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लोगों की आंखों में दिख रहा मौत का खौफ
बलरामपुर/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:03 PM IST
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दहलवा पहाड़ी नाले में गुरुवार रात गिरी श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के हादसे में बचे लोगों की आंखों में अभी भी मौत का खौफ साफ दिख रहा है। दुर्घटना के बाद किसी तरह पानी से बाहर निकले श्रद्धालुओं की आवाज कुछ भी बोलते समय कांप रही है। यह लोग खुद किस तरह से जिंदगी की जंग जीतने में सफल हुए, यह उन्हें भी नहीं पता।
हिम्मतपुरवा निवासी जगतराम, रतिराम, राजेंद्र, अयोध्या प्रसाद, राजेश कुमार व संतोष ने बताया कि वह लोग राप्ती नदी के बेला घाट पर मूर्ति का विसर्जन कर घर लौट रहे थे।
चिकनौटा गांव के पास दहलवा पहाड़ी नाले के पुल पर चढ़ते हुए ट्रैक्टर अचानक बंद हो गया। ट्रैक्टर बंद होते ही चालक ने गाड़ी पर अपना नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पीछे फिसल कर पानी से भरे करीब 20 फीट गहरे कुंड में गिर गई।
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ट्रॉली पर बैठे सभी बड़े व बच्चे ट्रॉली के पीछे का डाला खुला होने के कारण गहरे पानी में गिर गए। अंधेरा होने से सबको अपनी-अपनी जान की चिंता थी। कौन कहां डूब रहा है, इस बात की चिंता किए बगैर लोग खुद किसी तरह पानी से बाहर निकलने के लिए चीख रहे थे।
ट्रॉली में सवार मासूम बच्चे पानी की गहराई को मात नहीं दे सके और उसमें डूब गए। आसपास के लोग तथा पुलिस व प्रशासनिक अफसर भी काफी देर तक मशक्कत के बाद पानी में डूबे लोगों को बाहर निकाल सके।
पानी से ज्यों-ज्यों मासूमों के शव बाहर निकल रहे थे, वैसे-वैसे उनके परिवारीजनों की धड़कनें तेज हो रही थंी। सब लोग ऊपर वाले से यह प्रार्थना कर रहे थे कि उनका बच्चा जब पानी से बाहर आए तो उसकी सांस चलती हुए मिले, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। करीब 12 घंटे के रेस्क्यू में 11 लोगों का शव पानी से बाहर निकालकर परिवारीजनों के हवाले किया गया।
हादसे में पटोहाकोट निवासी 10 वर्षीय पूजा व उसका 8 वर्षीय छोटा भाई चंदन डूबकर मर गए। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में गए सुखदेवपुरवा निवासी पंडित शिव कुमार पाठक का 8 वर्षीय पुत्र चंदन उनकी आंखों के सामने डूब गया।
सुखदेवपुरवा के ही मुन्नालाल के दो बच्चे 6 वर्षीय सलोनी तथा पांच वर्षीय चंद्र प्रकाश भी दुर्घटना में डूबकर मर गए। नहान के दो बच्चे 10 वर्षीय दशरथ तथा 9 वर्षीय लवकुश की भी दुर्घटना में डूबकर मौत हो गई।
सगे भाई-बहनों व सगे भाइयों की हुई मौत ने परिवारीजनों को हिलाकर रख दिया। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। रह-रहकर गांव में पहुंच रहीं प्रशासनिक गाड़ियां ही मातमी सन्नाटे को दूर कर रही हैं। पीड़ित परिवारों के घरों के चूल्हे तीन दिनों से बुझे हुए हैं।
दुर्घटना में मारे गए बच्चों के परिवारीजनों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन ने दुर्घटना की विस्तृत रिपोर्ट शासन तथा उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
पहाड़ी नाले में हुई दुर्घटना में मारे गए श्रद्घालुओं के घर जाकर जंतु उद्यान राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव ने पीड़ित परिवारीजनों से मुलाकात की।
मंत्री ने परिवार के लोगों को सांत्वना देते हुए प्रदेश सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि वह इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मंत्री ने अस्पताल जाकर मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।
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हिम्मतपुरवा निवासी जगतराम, रतिराम, राजेंद्र, अयोध्या प्रसाद, राजेश कुमार व संतोष ने बताया कि वह लोग राप्ती नदी के बेला घाट पर मूर्ति का विसर्जन कर घर लौट रहे थे।
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चिकनौटा गांव के पास दहलवा पहाड़ी नाले के पुल पर चढ़ते हुए ट्रैक्टर अचानक बंद हो गया। ट्रैक्टर बंद होते ही चालक ने गाड़ी पर अपना नियंत्रण खो दिया और गाड़ी पीछे फिसल कर पानी से भरे करीब 20 फीट गहरे कुंड में गिर गई।
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ट्रॉली पर बैठे सभी बड़े व बच्चे ट्रॉली के पीछे का डाला खुला होने के कारण गहरे पानी में गिर गए। अंधेरा होने से सबको अपनी-अपनी जान की चिंता थी। कौन कहां डूब रहा है, इस बात की चिंता किए बगैर लोग खुद किसी तरह पानी से बाहर निकलने के लिए चीख रहे थे।
ट्रॉली में सवार मासूम बच्चे पानी की गहराई को मात नहीं दे सके और उसमें डूब गए। आसपास के लोग तथा पुलिस व प्रशासनिक अफसर भी काफी देर तक मशक्कत के बाद पानी में डूबे लोगों को बाहर निकाल सके।
पानी से ज्यों-ज्यों मासूमों के शव बाहर निकल रहे थे, वैसे-वैसे उनके परिवारीजनों की धड़कनें तेज हो रही थंी। सब लोग ऊपर वाले से यह प्रार्थना कर रहे थे कि उनका बच्चा जब पानी से बाहर आए तो उसकी सांस चलती हुए मिले, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। करीब 12 घंटे के रेस्क्यू में 11 लोगों का शव पानी से बाहर निकालकर परिवारीजनों के हवाले किया गया।
हादसे में पटोहाकोट निवासी 10 वर्षीय पूजा व उसका 8 वर्षीय छोटा भाई चंदन डूबकर मर गए। दुर्गा प्रतिमा विसर्जन में गए सुखदेवपुरवा निवासी पंडित शिव कुमार पाठक का 8 वर्षीय पुत्र चंदन उनकी आंखों के सामने डूब गया।
सुखदेवपुरवा के ही मुन्नालाल के दो बच्चे 6 वर्षीय सलोनी तथा पांच वर्षीय चंद्र प्रकाश भी दुर्घटना में डूबकर मर गए। नहान के दो बच्चे 10 वर्षीय दशरथ तथा 9 वर्षीय लवकुश की भी दुर्घटना में डूबकर मौत हो गई।
सगे भाई-बहनों व सगे भाइयों की हुई मौत ने परिवारीजनों को हिलाकर रख दिया। गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। रह-रहकर गांव में पहुंच रहीं प्रशासनिक गाड़ियां ही मातमी सन्नाटे को दूर कर रही हैं। पीड़ित परिवारों के घरों के चूल्हे तीन दिनों से बुझे हुए हैं।
दुर्घटना में मारे गए बच्चों के परिवारीजनों को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिला प्रशासन ने दुर्घटना की विस्तृत रिपोर्ट शासन तथा उच्चाधिकारियों को भेज दी है।
पहाड़ी नाले में हुई दुर्घटना में मारे गए श्रद्घालुओं के घर जाकर जंतु उद्यान राज्य मंत्री डॉ. एसपी यादव ने पीड़ित परिवारीजनों से मुलाकात की।
मंत्री ने परिवार के लोगों को सांत्वना देते हुए प्रदेश सरकार की तरफ से हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि वह इस संकट की घड़ी में पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मंत्री ने अस्पताल जाकर मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।