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इंसेफेलाइटिस से दो की मौत
Updated Sat, 23 Sep 2017 10:33 PM IST
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गोरखपुर।
पूर्वांचल के नौनिहालों के लिए काल का पर्याय बनी इंसेफेलाइटिस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीते 24 घंटे के दौरान इंसेफेलाइटिस पीड़ित दो मरीजों की मौत हो गई। वहीं इस दौरान इंसेफेलाइटिस के 15 नए मरीज भर्ती किए गए।
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि चिकित्सकों के अथक प्रयास के बाद भी इंसेफेलाइटिस के दो गंभीर मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी। बीमारी से दम तोड़ने वालों में बिहार के दिलीप (9) और कुशीनगर की शहनाज (24) शामिल हैं। इस साल अब तक इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या 255 हो गई है। वहीं इस बीच गोरखपुर से एक, कुशीनगर से तीन, सिद्धार्थनगर से दो, बलरामपुर से एक, देवरिया से चार, बिहार से दो, महराजगंज और बलिया के एक-एक नए मरीज इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती किए गए। इस बीच डॉक्टरों की मेहनत से 18 इंसेफेलाइटिस रोगियों को स्वस्थ करके घर भेजा गया। इस साल अब तक कुल 1195 इंसेफेलाइटिस पीड़ित भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 137 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है।
पूर्वांचल के नौनिहालों के लिए काल का पर्याय बनी इंसेफेलाइटिस का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में बीते 24 घंटे के दौरान इंसेफेलाइटिस पीड़ित दो मरीजों की मौत हो गई। वहीं इस दौरान इंसेफेलाइटिस के 15 नए मरीज भर्ती किए गए।
प्राचार्य डॉ. पीके सिंह ने बताया कि चिकित्सकों के अथक प्रयास के बाद भी इंसेफेलाइटिस के दो गंभीर मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी। बीमारी से दम तोड़ने वालों में बिहार के दिलीप (9) और कुशीनगर की शहनाज (24) शामिल हैं। इस साल अब तक इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ने वाले मरीजों की संख्या 255 हो गई है। वहीं इस बीच गोरखपुर से एक, कुशीनगर से तीन, सिद्धार्थनगर से दो, बलरामपुर से एक, देवरिया से चार, बिहार से दो, महराजगंज और बलिया के एक-एक नए मरीज इंसेफेलाइटिस वार्ड में भर्ती किए गए। इस बीच डॉक्टरों की मेहनत से 18 इंसेफेलाइटिस रोगियों को स्वस्थ करके घर भेजा गया। इस साल अब तक कुल 1195 इंसेफेलाइटिस पीड़ित भर्ती हो चुके हैं। इनमें से 137 मरीजों का इलाज अभी चल रहा है।
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