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महिला कान्सटेबल कराएंगी गांवों की महिलाओं को सुरक्षा का एहसास
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गोंडा। गांवों की महिलाओं को सुरक्षा का एहसास कराने के लिए पहली बार महिला कांस्टेबल को बीट में उतारने की तैयारी है। अभी तक बीट में पुरुष कांस्टेबल ही जाया करते थे। गांवों की महिलाओं को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान व स्वावलम्बी बनाने के इरादे से बीपीओं जिम्मेदारी निभाएंगी।
जनपद के 18 थानों में तैनात महिला कांस्टेबल को गांवों की महिलाओं को जागरूक करने के लिए पहली बार बीट की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले थानों में तैैनात महिला कांस्टेबल थाना कार्यालय, प्रहरी, महिला हेल्प डेस्क समेत थाने अन्य कार्यों में अपनी भूमिका निभाती थीं।
मगर अब हरएक बीट में दो महिला कांस्टेबल को जिम्मेदारी निभानी होगी। महिला कांस्टेबल गांवों की महिलाओं से मिलकर उनकी दर्द को साझा करेंगी। अगर उन्हें कोई ऐसी समस्या है, जिसके बारे में वह किसी और से नहीं बता सकती हैं तो महिला कांस्टेबल उनसे मिलकर उनकी परेशानी को साझा करने के साथ ही उसका निराकरण करेंगी।
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महिला कांस्टेबल गांवों की महिलाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहकर किसी भी परिस्थिति का मुकाबला करने, मानसिक रूप से विषम परिस्थिति में निपटने, समाज में उनकी बेहतर भूमिका होने के साथ ही उन्हें सुरक्षा का एहसास भी कराएंगी।
बीट पुलिस ऑफीसर अपनी बीट में तैनात आशा संगनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिकाओं से जागरूकता फैलाने में मदद लेंगी। आशा संगनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिकाओं से समन्वय बनाकर गांव की महिलाओं को उनके अधिकार बताएंगी। जिससे वह अपनी सुरक्षा खुद कर सकें।
बालिकाओं व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस सजग है। बालिकाओं व महिलाओं के साथ अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन शिकंजा चलाया है। ऑपरेशन शिकंजा में ऐसे अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज करने समेत उनकी गिरफ्तारी करने व अदालतों में पैरवी करने उन्हें सजा दिलाने का काम पुलिस कर रही है।
जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज बालिका व महिला अपराध संबंधी 21 मुकदमों में पुलिस की पैरवी से अभी तक पॉक्सो एक्ट के पांच आरोपियों के साथ ही दहेज हत्या के दो आरोपियों को सजा दिला चुकी है।
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जनपद के 18 थानों में तैनात महिला कांस्टेबल को गांवों की महिलाओं को जागरूक करने के लिए पहली बार बीट की जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले थानों में तैैनात महिला कांस्टेबल थाना कार्यालय, प्रहरी, महिला हेल्प डेस्क समेत थाने अन्य कार्यों में अपनी भूमिका निभाती थीं।
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मगर अब हरएक बीट में दो महिला कांस्टेबल को जिम्मेदारी निभानी होगी। महिला कांस्टेबल गांवों की महिलाओं से मिलकर उनकी दर्द को साझा करेंगी। अगर उन्हें कोई ऐसी समस्या है, जिसके बारे में वह किसी और से नहीं बता सकती हैं तो महिला कांस्टेबल उनसे मिलकर उनकी परेशानी को साझा करने के साथ ही उसका निराकरण करेंगी।
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महिला कांस्टेबल गांवों की महिलाओं को शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहकर किसी भी परिस्थिति का मुकाबला करने, मानसिक रूप से विषम परिस्थिति में निपटने, समाज में उनकी बेहतर भूमिका होने के साथ ही उन्हें सुरक्षा का एहसास भी कराएंगी।
बीट पुलिस ऑफीसर अपनी बीट में तैनात आशा संगनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिकाओं से जागरूकता फैलाने में मदद लेंगी। आशा संगनी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व प्राथमिक विद्यालय की शिक्षिकाओं से समन्वय बनाकर गांव की महिलाओं को उनके अधिकार बताएंगी। जिससे वह अपनी सुरक्षा खुद कर सकें।
बालिकाओं व महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस सजग है। बालिकाओं व महिलाओं के साथ अपराध करने वालों के खिलाफ पुलिस ने ऑपरेशन शिकंजा चलाया है। ऑपरेशन शिकंजा में ऐसे अपराधियों के खिलाफ केस दर्ज करने समेत उनकी गिरफ्तारी करने व अदालतों में पैरवी करने उन्हें सजा दिलाने का काम पुलिस कर रही है।
जनपद के विभिन्न थानों में दर्ज बालिका व महिला अपराध संबंधी 21 मुकदमों में पुलिस की पैरवी से अभी तक पॉक्सो एक्ट के पांच आरोपियों के साथ ही दहेज हत्या के दो आरोपियों को सजा दिला चुकी है।