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24 घंटे रही बिजली गुल, लोग तरसे
Updated Fri, 08 Sep 2017 01:32 AM IST
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गोरखपुर।
तारामंडल उपकेंद्र से अंधाधुंध बिजली कटौती से नाराज पब्लिक गुरुवार को देररात सड़क पर उतर आई। उपकेंद्र पास जबरदस्त हंगामा हुआ, फिर रुस्तमपुर देवरिया बाईपास के पास गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे लंबा जाम लगा। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। इस दौरान लोगों की पुलिस से तीखी बहस भी हुई। उपकेंद्र से जुड़े सिद्धार्थ नगर में बुधवार को शाम छह बजे से बिजली नहीं है। सीएम के दौरे से पहले बिजली कटौती और बवाल से बिजली अफसर परेशान हैं।
उपकेंद्र से चंद कदम के फासले पर हजारों परिवार बिजली, पानी के लिए तरस गए। बुधवार शाम को शार्ट सर्किट की वजह से सिद्धार्थनगर, सिद्धार्थ नगर, अश्वमेध नगर, बुद्ध इनक्लेब, इंदिरा नगर और सर्किट हाउस के आसपास की कालोनियों में जबरदस्त बिजली कटौती की गई। इससे पानी का संकट खड़ा हो गया। दिनचर्या पूरी करने में दिक्कत आई। खाना बनाने का पानी तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने विरोध किया, फिर भी बिजली विभाग के अफसर सोते रहे। इस नाराज पब्लिक देरशाम सड़क पर उतर आई। पहले देवरिया बाईपास रोड जाम किया, फिर गोरखपुर लखनऊ राजमर्गा पर आ गए। इससे हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसपी सिटी विनय सिंह मौके पर पहुंचे। लोगों से बात भी की लेकिन जाम नहीं हटा। इसके बाद एसपी सिटी ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी एके सिंह से बात की। एमडी ने जल्द ही व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिलाया, तब जाकर जाम हट सका। दरअसल, बुधवार को सिद्धार्थनगर कालोनी में 16 किलो वाट का तार शार्ट सर्किट से टूट कर गिर गया था। गुरुवार को देर शाम तार बदलकर जैसे ही सप्लाई चालू की गई, वैसे ही खंभे का तार फिर शार्ट सर्किट से टूट गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। उपकेंद्र पहुंच कर वहां ताला लगा कर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे।
0- ट्रांसफार्मर बना शोपीस
सिद्धार्थनगर कॉलोनी समेत आसपास के अन्य कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बेहतर करने के लिए विभाग की तरफ से एक महीने पहले ट्रांसफार्मर लगाया गया। एक माह बाद भी सप्लाई वाले तार को नहीं जोड़ा गया है। मुहल्ले वालों का कहना है कि पोल से जाने वाले तार पर बिजली का अतिरिक्त भार है। इसलिए अक्सर ऐसी घटना हो जाती हैं। अगर ट्रांसफार्मर से सप्लाई जोड़कर अलग-अलग बांट दी जाए तो अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा और उपभोक्ताओं को फुल वोल्टेज बिजली मिलेगी।
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रॉयल दरबार की घटना याद आ गई
मुहल्ले के रिंटू बुधवार शाम को घर के बाहर ही टहल रहे थे। अचानक जोर से आवाज और चिंगारी के साथ पोल पर शार्ट सर्किट होने लगा। ऐसे ही कुछ दिनों पहले रॉयल दरबार रेस्टोरेंट में भी शार्ट सर्किट से भयंकर आग लगी गई थी। शार्ट सर्किट से रॉयल दरबार की आग वाली घटना याद आ गई।
::: कोट
बुधवार की देर शाम शार्ट सर्किट की वजह से तार टूट गया था। रात को तार मंगा पाना संभव नहीं था। गुरुवार को औपचारिकताएं पूरी करते दोपहर 12 बज गया। इसके बाद तार भेजा गया। दूसरी जगह तार टूटने की सूचना मिली है। बार-बार तार टूटने की समीक्षा की जाएगी।
- संजय यादव, जेई
स्पीक अप
अपना घर होते हुए भी सुबह से ही लोग सड़कों पर समय काट रहे हैं। बिजली विभाग की लापरवाही है कि बार बार तार टूट रहा है।
- मनीष पांडेय
शार्ट सर्किट की आवाज सुनकर लगा कि जैसे गोली चल रही है। विभाग को फौरन सूचना दी गई फिर भी विभाग ने लापरवाही की जिस वजह से लोग परेशान रहे।
- मनोज शुक्ला
एक महीने पहले ही तार बदला गया था। यहां भी लगता है विभाग के लोग कमीशनबाजी का खेल रहे हैं। विभाग को किसी बड़ी अनहोनी के होने का इंतजार है।
- राजू सिंह
बिजली पानी के लिए लोग तरस गए हैं। कुछ लोगों ने तो अपने बच्चों को जानने वालों के घर भेज दिया है। पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग 24 घंटे में तरस गए हैं।
- शैलेष यादव
तारामंडल उपकेंद्र से अंधाधुंध बिजली कटौती से नाराज पब्लिक गुरुवार को देररात सड़क पर उतर आई। उपकेंद्र पास जबरदस्त हंगामा हुआ, फिर रुस्तमपुर देवरिया बाईपास के पास गोरखपुर-लखनऊ राजमार्ग पर जाम लगा दिया। इससे लंबा जाम लगा। पुलिस ने लोगों को समझा बुझाकर मामला शांत कराया। इस दौरान लोगों की पुलिस से तीखी बहस भी हुई। उपकेंद्र से जुड़े सिद्धार्थ नगर में बुधवार को शाम छह बजे से बिजली नहीं है। सीएम के दौरे से पहले बिजली कटौती और बवाल से बिजली अफसर परेशान हैं।
उपकेंद्र से चंद कदम के फासले पर हजारों परिवार बिजली, पानी के लिए तरस गए। बुधवार शाम को शार्ट सर्किट की वजह से सिद्धार्थनगर, सिद्धार्थ नगर, अश्वमेध नगर, बुद्ध इनक्लेब, इंदिरा नगर और सर्किट हाउस के आसपास की कालोनियों में जबरदस्त बिजली कटौती की गई। इससे पानी का संकट खड़ा हो गया। दिनचर्या पूरी करने में दिक्कत आई। खाना बनाने का पानी तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने विरोध किया, फिर भी बिजली विभाग के अफसर सोते रहे। इस नाराज पब्लिक देरशाम सड़क पर उतर आई। पहले देवरिया बाईपास रोड जाम किया, फिर गोरखपुर लखनऊ राजमर्गा पर आ गए। इससे हड़कंप मच गया। आनन-फानन में एसपी सिटी विनय सिंह मौके पर पहुंचे। लोगों से बात भी की लेकिन जाम नहीं हटा। इसके बाद एसपी सिटी ने पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के एमडी एके सिंह से बात की। एमडी ने जल्द ही व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिलाया, तब जाकर जाम हट सका। दरअसल, बुधवार को सिद्धार्थनगर कालोनी में 16 किलो वाट का तार शार्ट सर्किट से टूट कर गिर गया था। गुरुवार को देर शाम तार बदलकर जैसे ही सप्लाई चालू की गई, वैसे ही खंभे का तार फिर शार्ट सर्किट से टूट गया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। उपकेंद्र पहुंच कर वहां ताला लगा कर सड़क पर प्रदर्शन करने लगे।
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0- ट्रांसफार्मर बना शोपीस
सिद्धार्थनगर कॉलोनी समेत आसपास के अन्य कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बेहतर करने के लिए विभाग की तरफ से एक महीने पहले ट्रांसफार्मर लगाया गया। एक माह बाद भी सप्लाई वाले तार को नहीं जोड़ा गया है। मुहल्ले वालों का कहना है कि पोल से जाने वाले तार पर बिजली का अतिरिक्त भार है। इसलिए अक्सर ऐसी घटना हो जाती हैं। अगर ट्रांसफार्मर से सप्लाई जोड़कर अलग-अलग बांट दी जाए तो अतिरिक्त बोझ भी नहीं पड़ेगा और उपभोक्ताओं को फुल वोल्टेज बिजली मिलेगी।
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रॉयल दरबार की घटना याद आ गई
मुहल्ले के रिंटू बुधवार शाम को घर के बाहर ही टहल रहे थे। अचानक जोर से आवाज और चिंगारी के साथ पोल पर शार्ट सर्किट होने लगा। ऐसे ही कुछ दिनों पहले रॉयल दरबार रेस्टोरेंट में भी शार्ट सर्किट से भयंकर आग लगी गई थी। शार्ट सर्किट से रॉयल दरबार की आग वाली घटना याद आ गई।
::: कोट
बुधवार की देर शाम शार्ट सर्किट की वजह से तार टूट गया था। रात को तार मंगा पाना संभव नहीं था। गुरुवार को औपचारिकताएं पूरी करते दोपहर 12 बज गया। इसके बाद तार भेजा गया। दूसरी जगह तार टूटने की सूचना मिली है। बार-बार तार टूटने की समीक्षा की जाएगी।
- संजय यादव, जेई
स्पीक अप
अपना घर होते हुए भी सुबह से ही लोग सड़कों पर समय काट रहे हैं। बिजली विभाग की लापरवाही है कि बार बार तार टूट रहा है।
- मनीष पांडेय
शार्ट सर्किट की आवाज सुनकर लगा कि जैसे गोली चल रही है। विभाग को फौरन सूचना दी गई फिर भी विभाग ने लापरवाही की जिस वजह से लोग परेशान रहे।
- मनोज शुक्ला
एक महीने पहले ही तार बदला गया था। यहां भी लगता है विभाग के लोग कमीशनबाजी का खेल रहे हैं। विभाग को किसी बड़ी अनहोनी के होने का इंतजार है।
- राजू सिंह
बिजली पानी के लिए लोग तरस गए हैं। कुछ लोगों ने तो अपने बच्चों को जानने वालों के घर भेज दिया है। पानी की बूंद-बूंद के लिए लोग 24 घंटे में तरस गए हैं।
- शैलेष यादव