किया जाए और लेखपालों के निजी अनुरोध पर प्रदेश के किसी जनपद में स्थानांतरण किया जाए। काम को देखते हुए लेखपालों को लैपटॉप व स्मार्टफोन उपलब्ध कराया जाए। जिला मंत्री शीतला प्रसाद श्रीवास्तव ने कहा कि सात नवंबर तक लेखपाल हाथों में काली पट्टी बांधकर विरोध करते रहेंगे। इस दौरान तहसील अध्यक्ष हरिशंकर विश्वकर्मा, सुनील कुमार श्रीवास्तव, जितेंद्र कुमार कन्नौजिया, रामचरन, राकेश श्रीवास्तव, विनोद पटेल, घनश्याम पांडेय आदि लोग उपस्थित रहे।मेंहदावल प्रतिनिधि के अनुसार, तहसील अध्यक्ष शेषदत्त त्रिपाठी की अध्यक्षता में धरना दिया गया। इस अवसर पर संघ के मंत्री सुधीर कुमार गुप्ता ने कहा कि सरकार लेखपाल कर्मियों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। यहां धरने पर लक्ष्मी शंकर सिंह, ज्वाला सिंह, राजेंद्र त्रिपाठी, रामख्याली, सुशील श्रीवास्तव, मो.मोहसीन, जुग्गी लाल गुप्त, बबिता त्रिपाठी, अनीता उपाध्याय, स्वीति वर्मा, ज्योतिका सिंह, दिव्यानी त्रिपाठी, अमृता त्रिपाठी, किरन यादव, चंदा समेत अनेक लेखपाल मौजूद रहे।हैंसर प्रतिनिधि के अनुसार तहसील परिसर में अध्यक्ष ध्रुवचंद्र चौधरी की अध्यक्षता में धरना दिया गया। इस दौरान अभिषेक श्रीवास्तव, इम्तियाज हुसेन, दिलीप कुमार, अरविंद कुमार, राजेश चौधरी, केसरी त्रिपाठी, नंद किशोर, रामराज रावत, रामवृक्ष, सुनीता, वंदना, पूजा पाल आदि उपस्थित रहे।