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कठेला तालाब लबालब, छह गांवों का संपर्क टूटा
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14द्दस्रड्डश्च11-गोंडा के हलधरमऊ ब्लाक के कठेला तालाब में आई बाढ़। (संवाद)
- फोटो : GONDA
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बालपुर (गोंडा)। अधिशासी अभियंता सरयू देनेट खंड प्रथम (नहर विभाग) ने 2 करोड़ रुपये के बजट से 42 किलोमीटर लंबाई में चंदहा नाले में खोदाई के बावजूद बाढ़ का पानी आ जाने से कठेला तालाब के आसपास किसानों की 10 हजार बीघा फसल पानी में डूबकर बर्बाद हो गई है।
विकास खंड हलधरमऊ के कठेला तालाब में चंदहा नाले का पानी आने से 6 गांवों के लोगों का संपर्क टूट गया है। किसानों की 10 हजार बीघा फसल पानी मे डूब गई है। पिछले साल भी किसानों की फसल पानी में डूबी थी। जिसका मुआवजा अभी तक किसानों को नही मिला है। सिंचाई विभाग इस बार 42 किलोमीटर चंदहा की खोदाई करने के लिए 32 किलोमीटर का टेंडर किया और 10 किलोमीटर सहायक अभियंता ने अंदर से 40 लाख का बजट पास कर दिया था।
किसान सत्यप्रकाश मिश्र के मुताबिक नाले को गहराई से नही खोदा गया केवल किनारे की मिट्टी निकाल कर छोड़ दिया। इसलिए फसल डूब गई है। जिसमें रविंद्र कुमार दूबे, अमित मिश्र, नरायन प्रसाद, श्याम बिहारी मिश्र, ब्रजेश शुक्ल, रामशंकर शुक्ल, ननके दूबे, राजपाल सिंह, राजाराम सिंह व रामकुमार दूबे सहित अन्य किसानों की गन्ना, धान, अरहर, उर्द व मक्का की फसल डूब गई है।
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तराई क्षेत्र होने से करीब छह किलोमीटर का पानी चंदहा नाले में आता है। नाला छिछला होने से प्रति वर्ष किसानों की फसल डूब जाती है। सिंचाई विभाग ने पहले से कठेला तालाब में बाढ़ का पानी न आए इसके लिए करीब सवा दो करोड़ के बजट से नाले की खोदाई करवाई लेकिन सारे दावे फेल हो गए। बाढ़ के पानी आने से बिरतिहन पुरवा, मिसिरपुरवा, बटौरा, लोहांगी, पतिसा, कठेला सहित अन्य गांव से संपर्क टूट गया है। इन गांवों के रास्ते के ऊपर करीब दो फिट पानी बह रहा है। प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार मिश्र ने गांव में नाव लगवाने की मांग उपजिलाधिकारी अधिकारी से की है।
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विकास खंड हलधरमऊ के कठेला तालाब में चंदहा नाले का पानी आने से 6 गांवों के लोगों का संपर्क टूट गया है। किसानों की 10 हजार बीघा फसल पानी मे डूब गई है। पिछले साल भी किसानों की फसल पानी में डूबी थी। जिसका मुआवजा अभी तक किसानों को नही मिला है। सिंचाई विभाग इस बार 42 किलोमीटर चंदहा की खोदाई करने के लिए 32 किलोमीटर का टेंडर किया और 10 किलोमीटर सहायक अभियंता ने अंदर से 40 लाख का बजट पास कर दिया था।
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किसान सत्यप्रकाश मिश्र के मुताबिक नाले को गहराई से नही खोदा गया केवल किनारे की मिट्टी निकाल कर छोड़ दिया। इसलिए फसल डूब गई है। जिसमें रविंद्र कुमार दूबे, अमित मिश्र, नरायन प्रसाद, श्याम बिहारी मिश्र, ब्रजेश शुक्ल, रामशंकर शुक्ल, ननके दूबे, राजपाल सिंह, राजाराम सिंह व रामकुमार दूबे सहित अन्य किसानों की गन्ना, धान, अरहर, उर्द व मक्का की फसल डूब गई है।
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तराई क्षेत्र होने से करीब छह किलोमीटर का पानी चंदहा नाले में आता है। नाला छिछला होने से प्रति वर्ष किसानों की फसल डूब जाती है। सिंचाई विभाग ने पहले से कठेला तालाब में बाढ़ का पानी न आए इसके लिए करीब सवा दो करोड़ के बजट से नाले की खोदाई करवाई लेकिन सारे दावे फेल हो गए। बाढ़ के पानी आने से बिरतिहन पुरवा, मिसिरपुरवा, बटौरा, लोहांगी, पतिसा, कठेला सहित अन्य गांव से संपर्क टूट गया है। इन गांवों के रास्ते के ऊपर करीब दो फिट पानी बह रहा है। प्रधान प्रतिनिधि रामकुमार मिश्र ने गांव में नाव लगवाने की मांग उपजिलाधिकारी अधिकारी से की है।