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Gonda News: जिले के 25 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा शुरू
Tue, 19 May 2026 11:57 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Tue, 19 May 2026 11:57 PM IST
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गोंडा। बच्चों को पढ़ाई के साथ रोजगारपरक शिक्षा से जोड़ने के लिए जिले के 25 माध्यमिक विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शुरू की गई इस व्यवस्था का उद्देश्य विद्यार्थियों को शुरुआती स्तर से ही कौशल आधारित प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाना है।
कार्यक्रम के तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को सेवा, निर्माण और कृषि सेक्टर से जुड़े विभिन्न ट्रेड्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और कॅरिअर काउंसिलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। साल में दो से तीन बार कॅरिअर काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्र अपने भविष्य को लेकर सही दिशा चुन सकें।
पहले चरण में जिले के नौ राजकीय और 16 सहायता प्राप्त विद्यालयों को इस योजना में शामिल किया गया है। व्यावसायिक शिक्षा के संचालन में आईटीआई, पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग, स्किल इंडिया मिशन और यूपी स्किल डेवलपमेंट मिशन सहित कई विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। विद्यालयों में कम से कम चार व्यावसायिक ट्रेड्स के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें एक ट्रेड ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) से संबंधित होगा। कक्षा 9 और 10 में दो ट्रेड तथा कक्षा 11 और 12 में एक ट्रेड को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है।
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डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ नया हुनर सीखने और भविष्य में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
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कार्यक्रम के तहत कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों को सेवा, निर्माण और कृषि सेक्टर से जुड़े विभिन्न ट्रेड्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि व्यावहारिक प्रशिक्षण, इंटर्नशिप और कॅरिअर काउंसिलिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। साल में दो से तीन बार कॅरिअर काउंसिलिंग सत्र आयोजित किए जाएंगे, ताकि छात्र अपने भविष्य को लेकर सही दिशा चुन सकें।
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पहले चरण में जिले के नौ राजकीय और 16 सहायता प्राप्त विद्यालयों को इस योजना में शामिल किया गया है। व्यावसायिक शिक्षा के संचालन में आईटीआई, पॉलीटेक्निक, इंजीनियरिंग कॉलेज, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग, स्किल इंडिया मिशन और यूपी स्किल डेवलपमेंट मिशन सहित कई विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। विद्यालयों में कम से कम चार व्यावसायिक ट्रेड्स के विकल्प उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें एक ट्रेड ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ओडीओपी) से संबंधित होगा। कक्षा 9 और 10 में दो ट्रेड तथा कक्षा 11 और 12 में एक ट्रेड को अनिवार्य रूप से लागू किया गया है।
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डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ नया हुनर सीखने और भविष्य में स्वरोजगार के अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी।