{"_id":"5846f9964f1c1be059448a30","slug":"unfinished-construction-of-water-tanks-in-39-villages","type":"story","status":"publish","title_hn":"39 गांवों में पानी टंकी का निर्माण अधूरा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
39 गांवों में पानी टंकी का निर्माण अधूरा
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 06 Dec 2016 11:17 PM IST
विज्ञापन
अधूरी पड़ी पानी टंकी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जनता को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने को लेकर संचालित की गई नीर निर्मल परियोजना अधिकारियों की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। जिले की 37 ग्राम पंचायतों के 39 राजस्व गांवों में 62 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पानी की टंकियाें का निर्माण समय सीमा बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है। इस लापरवाही के कारण पीने के लिए जनता के साफ पानी के सपने पर पानी फिर रहा है।
ग्रामीण क्षेत्र की जनता को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के पेयजल मंत्रालय, विश्व बैंक व उत्तर प्रदेश सरकार की सहायता से नीर निर्मल परियोजना संचालित की जा रही है।
इसके लिए वर्ष 2014 में जिले की 37 ग्राम पंचायतों के 39 राजस्व गांवों को चयनित किया गया था। इन गांवों में पानी की टंकी के साथ वाटर पंप ट्यूबवेल व पाइप लाइन बिछाने का काम कराने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
विज्ञापन
इन टंकियों के निर्माण के लिए 62.62 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया गया था और इसके निर्माण का जिम्मा जल निगम को दिया गया था। 18 माह में इस काम को पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अधिकारियों की शिथिलता से इन टंकियों के निर्माण का काम तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है।
अक्तूबर की रिपोर्ट के मुताबिक महज सात टंकियों का निर्माण 90 प्रतिशत तक पूरा हो पाया है, जबकि 29 गांवों में निर्माण कार्य की स्थिति काफी खराब है। करीब 20 गांवों में तो अब तक वाटर पंप व ट्यूबवेल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इसके अलावा तीन गांवों परसपुर के सरैया नानू, वजीरगंज के मोहनपुर व परसपुर के ही सालपुर धौताल में निर्माण कार्य अभी शुरू भी नहीं हो पाया है।
प्रभारी डीएम गोंडा जयंत कुमार दीक्षित ने कहा कि नीर निर्मल परियोजना के अंतर्गत बनाई जा रही पानी की टंकियों के निर्माण में हो रही देरी पर संबंधित निर्माण एजेंसी से जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही जांच कराकर शिथिलता बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पानी की टंकी वजीरगंज के डल्लापुर, चेतपुर, मोहनपुर, नगवा, परसा महडौर, बनघुसरा, डुमरियाडीह व रामपुर खरहटा। तरबगंज के ढोढ़ेपुर, बनगंाव व परसपुर के सालपुर धौताल, सरैया नान्हू व गोगिया, बेलसर के धनई पट्टी, इटियाथोक के बिहुरी पूरे हाड़ा, करमडीह कला, अहिरौलिया, करुआपारा व श्रीनगर, मुजेहना के माधवगंज, करनैलगंज के भंभुआ, पारा व कोटिया मदारा। कटरा बाजार के मेहरबानाबाद, हलधरमऊ के परसा गोंडरी, मछलीगंाव ननकार, मिश्रौलिया कला, मनकापुर के पचपुती जगतापुर, दतौली, लमती उकरहवा, कुडासन व ज्ञानीपुर रामप्रसाद, छपिया के सकदरपुर, रानीजोत, बखरौली, वासुदेवपुर ग्रंट व पायरखास, रुपईडीह के लोनावा दरगाह में बनार्ई जा रही है।
विज्ञापन
ग्रामीण क्षेत्र की जनता को पीने के लिए साफ पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से भारत सरकार के पेयजल मंत्रालय, विश्व बैंक व उत्तर प्रदेश सरकार की सहायता से नीर निर्मल परियोजना संचालित की जा रही है।
विज्ञापन
इसके लिए वर्ष 2014 में जिले की 37 ग्राम पंचायतों के 39 राजस्व गांवों को चयनित किया गया था। इन गांवों में पानी की टंकी के साथ वाटर पंप ट्यूबवेल व पाइप लाइन बिछाने का काम कराने की स्वीकृति प्रदान की गई थी।
विज्ञापन
इन टंकियों के निर्माण के लिए 62.62 करोड़ रुपये की राशि का आवंटन किया गया था और इसके निर्माण का जिम्मा जल निगम को दिया गया था। 18 माह में इस काम को पूरा कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अधिकारियों की शिथिलता से इन टंकियों के निर्माण का काम तीन वर्ष बीत जाने के बाद भी अधूरा पड़ा है।
अक्तूबर की रिपोर्ट के मुताबिक महज सात टंकियों का निर्माण 90 प्रतिशत तक पूरा हो पाया है, जबकि 29 गांवों में निर्माण कार्य की स्थिति काफी खराब है। करीब 20 गांवों में तो अब तक वाटर पंप व ट्यूबवेल का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। इसके अलावा तीन गांवों परसपुर के सरैया नानू, वजीरगंज के मोहनपुर व परसपुर के ही सालपुर धौताल में निर्माण कार्य अभी शुरू भी नहीं हो पाया है।
प्रभारी डीएम गोंडा जयंत कुमार दीक्षित ने कहा कि नीर निर्मल परियोजना के अंतर्गत बनाई जा रही पानी की टंकियों के निर्माण में हो रही देरी पर संबंधित निर्माण एजेंसी से जवाब तलब किया जाएगा। साथ ही जांच कराकर शिथिलता बरतने वाले अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
पानी की टंकी वजीरगंज के डल्लापुर, चेतपुर, मोहनपुर, नगवा, परसा महडौर, बनघुसरा, डुमरियाडीह व रामपुर खरहटा। तरबगंज के ढोढ़ेपुर, बनगंाव व परसपुर के सालपुर धौताल, सरैया नान्हू व गोगिया, बेलसर के धनई पट्टी, इटियाथोक के बिहुरी पूरे हाड़ा, करमडीह कला, अहिरौलिया, करुआपारा व श्रीनगर, मुजेहना के माधवगंज, करनैलगंज के भंभुआ, पारा व कोटिया मदारा। कटरा बाजार के मेहरबानाबाद, हलधरमऊ के परसा गोंडरी, मछलीगंाव ननकार, मिश्रौलिया कला, मनकापुर के पचपुती जगतापुर, दतौली, लमती उकरहवा, कुडासन व ज्ञानीपुर रामप्रसाद, छपिया के सकदरपुर, रानीजोत, बखरौली, वासुदेवपुर ग्रंट व पायरखास, रुपईडीह के लोनावा दरगाह में बनार्ई जा रही है।