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शिक्षामित्रों ने ताला जड़ा
Updated Sat, 09 Sep 2017 01:04 AM IST
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गोरखपुर।
प्रदेश सरकार के 10 हजार मानदेय निर्धारण के विरोध में आंदोलित शिक्षामित्रों का प्रदर्शन शुक्रवार को भी चला। इस दौरान शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर के मेन गेट पर ताला जड़ दिया और शाम पांच बजे धरना खत्म होने के बाद खोला। इससे अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ कामकाज के बाबत आए लोग घंटों दफ्तर में कैद रहे।
शिक्षामित्र संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष गदाधर दुबे ने कहा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शिक्षामित्र सड़क पर आ गए हैं। सरकार ने भी सिर्फ 11 महीने के लिए 10 हजार रुपये मानदेय का फैसला कर दुख को और बढ़ा दिया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश भर में कई शिक्षामित्र सदमे में चले गए और कुछ की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षामित्रों के प्रति संवेदनहीन बन गई है। कुछ शिक्षामित्रों ने टेट भी पास किया है। इसके बाद भी प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री और अधिकारी शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद पर अयोग्य ठहरा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार मांगे नहीं मान लेती आंदोलन चलता रहेगा।
इस दौरान रंजना मिश्रा, सुनीता गुप्ता, कंचन त्रिपाठी, शशिकला, ममता, साधना, पूनम, मनोज यादव, दिग्विजय दुबे, संजय यादव, अखंड प्रताप, सुशील सिंह आदि मौजूद रहे।
प्रदेश सरकार के 10 हजार मानदेय निर्धारण के विरोध में आंदोलित शिक्षामित्रों का प्रदर्शन शुक्रवार को भी चला। इस दौरान शिक्षामित्रों ने बीएसए दफ्तर के मेन गेट पर ताला जड़ दिया और शाम पांच बजे धरना खत्म होने के बाद खोला। इससे अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ कामकाज के बाबत आए लोग घंटों दफ्तर में कैद रहे।
शिक्षामित्र संयुक्त मोर्चा के जिलाध्यक्ष गदाधर दुबे ने कहा सुप्रीम कोर्ट के फैसले से शिक्षामित्र सड़क पर आ गए हैं। सरकार ने भी सिर्फ 11 महीने के लिए 10 हजार रुपये मानदेय का फैसला कर दुख को और बढ़ा दिया है। सरकार के इस फैसले से प्रदेश भर में कई शिक्षामित्र सदमे में चले गए और कुछ की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षामित्रों के प्रति संवेदनहीन बन गई है। कुछ शिक्षामित्रों ने टेट भी पास किया है। इसके बाद भी प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री और अधिकारी शिक्षामित्रों को शिक्षक के पद पर अयोग्य ठहरा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक सरकार मांगे नहीं मान लेती आंदोलन चलता रहेगा।
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इस दौरान रंजना मिश्रा, सुनीता गुप्ता, कंचन त्रिपाठी, शशिकला, ममता, साधना, पूनम, मनोज यादव, दिग्विजय दुबे, संजय यादव, अखंड प्रताप, सुशील सिंह आदि मौजूद रहे।
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