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UP : सीमेंट घोटाले में जेई गिरफ्तार, स्टॉक होने के बावजूद सीमेंट खरीदकर किया था 83.54 लाख का गबन
Tue, 04 Nov 2025 08:33 PM IST
आकाश द्विवेदी
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
Published by: आकाश द्विवेदी
Updated Tue, 04 Nov 2025 08:33 PM IST
सार
गोंडा में 2012 में सीमेंट घोटाले का मामला उजागर हुआ था। आरोप था कि तत्कालीन अधिकारियों ने सीमेंट होते हुए भी नियमों की अनदेखी कर आपूर्ति लेकर 83,54,500 रुपये का गबन कर लिया।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
ईओडब्ल्यू की टीम ने सीमेंट घोटाले में सिंचाई विभाग के सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम गोंडा के तत्कालीन अवर अभियंता हरदत्त मिश्र निवासी ग्राम छबीना तिलकबार थाना औद्योगिक क्षेत्र, प्रयागराज को लखनऊ के सरोजनी नगर से गिरफ्तार किया है।
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वहीं, ईओडब्ल्यू की एसआईटी ने नजूल की जमीन घोटाले के आरोपी अंबिका प्रसाद निवासी मटेहरा थाना खरगूपुर को गोंडा में बड़गांव के छेदीपुरवा से गिरफ्तार किया है। टीम ने दोनों आरोपियों को लखनऊ की सीबीआई कोर्ट में पेश किया। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया।
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सिंचाई विभाग के सरयू ड्रेनेज खंड प्रथम गोंडा में वर्ष 2012 में सीमेंट घोटाले का मामला उजागर हुआ था। आरोप था कि तत्कालीन अधिकारियों ने साजिश के तहत पर्याप्त मात्रा में सीमेंट होते हुए भी नियमों की अनदेखी करके प्रेम इंटरप्राइजेज फैजाबाद व द्विवेदी कंस्ट्रक्शन गोंडा से 10,820 बोरी सीमेंट आपूर्ति लेकर 83,54,500 रुपये का गबन कर लिया।
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मामले में नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। बाद में विवेचना ईओडब्ल्यू को दे दी गई थी। ईओडब्ल्यू की विवेचना में अवर अभियंता हरदत्त मिश्र दोषी पाए गए। फरार चल रहे हरदत्त मिश्र को ईओडब्ल्यू की टीम तलाश रही थी। सोमवार को ईओडब्ल्यू की टीम ने तत्कालीन अवर अभियंता हरदत्त मिश्र को गिरफ्तार कर लिया।
वहीं, एसआईटी लखनऊ के इंस्पेक्टर मनोज तिवारी ने बताया कि गोंडा में नजूल की जमीन के फर्जी विलेख तैयार करके सदर तहसील के निबंधन कार्यालय के अभिलेखागार के मूल अभिलेखों में छेड़छाड़ करके फर्जी विलेख लगाकर करोड़ों की भूमि का बैनामा करने का मामला उजागर हुआ था। सब रजिस्ट्रार की जांच में फर्जी मामला सामने आने के बाद निबंधन कार्यालय के लिपिक अरविंद कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में आरोपी अंबिका प्रसाद की गिरफ्तारी की गई है।