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डूबे किसानों का 48 घंटे बाद भी पता नहीं
basti
Updated Sun, 31 Dec 2017 12:02 AM IST
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घाघरा नदी में नाव पलटने पर गायब लोगों को खोजते पीएसी के जवान और मछुआरे।
- फोटो : अमर उजाला
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विक्रमजोत(बस्ती)। दुबौलिया थाना क्षेत्र के पारा गांव के निकट घाघरा का चार किमी क्षेत्र खंगालने के बाद भी डूबे चार किसानों का पता नहीं लग सका है। शनिवार को गोंडा से पीएसी की एक और बटालियन बुलाई गई, जो मछुआरों के साथ नदी में खोजबीन में जुटी रही। बृहस्पतिवार देर शाम देवारागंगबरार ग्राम पंचायत के राजस्व गांव पारा निवासी प्रधान मुकेश सिंह(पिंटू) पारा और पिपरी गांव के चौबीस लोग को लेकर गेहूं की सिंचाई के लिए घाघरा पारा देवारा गंगबरार गए थे। लौटते समय नाव पलट गई, जिसमें मयाराम, बीहड़, छोटे लाल व सुरजीत धारा में बह गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची टीमों ने नदी में इनकी तलाश की मगर पता नहीं चल सका। सर्च अभियान में कोहरा भी बाधा बना हुआ है। वहीं शनिवार को प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री राम प्रसाद चौधरी घटना स्थल पर पहुंच परिवार के लोगो से मिले उन्हें ढांढस बंधाया।
अपनों को तलाश रहीं आंखें
घाघरा कि धारा में लापता हुए बीहड, छोटे लाल, मयाराम व सुरजीत को डूबे 48 घंटे से अधिक का समय बीत गया है। पूरा तंत्र इनको नदी में खोज रहा है, मगर परिवार के लोगों की आंखें अपनों की तलाश कर रहीं हैं। एक ओर बच्चे अपने पिता की राह देख कर रो रहे हैं तो दूसरी ओर अन्य परिवार के लोग यह मानने को तैयार नहीं कि वह लौट कर नहीं आएंगे।
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अपनों को तलाश रहीं आंखें
घाघरा कि धारा में लापता हुए बीहड, छोटे लाल, मयाराम व सुरजीत को डूबे 48 घंटे से अधिक का समय बीत गया है। पूरा तंत्र इनको नदी में खोज रहा है, मगर परिवार के लोगों की आंखें अपनों की तलाश कर रहीं हैं। एक ओर बच्चे अपने पिता की राह देख कर रो रहे हैं तो दूसरी ओर अन्य परिवार के लोग यह मानने को तैयार नहीं कि वह लौट कर नहीं आएंगे।
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