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वायरल से बचाने में भी कारगर है योग
Updated Wed, 02 Aug 2017 01:50 AM IST
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गोरखपुर। सावन की फुहार यूं तो मन को खूब भाती है, लेकिन यह अपने साथ कई मौसमी बीमारियां भी लाती है। इन दिनों मौसमी बीमारियों से कई लोग परेशान हैं। कोई सर्दी-जुकाम से तंग है तो किसी को बुखार के साथ पूरे शरीर मेें दर्द की शिकायत है। चिकित्सक इसे वायरल और फंगल इंफेक्शन बता रहे हैं। इसके निदान के लिए लोग रुपये फूंक रहे हैं और वक्त भी बर्बाद हो रहा है। योग चिकित्सक इन परेशानियों के लिए योग को बेहद कारगर मानते हैं। उनका मानना है कि थोड़े वक्त का नियमित योग न सिर्फ आपको वायरल की चपेट में आने से बचा सकता है बल्कि बीमार होने के बाद जल्द स्वस्थ करने में भी मददगार साबित हो सकता है।
जिला चिकित्सालय के योग विशेषज्ञ डॉ. संतोष गुप्ता बताते हैं कि बारिश का मौसम वायरल और फंगल इंफेक्शन के लिए मुफीद होता है। इन दिनों जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ती है। इसीलिए सर्दी, जुकाम, बुखार, शरीर में जकड़न, जोड़ों मेें दर्द, सुस्ती, कमजोरी, फोड़े-फुंसी की दिक्कत वाले मरीज इस मौसम में बढ़ जाते हैं। योग से बिना किसी दवा के इन पर नियंत्रण पाया जा सकता है। बशर्ते इसे दिनचर्या में शामिल किया जाए। अनुलोम-विलोम जहां सर्दी, जुकाम और सांस की बीमारियों में कारगर है। वहीं पवनमुक्त आसन एवं वीरभद्रासन जोड़ों के दर्द में लाभदायक साबित होता है। गोरक्षासन रक्त संचार सुचारु करने के साथ ही इसका शुद्धिकरण भी करता है। शखासन और वज्रासन पेट संबंधी सभी रोगों में लाभकारी है। मत्स्य आसन एवं सर्वांग आसन थायराइड, अस्थमा समेत गायनिक समस्या से निजात दिलाता है।
जिला चिकित्सालय के योग विशेषज्ञ डॉ. संतोष गुप्ता बताते हैं कि बारिश का मौसम वायरल और फंगल इंफेक्शन के लिए मुफीद होता है। इन दिनों जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ती है। इसीलिए सर्दी, जुकाम, बुखार, शरीर में जकड़न, जोड़ों मेें दर्द, सुस्ती, कमजोरी, फोड़े-फुंसी की दिक्कत वाले मरीज इस मौसम में बढ़ जाते हैं। योग से बिना किसी दवा के इन पर नियंत्रण पाया जा सकता है। बशर्ते इसे दिनचर्या में शामिल किया जाए। अनुलोम-विलोम जहां सर्दी, जुकाम और सांस की बीमारियों में कारगर है। वहीं पवनमुक्त आसन एवं वीरभद्रासन जोड़ों के दर्द में लाभदायक साबित होता है। गोरक्षासन रक्त संचार सुचारु करने के साथ ही इसका शुद्धिकरण भी करता है। शखासन और वज्रासन पेट संबंधी सभी रोगों में लाभकारी है। मत्स्य आसन एवं सर्वांग आसन थायराइड, अस्थमा समेत गायनिक समस्या से निजात दिलाता है।
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