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बिना बोरिंग के ही अनुदान बांटने वाला अभियंता हटा
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1ोटो-7-अमर उजाला में प्रकाशित खबर। -संवाद
- फोटो : GONDA
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गोंडा। बिना बोरिंग कराए ही किसानों को अनुदान बांटने के मामले में सहायक अभियंता का तबादला हो गया है। आरोपों की जांच के बाद प्रशासनिक आधार पर सहायक अभियंता राकेश कुमार सिंह को लघु सिंचाई एवं जल प्रयोग प्रशिक्षण केंद्र बीकेटी लखनऊ भेजा गया है। तत्काल कार्य मुक्त किए जाने का आदेश था, लेकिन अभी तक स्थानांतरित नहीं किया गया है। विभाग के लोगों ने जिलाधिकारी से सहायक अभियंता को कार्य मुक्त किए जाने की मांग किया है। सहायक अभियंता के कारनामों की खबर अमर उजाला ने दो जून के अंक में माई सिटी के पहले पेज पर बिना बोरिंग के डेढ़ सौ किसानों को बांट दिया अनुदान शीर्षक से खबर प्रकाशित किया था। जिसकी जांच मुख्य अभियंता ने की थी।
लघु सिंचाई विभाग में किसानों को बोरिंग पर अनुदान दिए जाने की योजना का संचालन करता है। इसमें करनैलगंज के 150 किसानों को बिना बोरिंग के ही अनुदान दे दिए गए थे। इसमें सहायक अभियंता राजेश कुमार सिंह की भूमिका पर सवाल उठे थे। ब्लॉक के बोरिंग टैक्निशियन ने सत्यापन के दौरान बोरिंग न होने की रिपोर्ट ब्लाक व विभाग को दी थी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और मुख्य अभियंता रमाकांत तिवारी ने सहायक अभियंता के कार्यों की पड़ताल की।
विभाग के कर्मियों ने सहायक अभियंता की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कई मामलों की जानकारी दी। इसके बाद 30 जून को ही सहायक अभियंता को जिले से हटा दिया गया। सहायक अभियंता की कार्यशैली को देखते हुए विभाग ने माना कि इनकी तैनाती फील्ड में किया जाना उचित नहीं है। ऐसे में उन्हें लघु सिंचाई एवं जल प्रयोग प्रशिक्षण केंद्र पर तैनाती दी। वह जिले से कार्यमुक्त न होने के बहाने खोज रहा है। जिम्मेदार अधिकारी अभी मुख्य अभियंता के आदेश की अनदेखी कर रहे हैं। विभाग के कर्मियों ने सहायक अभियंता को कार्यमुक्त किए जाने की मांग किया है।
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लघु सिंचाई विभाग में किसानों को बोरिंग पर अनुदान दिए जाने की योजना का संचालन करता है। इसमें करनैलगंज के 150 किसानों को बिना बोरिंग के ही अनुदान दे दिए गए थे। इसमें सहायक अभियंता राजेश कुमार सिंह की भूमिका पर सवाल उठे थे। ब्लॉक के बोरिंग टैक्निशियन ने सत्यापन के दौरान बोरिंग न होने की रिपोर्ट ब्लाक व विभाग को दी थी। इसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और मुख्य अभियंता रमाकांत तिवारी ने सहायक अभियंता के कार्यों की पड़ताल की।
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विभाग के कर्मियों ने सहायक अभियंता की कार्यशैली पर सवाल उठाए और कई मामलों की जानकारी दी। इसके बाद 30 जून को ही सहायक अभियंता को जिले से हटा दिया गया। सहायक अभियंता की कार्यशैली को देखते हुए विभाग ने माना कि इनकी तैनाती फील्ड में किया जाना उचित नहीं है। ऐसे में उन्हें लघु सिंचाई एवं जल प्रयोग प्रशिक्षण केंद्र पर तैनाती दी। वह जिले से कार्यमुक्त न होने के बहाने खोज रहा है। जिम्मेदार अधिकारी अभी मुख्य अभियंता के आदेश की अनदेखी कर रहे हैं। विभाग के कर्मियों ने सहायक अभियंता को कार्यमुक्त किए जाने की मांग किया है।
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