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Gonda News: जलगांव से नसीरुद्दीन का शव पहुंचा तो बिलख पड़े परिजन
Fri, 24 Jan 2025 11:03 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 24 Jan 2025 11:03 PM IST
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कटरा बाजार के असरना जोलाहनपुरवा गांव में युवक का शव पहुंचने पर जुटी भीड़। - संवाद
कटरा बाजार (गोंडा)। महाराष्ट्र के जलगांव में हुए ट्रेन हादसे में जान गंवाने वाले नसीरुद्दीन का शव शुक्रवार शाम पांच बजे कटरा बाजार के असरना गांव के जोलाहन पुरवा पहुंचा तो परिजन बिलख पड़े। गमगीन माहौल में गांव के कब्रिस्तान में नसीरुद्दीन को सुपुर्द-ए-खाक किया गया।
नसीरुद्दीन के पिता बदरुद्दीन सिद्दीकी व सभी भाई गमजदा थे। पिता तो शव देखते ही बेसुध हो गए। बिखलते हुए बुजुर्ग पिता ने बताया कि गरीबी के चलते परिवार की जीविका चलाने के लिए वह सऊदी अरब में रहकर मजदूरी करते थे। हर महीने घर पर पैसे भेजते थे। मुंबई जाने की जिद ने नसीरुद्दीन की जान ले ली। आवास पर रिश्तेदारों व गांव के लोगों का तांता लगा था। परिजनों के साथ ही गांव के लोग भी नसीरुद्दीन की मौत से गमजदा हैं। नसीरुद्दीन की बीमार मां को अभी तक बेटे की मौत की खबर नहीं दी गई है।
साथियों से हादसे की जानकारी लेते रहे लोग
नसीरुद्दीन का शव लेकर पहुंचे साथियों से गांव के लोग जलगांव में हुए हादसे की जानकारी लेते रहे। मो. सगीर व शोएब ने बताया कि उस दिन पुष्पक एक्सप्रेस की जनरल बोगी में काफी भीड़ थी। तभी ट्रेन में आग लगने का शोर मचने लगा। ट्रेन झटके खाकर रुकी तो लोग आनन-फानन कूदने लगे। इसी बीच दूसरे ट्रैक पर ट्रेन आने से नसीरुद्दीन समेत 12 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए।
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नसीरुद्दीन के पिता बदरुद्दीन सिद्दीकी व सभी भाई गमजदा थे। पिता तो शव देखते ही बेसुध हो गए। बिखलते हुए बुजुर्ग पिता ने बताया कि गरीबी के चलते परिवार की जीविका चलाने के लिए वह सऊदी अरब में रहकर मजदूरी करते थे। हर महीने घर पर पैसे भेजते थे। मुंबई जाने की जिद ने नसीरुद्दीन की जान ले ली। आवास पर रिश्तेदारों व गांव के लोगों का तांता लगा था। परिजनों के साथ ही गांव के लोग भी नसीरुद्दीन की मौत से गमजदा हैं। नसीरुद्दीन की बीमार मां को अभी तक बेटे की मौत की खबर नहीं दी गई है।
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साथियों से हादसे की जानकारी लेते रहे लोग
नसीरुद्दीन का शव लेकर पहुंचे साथियों से गांव के लोग जलगांव में हुए हादसे की जानकारी लेते रहे। मो. सगीर व शोएब ने बताया कि उस दिन पुष्पक एक्सप्रेस की जनरल बोगी में काफी भीड़ थी। तभी ट्रेन में आग लगने का शोर मचने लगा। ट्रेन झटके खाकर रुकी तो लोग आनन-फानन कूदने लगे। इसी बीच दूसरे ट्रैक पर ट्रेन आने से नसीरुद्दीन समेत 12 लोगों की जान चली गई और कई लोग घायल हो गए।
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