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डायरिया से दो की मौत, दस भर्ती

Sat, 30 Apr 2022 11:15 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Apr 2022 11:15 PM IST
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Two die of diarrhea, 10 admitted
गोंडा। भीषण गर्मी के प्रकोप से डायरिया के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। खासकर छोटे बच्चे अधिक बीमार हो रहे हैं। जिला अस्पताल में शनिवार को डायरिया से पीड़ित दस मरीज भर्ती किए गये, वहीं अलग-अलग स्थानों पर डायरिया से पीड़ित दो लोगों की जान चली गई।
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बेतहाशा पड़ रही गर्मी से गांवों में डायरिया का कहर बढ़ता जा रहा है। छोटे बच्चों से लेकर बड़े तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल में एक ही दिन में डायरिया से पीड़ित दस मरीजों को भर्ती किया गया। वहीं, बालपुर क्षेत्र में 16 वर्षीय शिल्पी तथा इटियाथोक क्षेत्र के छह वर्षीय शांतनु की स्थानीय क्लीनिक में इलाज के दौरान मौत हो गई।
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शुक्रवार को वजीरगंज के रमचेरापुर निवासी ललित की नौ महीने की बेटी कीर्ति को उल्टी-दस्त की शिकायत पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं, देहात कोतवाली के बादीपुरवा निवासी श्यामनाथ गुप्ता की आठ वर्षीय पुत्री सरिता, करनपुर के बारह वर्षीय विपिन, बनगांव की गुड़िया, माझा तरहर की मिथलेश, फोविसगंज की रामकला, विद्यानगर की रीता व रानीपुरवा के विजय सोनकर समेत दस लोगों को जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन व मेडिकल वार्ड में भर्ती कराया गया।
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जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार ने बताया कि गर्मी बढ़ने से बच्चों में डायरिया का प्रकोप बढ़ा गया है। अनियमित व दूषित खान-पान के अलावा नवजात को बोतल का दूध पिलाने से डायरिया के मामले बढ़ रहे हैं। ओपीडी में हर रोज औसतन 80 बच्चे उल्टी-दस्त से बीमार होकर आ रहे हैं। डायरिया से बचाव के लिए साफ पानी पीना चाहिए। बाहर के खाने व कटे फल से परहेज के साथ बासी खाना व फास्ट फूड के सेवन से बचना चाहिए। साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें। पेट में दर्द की समस्या हो तो देर किए बिना चिकित्सक से सलाह लें।
जिला अस्पताल के बालरोग विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार के अनुसार डायरिया व अन्य पेट से संबधित बीमारियों का सबसे बड़ा कारण छोटे बच्चों को बोतल का दूध पिलाना है। महिलाएं स्तनपान या चम्मच से दूध न पिलाकर प्लास्टिक के बोतल से दूध पिलाना ज्यादा सुविधाजनक समझती हैं जो बच्चों के लिए मीठे जहर के समान होता है। इससे बच्चे डायरिया समेत पेट संबंधी अन्य बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।
वहीं, विकासखंड हलधरमऊ की गौरवाखुर्द ग्राम पंचायत के मजरे दुर्जन पुरवा में महामारी फैलने से 16 वर्षीय किशोरी की मौत हो गयी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर दवा के छिड़काव के साथ भौतिक सत्यापन किया। हलधरमऊ सीएचसी के अधीक्षक डॉ. संत प्रताप वर्मा ने बताया कि गौरवाखुर्द निवासी जीवनलाल ने 28 अप्रैल को फोन पर महामारी फैलने की सूचना दी।

बताया कि उल्टी-दस्त से संतोष कुमार की पुत्री शिल्पी अधिक बीमार है तथा गांव में कई बच्चे इसी प्रकार की बीमारी से ग्रसित हैं। दूसरे दिन देर रात शिल्पी की मौत हो गई। सूचना मिलते ही सीएचसी की पांच सदस्यीय टीम ने गांव पहुंचकर ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराया तथा जरूरी दवा व ओआरएस का घोल वितरित किया। टीम में फार्मासिस्ट अनिल कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह, राहुल पांडेय, ललित कुमार व जितेंद्र कुमार ने ओआरएस की पैकेट व कोलोरिन की टेबलेट वितरण किया।
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