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एक्सईएन से छिना बलरामपुर का चार्ज
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 03 Oct 2015 10:39 PM IST
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एक तरफ जहां एटीएंडसी लॉसेस को छह फीसदी पर लाने वाले बलरामपुर जनपद की पावर कॉर्पोरेशन में वाहवाही हो रही है तो वहीं दूसरी ओर बलरामपुर और तुलसीपुर इलाके में होने वाली इमरजेंसी रोस्टिंग को लेकर यहां के एक्सईएन एसके ओझा को ऊर्जा राज्यमंत्री याशर शाह के आदेश पर हटा दिया गया है। अभी तक उनके स्थान पर किसी दूसरे एक्सईएन की तैनाती नहीं की गई है।
बताया जाता है कि कुछ दिनों से बलरामपुर और तुलसीपुर इलाके में बिजली की इमरजेंसी रोस्टिंग हो रही थी। साथ ही कुछ जगहों पर खराब पड़े ट्रांसफार्मर भी नहीं बदले जा रहे थे।
इसे लेकर लगातार एक्सईएन एसके ओझा पर लोगों को बिजली मुहैया कराने का दबाव बनता गया और विरोध स्वरूप लोगों को उनका घेराव तक करना पड़ा। बताते हैं कि इसकी शिकायत ऊर्जा मंत्री याशर शाह के पास पहुंचते ही उन्होंने एक्सईएन एसके ओझा को यहां से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
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दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि इमरजेंसी रोस्टिंग किस जिले और तहसील में कितनी देर की जाएगी, यह तय करना स्थानीय एक्सईएन के बजाए सिस्टम कंट्रोल का काम होता है, जो विभागीय हित में जब जी चाहे किसी भी जिले में बिजली की इमरजेंसी रोस्टिंग बगैर बताए पहले से कर सकता है।
ताकि ग्रिड फेल होने के खतरे से बचा जा सके। वहीं फुंके हुए जो ट्रांसफार्मर बलरामपुर में बदले जाते हैं, उसके लिए बलरामपुर में ट्रांसफार्मर मरम्मत की कोई वर्कशॉप नहीं है। ऐसे में यहां बदले जाने वाले ट्रांसफार्मर स्थानीय एक्सईएन को गोंडा व बहराइच के वर्कशॉप से मंगाने पड़ते हैं।
एक्सईएन एसके ओझा की मानें तो उनसे जो बन सकता था, वह उन्होंने बलरामपुर के लिए किया। अब उनका तबादला बलरामपुर से कर दिया गया है। यह तबादला क्यों और किस लिए किया गया, इस बारे में वह कुछ नहीं बताना चाहते।
बलरामपुर के एक्सईएन एसके ओझा को कुछ शिकायतों के आधार पर यहां से हटाया गया है। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं जानते। रही बात एटीएंडसी लॉसेस कम करने की तो यह बात बिल्कुल सही है कि बलरामपुर के अभियंताओं ने जिले ने एटीएंडसी लॉसेस कम करने में बड़ी मेहनत की है। -हर्ष मुंशी, मुख्य अभियंता देवीपाटन मंडल
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बताया जाता है कि कुछ दिनों से बलरामपुर और तुलसीपुर इलाके में बिजली की इमरजेंसी रोस्टिंग हो रही थी। साथ ही कुछ जगहों पर खराब पड़े ट्रांसफार्मर भी नहीं बदले जा रहे थे।
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इसे लेकर लगातार एक्सईएन एसके ओझा पर लोगों को बिजली मुहैया कराने का दबाव बनता गया और विरोध स्वरूप लोगों को उनका घेराव तक करना पड़ा। बताते हैं कि इसकी शिकायत ऊर्जा मंत्री याशर शाह के पास पहुंचते ही उन्होंने एक्सईएन एसके ओझा को यहां से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है।
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दूसरी ओर सूत्रों का कहना है कि इमरजेंसी रोस्टिंग किस जिले और तहसील में कितनी देर की जाएगी, यह तय करना स्थानीय एक्सईएन के बजाए सिस्टम कंट्रोल का काम होता है, जो विभागीय हित में जब जी चाहे किसी भी जिले में बिजली की इमरजेंसी रोस्टिंग बगैर बताए पहले से कर सकता है।
ताकि ग्रिड फेल होने के खतरे से बचा जा सके। वहीं फुंके हुए जो ट्रांसफार्मर बलरामपुर में बदले जाते हैं, उसके लिए बलरामपुर में ट्रांसफार्मर मरम्मत की कोई वर्कशॉप नहीं है। ऐसे में यहां बदले जाने वाले ट्रांसफार्मर स्थानीय एक्सईएन को गोंडा व बहराइच के वर्कशॉप से मंगाने पड़ते हैं।
एक्सईएन एसके ओझा की मानें तो उनसे जो बन सकता था, वह उन्होंने बलरामपुर के लिए किया। अब उनका तबादला बलरामपुर से कर दिया गया है। यह तबादला क्यों और किस लिए किया गया, इस बारे में वह कुछ नहीं बताना चाहते।
बलरामपुर के एक्सईएन एसके ओझा को कुछ शिकायतों के आधार पर यहां से हटाया गया है। इससे ज्यादा वह कुछ नहीं जानते। रही बात एटीएंडसी लॉसेस कम करने की तो यह बात बिल्कुल सही है कि बलरामपुर के अभियंताओं ने जिले ने एटीएंडसी लॉसेस कम करने में बड़ी मेहनत की है। -हर्ष मुंशी, मुख्य अभियंता देवीपाटन मंडल